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शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

आईये कि आपको दिल वालों की दिल्ली बुला रही है ........ ब्लॉग महाकुंभ ३० अप्रैल २०११





   







हिंदी ब्लॉगर मिलन के लिए अब एक कुंभ स्थल का शक्ल ले चुकी राजधानी दिल्ली ने एक बार फ़िर से तैयारी कर ली है एक मिलन , नहीं नहीं महामिलन की । जैसा कि सभी हिंदी ब्लॉगर मित्र जानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों से हिंदी ब्लॉग लेखन , ब्लॉग पोस्टों , और हिंदी ब्लॉगर्स पर ब्लॉगर श्री रविंद्र प्रभात जी अपनी पैनी नज़र बनाए हुए हैं । वे विगत वर्षों में न सिर्फ़ हिंदी ब्लॉगिंग का वृहद विश्लेषण करते रहे हैं बल्कि पिछले वर्ष परिकल्पना महोत्सव का आयोजन अंतर्जाल पर करके उन्होंने जैसे पूरे ब्लॉगजगत को एक सूत्र में बांध दिया । अब एक नई परंपरा को स्थापित करते हुए और एक एतिहासिक पहल करते हुए परिकल्पना महोत्सव में भाग लेने वाले सभी ब्लॉगर बंधुओं के साथ ही अन्य बहुत सी ब्लॉग प्रतिभाओं को कल यानि शनिवार ३० अप्रैल ,२०११ को , नई दिल्ली के आई टी ओ चौराहे के पास स्थित हिंदी भवन में आयोजित किए जाने वाले एक भव्य समारोह में सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । श्री रविंद्र प्रभात जी के साथ ही नुक्कड डॉट कॉम के संचालक एवं हिंदी ब्लॉगिंग की नेटवर्क रीढ कहे जाने माने जाने वाले श्री अविनाश वाचस्पति जी ने भी हिंदी साहित्य सदन के साथ मिलकर ब्लॉग प्रतिभाओं को सम्मानित करने की योजना बनाई है । इन सम्मानों की सूचना एवं सम्मानित ब्लॉगरों की सूची यहां देखी जा सकती है ।


इस समारोह में न सिर्फ़ हिंदी ब्लॉगर्स को सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम है बल्कि हिंदी ब्लॉगिंग पर लिखी एवं संपादित की गई दो पुस्तकों का लोकार्पण , न्यू मीडिया के विभिन्न आयामों पर संगोष्ठी , कई साहित्यिक पत्र पत्रिकाओं एवं हिंदी साहित्य के पुस्तकों के लोकार्पण की भी योजना है ।


 

 



सबसे खुशी की बात ये है कि इस कार्यक्रम में शिरकत के लिए न सिर्द देश भर से बल्कि , बहुत सारे मित्र साथी विदेश तक से आने की सहमित जता चुके हैं । और इस पोस्ट के लिखे जाने तक बहुत सारे मित्र ब्लॉगर्स दिल्ली पहुंच चुके हैं और बहुत अपनी यात्रा शुरू कर चुके हैं । छत्तीसगढ से तो हिंदी ब्लॉगर्स का एक पूरा प्रतिनिधिमंडल ही इस ब्लॉग महाकुंभ में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवाने आ रहा है । तो आप सभी जो भी हिंदी अंतर्जाल से जुडे हुए हैं , हिंदी लेखन पठन से स्नेह रखते हैं , आप सब भी इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित हैं । आईये दिल्ली , दिल्ली के दिलवाले और हिंदी के तमाम सेवक आपका स्वागत करते हैं ...हम बाहें फ़ैलाए आपसे मिलने को आतुर हैं इस उम्मीद में कि जीवन में कम से कम एक बार गले मिलने के इस अवसर को न तो आप गंवाना चाहेंगे न ही हम

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

नहीं खत्म हुई है लडाई ........अभी तो और लडना है भाई ...जंतर मंतर पर आज का दिन




ये वो नौनिहाल हैं जो कल अपनी इस लडाई का परिणाम देखेंगे तो खुद पर गर्व करेंगे , और ये देश भी इन पर गर्व करेगा


क्या कोई राजनीतिक दल , कोई राजनेता झुका डरा सकता है इस अवाम को ?



इस महासमर में जाने कौन कौन कहां कहां से शामिल है ......और आप ?




अब कोई नहीं कह सकता कि देश का युवा आंदोलन क्यों नहीं करता

बंद है मुट्ठी , और तनी है मुट्ठी .,..बस एक प्रहार ..और गई सरकार



ये जनसैलाब है बाबू ,,,,,,देश की जनता है ..कौन रोक सकता है इस आंधी को अब



स्कूल तो कल भी खुलेगा और पढाई कल भी होगी ...आज जो करना है वो कल नहीं होगा

इन्हें गौर से देखिए .दुनिया इन्हें नेत्रहीन कहती है ....मगर ये नेत्रहीन हैं या सरकार ....आप खुद तय करिए ..


देश की अगली पीढी ....कतार बद्ध और प्रति बद्ध  भी कटि बद्ध भी ..

यदि जोर से फ़ूंक भर मार दे , हुंकर भर ले तो पल में सियासत धूल चाटती नज़र आएगी






आप सिर्फ़ अनुभव करिए इस आग को अपने भीतर और जहां हैं वहीं से जलाइए

ये प्रवाह अब रुकने वाला नहीं है

गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

जंतर मंतर से लौट कर -2 .......अन्ना की आंधी में उड जाएगी हुकूमत

देखिए कि एक संत ने फ़िर से छेड दी है आजादी की दूसरी लडाई ....और जानिए ..क्योंकि अब नहीं निकले आप अपने घरों से तो फ़िर ..कब निकलेंगें ...लिखिए पढिए ..बहस करिए ....हर तरफ़ से एक आवाज उठनी चाहिए कि जो इस बहरी सरकार के कान के पर्दों को फ़ाड के रख दे .....बताइए आप हैं न साथ ....???

रविवार, 3 अप्रैल 2011

क्रिकेट कटिंग ...कट कट कुट कुट ...झा जी कहिन ..नहीं झा जी झूमिन/नाचिन/गाईन .








दुनिया रंग रंगीली,में आके हो जाइए स्टैंड अप ,
क्रिकेट की गाथा शुरू करने से पहले , देखिए विश्व कप ।


विजय परेड के लिए तैयार हुई , बस ट्रेन और जीप,
जीत के लिए , कौन सा टोटका आजमाए खुशदीप


दुनिया की हर टीम के चेहरे पर उडा के हवाइयां ,
भारत जीता , आइला , मिठाइया -बधाइयां


जीत गया रे अपना इंडिया , बांकी टीमें गईं तेल लेने
यहां भरी हुंकार ये किसने , लो जीत है दुनिया मेने


सूनी हो गई थीं सडकें , गलियां हो गई थीं सून ,
चैंपियनों में होता है , ये कैसा जुनून ????


मोना बिल्कुल मत रोना , लिल्ली डॉंट बी सिल्ली ,
अईसे खेले ये धुरंधर , चख दिए फ़ट्टे, नप दी गिल्ली 


आज तो बधाईयों की पोस्टें एक पे एक पढ लीजीए ,
अरे अब कप अपना है , विश्च्वास नहीं तो कर लीजीए


चैंपियन वही बनते हैं , धुन के पक्के इंसां , 
कंगारू , हो या चीते , दहाड से बदल देते हैं फ़िजां


कोई चूम रहा है फ़ोटो , कोई बोले ईलू ईलू ,
आज हर तरह यही शोर है , इंडिया ब्लीडींग ब्लू


एक एक मैच में सबको धोया , इंडिया तुम कमाल हो ,
कोई दीवाना सचिन का , कई बोले धोनी, बेमिसाल हो





कंगारू बोले कायं कांय , चीता म्याऊं , दांत चियार के खीखी कर गए पाकिस्तानी बंदर ,
शिवम भाई ले के आए कुछ तस्बीरें , कि बन गए आप सिकंदर , रे बन गए आप सिकंदर


अब कोई चिंता नहीं , शंका नहीं , बचा नहीं कोई प्रश्न ,
हर ओर है है खुशियां ही खुशियां , सभी मनाए जश्न



हाय वो पल दे गया जाने कितनीं यादें खुशियों के आसूं रुला के ,
बस एक ही नारा गूंजे हवा में , इंडिया ने आखिरकार दे ही दिया घुमा के



शास्त्री जी लेकर आए ,  सुंदरी जीत की झांकियां,
झूमो देख के खुशी से आज और बजाओ तालियां ,


जीत का ऐसा शोर मचा , हर ओर ऐसी हवा चली ,
हम खुद दौडे सडकों पे , हम खुद नाचे गली गली ..






चलिए आज के लिए इतना ही फ़िर मिलते हैं जल्दी ही ..आप जश्न में डूबे रहिए ..

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