झा जी कहिन
गुरुवार, 29 मई 2014

पढे लिखे अशिक्षित (संदर्भ स्मृति ईरानी विवाद) -200 वीं पोस्ट

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नई सरकार के कामकाज से पहले ही जिस एक तथ्य को मुद्दा बना कर उस पर बहस की और कराई जा रही है ,वो है नवनियुक्त सरकार के प्रधानमंत...
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मंगलवार, 27 मई 2014

हां , ये है एक मुकम्मल ब्लॉग एग्रीगेटर -"ब्लॉगसेतु"

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              "ब्लॉगसेतु "- नया ब्लॉग संकलक का मुखपृष्ठ जब भी किसी नए ब्लॉग संकलक के शुरू किए जाने की कोई खबर ...
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रविवार, 23 फ़रवरी 2014

आज चर्चियाया जाए (चिट्ठाचर्चा)

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मुझे लगता है कि अब पाठकों के पास ब्लॉग पोस्टों को पढने , साझा करने और उन्हें सहेज़ने के लिए एग्रीगेटर्स की निर्भरता बहुत हद तक कम हो गई ह...
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रविवार, 16 फ़रवरी 2014

ये दिल्ली के लौंडे ....कुछ फ़ुटकर नोट्स

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आज साठ सालों के बावजूद भी अब तक क्यों नहीं ऐसा कोई कानून पहले के राजनैतिक दलो और उनके अगुआओं ने लाने का प्रयास , संजीदा प्रयास कि...
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शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

वीसीडी और तीन पिक्चरों वाली रात ................

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अब यदि आज के बच्चों से आप ये कहिएगा कि एक ज़माने में हम मुहल्ले के उस इकलौते घर , जिसमें ब्लैक एंड व्हाइट टीवी होता था , उस घर में र...
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रविवार, 2 फ़रवरी 2014

बिहरिया पोलटिस स्टोरी -(ग्राम यात्रा -IV )

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बिहार के लोगबाग राजनीतिक रूप से इतने अधिक जागरूक और सचेत होते हैं कि चाहे आज अपने अलग अलग किए प्रयोगों के कारण बिहार की ये स्थित...
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सोमवार, 20 जनवरी 2014

विकास और विनाश के बीच (ग्राम यात्रा -III)

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 पिछली बार जब गांव गया था तो मधुबनी से गांव के इस सडक जिसके बारे में मुझे बिल्कुल ठीक ठीक और शायद पहली बार ये मालूम चला कि ये बिहार का र...
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सोमवार, 13 जनवरी 2014

दिल्ली टू मधुबनी ,वाया सरयू यमुना (ग्राम यात्रा-II)

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बेहद दुख और कमाल की बात ये है कि इतने सारे सुधारों के दावों के बाद भी भारतीय रेल और रेल यात्राओं का हाल कमोबेश अब भी यही है । जिन दिन...
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रविवार, 12 जनवरी 2014

यादों का एलबम (ग्राम यात्रा- I)...झा जी कहिन

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लहकते खेतों की सुनहरी चमक लगभग एक साल के बाद मां की पांचवी बरसी के लिए गांव जाने का कार्यक्रम बन गया , वैसे तो मुझ बदनसीब को , बदनसी...
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गुरुवार, 26 दिसंबर 2013

कुछ यूं ही कर दिखाओ तो जानें

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वाह भईये , भई बहुत अच्छे जा रहे हो । यूं ही सधे सधे कदमों से आगे बढते चलो , बेशक इस लडाई का अभी कोई तुरंत और त्वरित सुखद परिणाम नि...
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रविवार, 10 नवंबर 2013

बी.टेक और एम.बी.ए पर भारी बी.एड ..अथ मगन लाल उवाच

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ये मगनलाल जी नहीं हैं , गूगल खोज इंजन से लिया गया चित्र मगनलाल जी के किस्से आप पहले यहां पढ चुके हैं , जिसमें मगन लाल जी ये कहते ...
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शनिवार, 2 नवंबर 2013

राजा बेइमान है , अथ मगन लाल जी उवाच

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ये मगन लाल जी नहीं हैं , चित्र गूगल के खोज परिणाम से और मूल फ़ोटोग्राफ़र से आभार सहित हमारे मुहल्ले के करीब वाली सडक पर ही मगनलाल जी ...
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रविवार, 8 सितंबर 2013

दंड पेलती हिंदी ............

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देखिए गौर से लिखा है झ से झा :) :) सितंबर का महीना बीमार और कमज़ोर होती हिंदी के लिए दंड पेलने का समय होता । एक तारीख से 14 सित...
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अजय कुमार झा
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