झा जी कहिन
सोमवार, 11 अप्रैल 2016

भारत माता की जय ....कुछ समझे लल्लू

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असल में "भारत माता की जय " जिसे यकीनन ही इस देश की धरती से जुड़े हर व्यक्ति ने , अपनी उम्र में , खेल के मैदान में , सरहद ...
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बुधवार, 14 अक्टूबर 2015

सुनो भई ...लौटते हुए लोगों ..

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वाह भई क्या समां बंधा है ...और ये देखिए कि ..क्रिकेट के मैच में हार के बाद उपजी झल्लाहट अक्सर फैशन के रूप में संन्यास लेने की नई प्रथ...
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गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

भूत का कुनबा

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पुराने समय की बात है , एक गाँव में अकाल पड गया | सुखी समपन्न और भरे पूरे लोगों को छोड़ कर अन्य सबको खाने के लाले पड़ गए | संपन्न सेठ साहूक...
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सोमवार, 28 सितंबर 2015

सुई में निकला हाथी

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 चित्र अंतरजाल खोज से साभार बोध कथाओं का हमारे जीवन पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है | अक्सर देखा और सुना जाता है कि छोटी छोट...
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सोमवार, 10 नवंबर 2014

प्रेरित करती सबको, ये तो सबके "मन की बात"

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इस बीच सोशल नेटवर्किंग साइट्स से लेकर ,समाचार माध्यमों की अति सक्रियता , या कहा जाए कि तत्परता के दोहरा प्रभाव पडता दिख रहा है...
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शनिवार, 13 सितंबर 2014

प्रकृति के खिलाफ़ नहीं प्रकृति के साथ चलना होगा

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पिछले वर्ष जून में जब अचानक ही केदारनाथ की आपदा सब पर कयामत बनकर टूटी तो उस त्रासदी के प्रभाव से देश भर के लोगों ने झेला । कुदरत...
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रविवार, 7 सितंबर 2014

करवट बदलता एक देश ..........सामयिक टिप्पणी

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वर्ष २०१४ केआम चुनावों से पहले ही संभावित जीत के प्रति आश्वस्त से लगते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लिए अगले...
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गुरुवार, 29 मई 2014

पढे लिखे अशिक्षित (संदर्भ स्मृति ईरानी विवाद) -200 वीं पोस्ट

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नई सरकार के कामकाज से पहले ही जिस एक तथ्य को मुद्दा बना कर उस पर बहस की और कराई जा रही है ,वो है नवनियुक्त सरकार के प्रधानमंत...
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मंगलवार, 27 मई 2014

हां , ये है एक मुकम्मल ब्लॉग एग्रीगेटर -"ब्लॉगसेतु"

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              "ब्लॉगसेतु "- नया ब्लॉग संकलक का मुखपृष्ठ जब भी किसी नए ब्लॉग संकलक के शुरू किए जाने की कोई खबर ...
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रविवार, 23 फ़रवरी 2014

आज चर्चियाया जाए (चिट्ठाचर्चा)

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मुझे लगता है कि अब पाठकों के पास ब्लॉग पोस्टों को पढने , साझा करने और उन्हें सहेज़ने के लिए एग्रीगेटर्स की निर्भरता बहुत हद तक कम हो गई ह...
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रविवार, 16 फ़रवरी 2014

ये दिल्ली के लौंडे ....कुछ फ़ुटकर नोट्स

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आज साठ सालों के बावजूद भी अब तक क्यों नहीं ऐसा कोई कानून पहले के राजनैतिक दलो और उनके अगुआओं ने लाने का प्रयास , संजीदा प्रयास कि...
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शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

वीसीडी और तीन पिक्चरों वाली रात ................

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अब यदि आज के बच्चों से आप ये कहिएगा कि एक ज़माने में हम मुहल्ले के उस इकलौते घर , जिसमें ब्लैक एंड व्हाइट टीवी होता था , उस घर में र...
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रविवार, 2 फ़रवरी 2014

बिहरिया पोलटिस स्टोरी -(ग्राम यात्रा -IV )

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बिहार के लोगबाग राजनीतिक रूप से इतने अधिक जागरूक और सचेत होते हैं कि चाहे आज अपने अलग अलग किए प्रयोगों के कारण बिहार की ये स्थित...
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सोमवार, 20 जनवरी 2014

विकास और विनाश के बीच (ग्राम यात्रा -III)

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 पिछली बार जब गांव गया था तो मधुबनी से गांव के इस सडक जिसके बारे में मुझे बिल्कुल ठीक ठीक और शायद पहली बार ये मालूम चला कि ये बिहार का र...
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अजय कुमार झा
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