झा जी कहिन
रविवार, 29 मार्च 2009

नए जमाने का नया ऑडीशन- व्यंग्य (एक प्रकाशित रचना )

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सोमवार, 9 फ़रवरी 2009

हाय ई चीयर गर्ल्स की नीलामी कब होगी भैया ?

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हमको बड़ी खुशी है की इतना मंदी होते हुए भी हम लोग खेलने कूदने के लिए विदेशी लोगों को खरीद लिए, ऊ भी इतना मरा मारी करके , बोली लगा के । ससुर ...
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शनिवार, 1 नवंबर 2008

सुना है अबके वो भी छठ पूजा मनाएंगे

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सुना है , अबके, वो भी, छठ पूजा मनाएंगे, मगर शर्त, ये है की, पहले मुंबई, मायानगरी से, सारे भैया भगायेंगे, बस में पुलिस से, और ट्रेन में गुंडो...
गुरुवार, 16 अक्टूबर 2008

राम जी ने नल और नील के हाथ काटे

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देखा आप सबने तो आखिरकार हमारे सरकार वो सच ढूंढ ही लाई जो अब तक हमें , अजी हमें क्या हमारे बाप दादों, और पुरखों तक को नहीं पता था, यही की ख़ु...
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रविवार, 12 अक्टूबर 2008

घर मेरे भी, बिटिया किलकने लगी है.

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अब नर्म धूप, मेरे आँगन भी, उतरने लगी है। टिमटिमाते तारों की रौशनी, और चाँद की ठंडक, छत पर, छिटकने लगी है। पुरबिया पवनें, खींच लाई हैं, जो बद...
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मंगलवार, 8 जुलाई 2008

किसको कहते हैं दहेज़

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बउवा पूछा , बाबूजी से, बताइये, किसको कहते हैं - दहेज़ ? तेरी जब, शादी होगी, जो माल मिलेगा, उसको , रखेंगे सहेज। तेरी बहन की, शादी में, इस कुप...
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बुधवार, 4 जून 2008

मुन्नी बहन , पोरा बाई

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का हो चित्थासिंग आउउर का हाल है ? अपने देहात का ? ई शहर में तो आजकल परिक्षा रिजल्ट आ कालेज दाखिला का कूदा फांदी चल रहा है। जौन ससुर फेल हुआ ...
शनिवार, 8 मार्च 2008

पसंद की घंटी

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इन दिनों , पसंद की घंटी, के चक्कर में, बहुत लोगन का, घंटा, बजा हुआ है॥ कौन , कब, चढा , कितना ऊपर, कौन ,धंसा, कब, कितना नीचे, ये टेंसन, कितना...
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गुरुवार, 6 मार्च 2008

अबके कईसन है ई फाग बबुआ ?

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कहीं छाई है उमंग, तो कहीं मचा हुडदंग, अबके आया गजब है , ई फाग बबुआ॥ पिच्करिया सब फेल हुआ, रंग हुए बेरंग, पेट्रोल पीके, बाबा ठाकरे , देखो, उग...
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रविवार, 2 मार्च 2008

लालू जी इतना आउउर कर देते .

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अचानक लालू जी का फोन आ गया , कहे लगे का झा जी , अब तो खुश हैं ना, देखिये काटना बढियां बजट पेश कर दिए है ऊ भी लगाता पांचवी बार, अरे हमका तो म...
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गुरुवार, 7 फ़रवरी 2008

सबको चाहिए वलेंताईन (व्यंग्य कविता )

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नाईन्तीन हो , कि नाईतीनाईन, सबको चाहिए, एक वलेंताईन॥ प्रेम-प्यार की, ये व्यवस्था, भी वेरी बेत्टर, वेरी फाइन॥ दूर दूर से , न सेकों आग, तुम भी...
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रविवार, 3 फ़रवरी 2008

ई ब्लाग का बला है (कविता )

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ऊ दिन आया रामधन, पूछे लगा धनाधन, भैया कहीं कुछ लिखत हो, हमका पता चला है, हमरे भी तो समझाओ, ई ससुर ब्लाग का बला है ? रे, बुरबक का समझायें, तो...
गुरुवार, 31 जनवरी 2008

ये ब्लोग्गिंग हो रही है या बिहारिंग ( बिहार सिंड्रोम par एक चर्चा)

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इस ब्लॉगजगत में भी मुझे लगता है कि कोई ना कोई भूकंप,सूनामी, और चक्रवात आता रहता है या फिर कहूँ कि सक्रियता बनाए रखने के लिए लाया जाता रहता ह...
रविवार, 20 जनवरी 2008

अबे पगला गए हो का ?

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आज भोर भोर फिर ओही खबर्वा देख के त सच पूछिए त दिमग्वा सनक गया। आज फेर कहीं पर कूनो लोग कुछ विदेशी में लोगन के साथ जबरदस्ती किये थे। साला पिछ...
बुधवार, 16 जनवरी 2008

बाबू kanshiram ko भारत ratn to bahan मायावती को nobel kyon नहीं ?

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अभिये अभिये पता चला है बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक स्वर्गवास बाबू कांशीराम को भारत रत्न देने कि माँग की जा रही है भैया । त ई में कौन बुरी ...
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शनिवार, 12 जनवरी 2008

जान गए बकनर आ bensan का matbal

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लोटन जब भी कूनो मोश्किल में पड़ता है सीधा हमरे पास चल आता है ओकरा पूरा विश्वास है कि ओकर जुनो कोइ समम्स्या हो चाहे कौनो प्राब्लेम हो ओकर जबा...
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शनिवार, 29 दिसंबर 2007

सबसे बडका पावर है ई एस ऍम एस पावर

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काल्हे गए मोबाईल चाराज़ करे बाला के पास आ कहे कि भैया तनिक मोटका बला रेचाराज़ कर दो । ऊ ससुर कूद पदिस , कहने लगा अरे का मूरूख आदमी है रे बाब...
गुरुवार, 27 दिसंबर 2007

बिहारी बाबु से देहाती बाबू बनने का कारण

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अरे का बतायें भैया हमरे नहीं मालूम था कि इहाँ इतना मारामारी मचल है कि हम ढंग से बिहारी भी नहीं बन सकते हैं। ओइसे त जन्मजात बिहारी हैं आ रहबे...
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बुधवार, 26 दिसंबर 2007

अरे गिरने काa कौनो लिमितिवा है कि नहीं?

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अरे बाबु भैया लोग ई कलजुग माँ लगता है कि किसी को नीचे गिरने का , एकदम निकृष्ट हो जाने का , एक दम रसातल में चले जाने का कूनो लिमिट नहीं बच गय...
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रविवार, 23 दिसंबर 2007

वेलकम के बाद सीलमपुर

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का हो भोला भैया वेलकम देखला कि ना , बहुत मजेदार है हम त सीधा वहीं से देख के आ रहे हैं। आइन का कह रहा है रे पल्टू ,हम तो तोरा बहुत पहले...
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