झा जी कहिन
शुक्रवार, 29 जनवरी 2010

चढते हैं मोटकार, कभी सायकल भी चढा कीजीए, अरे कभी कभी तो अलानी फ़लानी चर्चा भी पढा कीजीए

›
चलिए भाई , माना कि अपना कोई ब्रांड नहीं है , माना कि अपना दर्ज़ा भी शायद दोयम-तीयम या पता नहीं कौन कौन सा यम है , मगर अब जो है सो तो है ही ,...
28 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 21 जनवरी 2010

पटरियों पर दौडेगी चिट्ठा चालीसा एक्स्प्रेस

›
मुझे नहीं पता था कि जब मैं इस पर लौटूंगा तो चर्चा की पटरियां "चिट्ठा चालीसा एक्स्प्रेस " बनके आपके सामने उतरेगी । और अभी तो रेल ला...
18 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 18 जनवरी 2010

यदि ऐसा ही है तो लीजीये अब चर्चा ही चर्चा

›
कहते हैं न कि जो होता है उसमें कोई न कोई अच्छाई छुपी होती है , पिछले दिनों चिट्ठों की चर्चा और चर्चाकारों के संदर्भ को लेकर जो बातें हुई उन्...
28 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 16 जनवरी 2010

तो आखिर क्या हो पैमाना चिट्ठा चर्चा के लिए ???

›
सबसे पहले तो चंद जरूरी बातें , पहली ये कि झा जी कहिन नहीं बंद हुआ है , न ही वो ब्लोग कहीं जा रहा है अलबत्ता चर्चा या ब्लोग लिंक्स , आप जो भी...
21 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 14 जनवरी 2010

दो लाईनों की पटरी, पूरे ब्लोग नगर से गुजरी (ब्लोग लिंक्स )

›
मुझे बहुत खुशी है कि , अब ब्लोगजगत में कम अब कम से कम ये शिकायत तो किसी को नहीं होगी कि ,पोस्टें तो लिखी जा रही हैं , मगर चर्चा नहीं होती ...
22 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

बिछा दी हैं पटरियां , घूम लो ब्लोग नगरिया ( ब्लोग लिंक्स )

›
लो जी हम एक बार फ़िर हाजिर हैं दो लाईना ....ओह माफ़ कीजीए हुजूर ....अपनी पटरियां लेकर ...तो बैठिए इस पर और पहुंचिए जहां जहां आपको पहुंचना है...
28 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 4 जनवरी 2010

ये चिट्ठी चर्चा नहीं सिर्फ़ पोस्टों के लिंक भर हैं (पोस्टों के लिंक )

›
अभी कुछ दिन पहले एक टीप आई कि ,,, क्या आप जो करते हैं वो चिट्ठा चर्चा है , मैंने कहा नहीं , ये चिट्ठा चर्चा नहीं है ...
21 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 30 दिसंबर 2009

सिर्फ़ दो पंक्तियां ,,,हमेशा की तरह (चिट्ठी चर्चा )

›
अब तो मुझे यकीन हो गया है कि अभी भी हमारे बीच कुछ मित्र /शत्रु हैं जिनका मकसद यहां लिखने/पढने .......हिंदी की सेवा से इतर भी की उद्देश्यों...
31 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 21 दिसंबर 2009

आख़िरी दू लाईना इस हफ्ते, हम चले अपने रस्ते (चिट्ठी चर्चा )

›
देखिए जी....ये तो पहले ही बता चुके हैं कि अब कल से गांव की तैयारी है तो जाते जाते ई दु लाईना ठेले जा रहे हैं ....बस ई हफ़्ता का कोटा समझिए ....
23 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 19 दिसंबर 2009

दो पंक्तियों में सारा सार : चिट्ठी चर्चा हुई तैयार ,,

›
आज एक और चर्चा मंच की शुरूआत हो गई ......देखा आपने अलख जगाने की देर होती है फ़िर तो चारों ओर रोशनी ही रोशनी बिखर जाती है .....स्वागत है हर न...
27 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 17 दिसंबर 2009

पढ़ डाली पोस्टें तमाम : चर्चा सरे शाम (चिट्ठी चर्चा )

›
देखते देखते ये साल भी बीतने के कगार पर है । और समय कब किसी के लिए रुका है ...रुकना भी नहीं चाहिए ,न ही हमारा ये काफ़िला रुकना चाहिए । हो सकता...
19 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 14 दिसंबर 2009

आज की छुटकी चर्चा (चिट्ठी चर्चा )

›
जितनी खुशी मुझे नए चिट्ठों के आने से होती है ....उतना ही दुख किसी चिट्ठे के चले जाने से होता है ....खासकर जब उनका जाना असहज सा होता है । पिछ...
32 टिप्‍पणियां:
रविवार, 6 दिसंबर 2009

चर्चा दो लाईना , देखो फ़िर से आई ना ( झा जी के साथ )

›
हम जान रहे हैं कि आप चाहे हमें मिस किये हों न हों ...ई अपने दु लाईना को जरूर मिस किए होंगे ....॥ लीजिये क्यों न कहूं आपकी दु लाईना .....अजी...
16 टिप्‍पणियां:
रविवार, 29 नवंबर 2009

›
पिछले दिनों बहुत सी अच्छी अच्छी बातें पता चली अपनी हिंदी ब्लोग्गिंग के बारे में । रवि रतलामी जी ने बताया कि अब हिंदी ब्लोग्गिंग का इतिहास लि...
23 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 26 नवंबर 2009

आज बुलबुल की चहक देखिये ,कल से चर्चा

›
पिछली चर्चा में आप सबने बुलबुल को उसके ठीक होने का आशीष दिया ...और आज वो बहुत खुश है ....धीरे धीरे पुरानी रफ़्तार में आ रही है ॥सबने कहा कि ज...
29 टिप्‍पणियां:
रविवार, 22 नवंबर 2009

रविवारी चर्चा , दो लाइन का खर्चा ..

›
सोचा तो ये था कि आज रविवार होने के कारण पूरा फ़ायदा उठाते हुए ,खूब ब्लोग पढाई और टिपाई हो जाएगी ...बीच बीच में समय बचा तो पोस्ट भी ठेल लेंगे ...
21 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 21 नवंबर 2009

जस्ट टू लाइन, चर्चा हुई फाइन (चिट्ठी चर्चा )

›
चलिये जी जब आपको हमरे दुई लईना में मजा आ ही रहा है तो हम भी वादा करते हैं कि इसको जल्दी से अनियमित नहीं होने देंगे और कोशिश ...करेंगे कि रोज...
16 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

चर्चा दो लाईना ,chitt

›
पिछले कुछ दिनों से अलग अलग कारणों से इतना व्यस्त रहा कि चर्चा से थोडा दूर सा हो गया था ॥मगर जैसे ही फ़ुर्सत मिली तो सोचा ...अजी सोचा क्या ॥आद...
21 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 7 नवंबर 2009

चिट्ठी चर्चा (झा जी की दो लाईना ) ..बस और क्या ...?

›
प्रभाष जी का चले जाना...बहुत ही दुखदायी रहा ..मुझे खुशी है कि बेशक हमारे समाचार जगत ने ..अपेक्षित नहीं दिया ( हालांकि अब तो उनसे अपेक्षा भी ...
26 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
अजय कुमार झा
एक आम आदमी ..........जिसकी कोशिश है कि ...इंसान बना जाए
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.