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रविवार, 14 मार्च 2010

आज तो पोस्टों की चर्चा …हां चर्चा कर ही ली …(पोस्टों की चर्चा )

 

ओईसे तो ब्लोग पटरी बिछाने का काम हमारा खूब जम जमा के चल रहा था पर सोचे कि बहुत लोग कह रहे हैं कि का जी ..ई आप लोग सब संगी साथी मिल के खाली लिंक पटक कर कहते रहिएगा कि चर्चा कर दिए हैं । अरे चर्च का मतलब तनिक चर्चियाईये भी …तो हम सोचे कि जब ई गूगल बाबा सबको एक ठो नयका कैमरा थमा दिए हैं ..अपना अपना ब्लोग का थोबडा सुंदर करने के लिए और हमने भी फ़्री सेवा का सुनते ही फ़ौरन उसका लाभ उठाते हुए ..इसका रंग रूप बदला है ..तो काहे नहीं तनिक स्टाईल भी बदला जाए   तो लीजीये …बामुलाहिजा …बाअदब …होशियार ..खबरदार ….चर्चा शुरू  होती है …

भाई मिथिलेश दूबे को पिछले दिनों ……एक ही विषय पर खूब पेन रगड रगड के लिखने के कारण ….संसद तक से नोटिस आ गया कि …भाई अब तो उनको भी तैंतीस नंबर …यानि पासिंग मार्क्स मिल गया है ,…तो आप काहे नहीं गाडी आगे बढाते हैं ….हमने भी फ़ौरन उन्हें ..ललकारा ..कि चलिए ..अब फ़टाक से कुछ अईसन लिख डालिए कि ..लोग कह उठें ..दूबे दुने चौबे ….लिख रहा है गजबे …..और देखिए कमाल …का लिखे हैं

भाई मिथिलेश दूबे अपनी इस पोस्ट में पूछ रहे हैं कि  image

'हिन्दू' शब्द मानवता का मर्म सँजोया है। अनगिनत मानवीय भावनाएँ इसमे पिरोयी है। सदियों तक उदारता एवं सहिष्णुता का पर्याय बने रहे इस शब्द को कतिपय अविचारी लोगों नें विवादित कर रखा है। इस शब्द की अभिव्यक्ति 'आर्य' शब्द से होती है। आर्य यानि कि मानवीय श्रेष्ठता का अटल मानदण्ड। या यूँ कहें विविध संसकृतियाँ भारतीय श्रेष्ठता में समाती चली गयीं और श्रेष्ठ मनुष्यों सुसंस्कृत मानवों का निवास स्थान अपना देश अजनामवर्ष, आर्याव्रत, भारतवर्ष कहलाने लगा और यहाँ के निवासी आर्या, भारतीय और हिन्दू कहलाए। पण्डित जवाहर लाल नेहरु अपनी पुस्तक 'डिस्कवरी आफ इण्डिया' मे जब यह कहते है कि हमारे पुराने साहित्य मे तो हि्दू शब्द तो आता ही नहीं है, तो वे हिन्दूत्व में समायी भावनाओं का विरोध नहीं करते। मानवीय श्रेष्ठता के मानक इस शब्द का भला कौन विरोध कर सकता है और कौन करेगा।

 

इधर हमको लगने लगा है कि कुछ मित्र लोग आभासी दुनिया ..आभासी दुनिया कर के छाती पीट रहे हैं …उतने ही डबल स्पीड से ब्लोग्गर मीट का आयोजन हो रहा है । जबलपुर में भाई महेन्द्र मिश्रा जी ने एक धमाकेदार मीट कर डाली । और सबसे बढिया बात ई रही कि लखनऊ से महफ़ूज़ जी भी बिना टरेन मिस किए ….इस मीट के लिए भर भर के मीट मसाला लेकर पहुंचे ….फ़ोटो शोटो का मजा उठाईये

भाई महेन्द्र मिश्र जी ने जबलपुर ब्लोग्गर मीट की रंगारंग फ़ोटो शूट पेश किया है image


ब्लागरो के समक्ष मीडिया ...

 

पिछले दिनों श्री रवि रतलामी ने दैनिक जागरण के नए ब्लोग्गिंग प्लेट्फ़ार्म जागरण जंक्शन के बारे में बताया था और हमने भी वहां ब्लोग बकबक के नाम से अकाऊंट खुलवा लिया …..बहुत बढिया मंच है …आज उसी मंच पर भाई संजय जी एक घटना का जिक्र करते हुए देखिए क्या बता रहे हैं

संजय उपाध्याय जी image

जागरण जंक्शन पर अपने ब्लोग में बता रहे हैं कि आज किस तरह से इंसान, समाज,और दोनों की फ़ितरत बदल गई है

 

आदमी। फितरत। समाज। तीनों बेहतर हो तो फिर मान लीजिए कि जीवन धन्य हुआ और आप जीवन की जंग जीत गए। लेकिन ऐसा अब शायद ही कहीं होता है। होता भी है कि नहीं यकीन से कोई नहीं कह सकता। मैने देखा है कि जवानी की दहलीज को कैसे बेकरार मुसाफिर पार करते हैं और न जाने कितनी सांसे थम जाती है। यदि किसी कि सांस बची तो जिल्लत भरी। आह भरी। दर्द की याद भरी। उपर से हर उस सफर की निशानी से जूझने की जिद से लहूलुहान जिगर के साथ। यह कैसी सांस और यह कैसा जीवन। बात उस प्यार के सफर की और यार की बेकरारी की जो अचानक से जीने का मतलब ही छीन लेता है। वर्तमान में हम जिस दुनियां में जीते हैं। हर दिन नई चुनौती है। कहीं गरीबी है तो कहीं यारी है। कही चैन है तो कहीं बेकरारी है। इसी बेकरारी से जूझता एक प्रसंग बताता हूं बिहार के पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत चौतरवा थाना के अधीन है एक गांव कौलाची। गांव में एक बिन ब्याही मां है, जो अपनी लाड़ली को बाप का नाम दिलाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री तक का दरवाजा खटखटा चुकी है। उसके चेहरे पर बेबसी साफ दिखती है। सीने से अपनी बच्ची को लगाए एक झोपड़े में अपने उस प्यार के बेकरार सफर में खोयी रहती है। कोई बोलता है तो बोलती है वरना खामोशी को ही अब अपना हमसफर मान बैठी है। ऐसा नहीं है कि इस युवती ने अपने प्यार को यूं ही छोड़ दिया। जब यार ने उसे प्यार के सफर से निकाल फेंका तो उसने अबला होने का भ्रम तोड़ा न्यायालय गई। सीएम के दरवाजे गई। यार जेल गया और फिर पुलिस ने कोरम पूरा किया। अर्थात् यह अबला एक बार फिर अबला हो गई और अपनी बच्ची के लिए बस बाप का नाम ढूंढते चल रही है। ऐसे में एक बार फिर आदमी, समाज और उसकी फितरत का घिनौना रुप दिखा है। अब देखना यह है कि कबतक समाज के लोग महिलाओं को अपनी बेकरार सफर का रास्त बनाएंगे।

 

बीबीसी हिंदी सेवा से हमारा नाता एक श्रोता के रूप में पिछले लगभग बाईस सालों से है ..अब नेट पर भी उनसे बतियाते रहते हैं …बीबीसी ब्लोग के मंच पर बीबीसी संवाददाता राजेश जी हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट खिलाडियों पर गिरी गाज के मामले पर कुछ बता रहे हैं

 

अच्छी-ख़ासी टीम का यूँ बिखरना....

पंकज प्रियदर्शी पंकज प्रियदर्शी | गुरुवार, 11 मार्च 2010, 11:08 IST

पाकिस्तान क्रिकेट में जो भी हो रहा है, उसे आप बवाल कहें, खलबली कहें या फिर सनसनी, एक क्रिकेट प्रेमी होने के नाते मुझे बहुत अफ़सोस है.

अफ़सोस इसलिए नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कुछ नामी-गिरामी चेहरे पर पाबंदी लगाई गई है. बल्कि इसलिए क्योंकि क्रिकेट के शीर्ष पर पहुँचने का दम रखने वाली इस टीम का क्या हाल हो गया है.

एक समय घातक तेज़ गेंदबाज़ी और मैदान पर आक्रामकता का दंभ एशियाई देशों में नहीं दिखता था. ये वो दौर था जब मैदान पर घायल होने वाले एशियाई खिलाड़ियों की सूची काफ़ी लंबी थी.

इन दिनों फ़िर से संकंलकों के मुख्य पृष्ठों पर धर्म संप्रदाय के चेहरे चमकने लगे हैं और इन बातों पर बहस भी खूब चल रही है । मुझे कोफ़्त तब होती है जब कुछ लोग दूसरों को गलत साबित करने की कीमत पर खुद को सही साबित करने की कोशिश करते हैं । खैर उनका शायद यही रास्ता हो । मगर भाई रत्नेश बहुत सशक्त ढंग से कुछ प्रश्नों के द्वारा सरकार , समाज और सबके सामने कुछ सवाल रख रहे हैं …

 

रत्नेश त्रिपाठी image

अपनी इस पोस्ट में गजब के प्रश्नों को उठा रहे हैं …आप भी देखिए

 अफजल गुरू देशभक्त है, भगत सिंह व साध्वी आतंकवादी है।
 सिमी, इंडियन मुजाइद्दीन समाज सेवा में लगे संगठन है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विष्व हिन्दू परिषद आतंकवादी संगठन है।
 गोधरा-कांड एक दुघर्टना है, गुजरात दंगे सुनियोजित हैं।
 15 प्रतिशत मुसलमान इंसान है, 85 प्रतिशत हिन्दू कूड़ा-कचरा हैं।
 मालेगांव धमाके ही सच्चे धमाके हैं, अन्य जगहों पर हुए धमाके दिवाली के पटाखे हैं।
 मालेगांव में 5 मुसलमानों की मौत बहुत बड़ी घटना है, दूसरे स्थलों पर सहस्रों की संख्या में मौत के शिकार हिन्दू केकड़े हैं।
 मुसलमानों के लिए आरक्षण, हिन्दुओं के लिए धमाके।
 हज के लिए करोड़ो रूपये, अमरनाथ यात्रा के लिए फूटी कौड़ाी नहीं।
 इस्लामी आतंकवाद का समर्थन धर्मनिरपेक्षता है, भारतीय को मारना देशप्रेम हैं।
 बाबरी ढ़ांचे का गिराया जाना एक मुद्दा है, सैकड़ौं हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त करना विकास कार्य है।
 मुसलमान की मौत मृत्यु है, हिन्दू की मौत नियति हैं।
 हिन्दुओं को नियमों का पालन करना चाहिए, मुसलमानों के लिए कोई नियम नहीं।
 अल्लाह परमेश्वर है, राम एक काल्पनिक पात्र है।
 क्या यह हमारे सपनों का भारत हैं।
वाकई क्या ये हमारे सपनों का भारत है ?

पता नहीं ये इस देश की बदकिस्मती है कि यहां के लोगों की नियति …किसी न किसी वजह से आम अवाम झुलसती ही रहती है , कभी हादसे , कभी दंगे ..तो कभी कुछ और …बरेली इन दिनों अशांत चल रहा है …और उसी के बारे में बात करते हुए अजय सिंह कहते हैं कि

 

भाई अजय सिंह image

अपने ब्लोग में बरेली में फ़ैली आग पर कुछ कह रहे हैं

 

बरेली की सूरमई पहचान  पिछले 13  दिनों से दंगों की आग में झुलस रही है। इस आग पर काबू पाने के लिए शासन स्‍तर पर लगातार तमात कवायदें ही जा रही हैं लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्‍या वहां का लोकल प्रशासन बेहद कमजोर है या पब्लिक में उसके मंसूबों की गलत छवि घर कई है। पुराने अधिकारी बदल गये और जो नये पहुंचे उनके सामने इन दो अहम सवालों का जवाब ढूढ़ने की चुनौती है। नये अधिकारियों की ओर से लगातार कोशिशें चल रही हैं और शासन के अधिकारी आसमान के जरिये हालात की निगरानी कर रहे हैं। इसके बावजूद हिंसा की चिंगारी रह-रह कर भड़क रही है। इन हालातों में यह जरूरी हो गया है कि दंगे पर काबू करने के प्रयासों के साथ ही नागरिकों के दिलों को जीता जाय। इसके लिए दोनों पक्षों के मानिन्‍द लोगों के साथ बैठक कर उन्‍हें अमन और भाईचारा बढ़ाने के लिए आवास से अपील की जाय। हर किसी को इस बात का भान कराया जाय कि प्रशासन और शासन किसी के पक्ष में नहीं बल्कि निष्‍पक्ष भावना से शांति बहाली के प्रयास में लगा है। इस कार्य में हिन्‍दू-मुस्लिम, सिख, इसाई सभी धर्र्मो के धर्मगुरुओं को भी आगे आने की जरूरत है। वहीं सभी राजनीतक दलों को एक मंच पर आकर अमन का पैगाम देना चाहिए न कि उन्‍माद को बढ़ाने के लिए हवा।

कहते हैं कि जब शब्द नहीं बोलते तस्वीर बोलती हैं …कल विवेक भाई के हाथ में नोटों के असंख्य बंडल से भरा हुआ गेराज आ गया था आज बंडल बंडल अमिताभ बच्चन आ गए ….हमारे लिए तो दोनों ही बंडल एक से …भारी भरकम दूर दूर से निहारते रहे …..आप भी अपने नैन जुराईये ..

 

विवेक भाई image

आजकल खूब फ़ोटो शोटो दिखा रहे हैं ….कल नोटों के बंडल लगाए थे आज अमिताभ बच्चन के बंडल लगा दिए हैं

अपने देश में हुए बम धमाकों की प्रतिक्रिया में तो हमारी कलम खूब चलती है मगर ऐस बहुत कम होता है कि पडोस में हुए किसी ऐसी घटना पर हम कभी कुछ ज्यादा कहते हों …भाई सूर्यकांत गुप्ता जी इसी बात पर  गौर फ़रमाने की बात अपनीइस  कविता में कह रहे हैं

 

श्री सूर्यकांत गुप्ता जीimage

 कुछ गौर करने को कह रहे हैं

 

इस बात पे हम सभी करें गौर

अभी अभी देख रहा था दूरदर्शन समाचार 

बताया जा रहा था, पकिस्तान में बम विस्फोट से

तकरीबन 47 लोग मारे गए व कई घायल हो गए 

मगर वहाँ के ऊंचे ओहदे वाले कह रहे हैं इसमें भारत का हाथ है 

तत्काल मन में विचार घुमड़ा;

इस बात पे हम सभी करें गौर 

पनाह लिए हुए हैं "पाक" में ही आतंकवाद के

बड़े बड़े सिरमौर, 

यह जानते हुए भी वहाँ के कर्णधार 

छोड़ दिए हैं आरोपों का दौर

 

आगे की कविता उनके ब्लोग पर पढिए ..

आज सुबह से ही संकंलकों के पहले पन्ने पर दर्ज़ इस खबर भी सबकी नज़र जा रही है और हम तो लोट लोट कर मरे जा रहे हैं जबसे पता चला है कि किसी ब्लोग्गर को तीस करोड हिंट भी मिलता है । अब इत्ते बडी जनसंख्या का फ़ायदा  आप ओलंपिक में उठा लो कोई गम नहीं …..मगर यार ब्लोग्गिंग में भी …तीस करोड हिंट पाने वाला ब्लोग्गर …..छोडो या र था तो था ..हमें नहीं पता था तो सोच कर फ़ूल रहे थे कि ओह आज तो पोस्ट को पढने वालों की संख्या सौ के पार हो गई ...मगर श्री जगदीश्वर चतुर्वेदी जी ने सारा भ्रम तोड कर रक दिया …..कैसे अरे नीचे पढिए न ?

जगदीश्वर चतुर्वेदी जी image

अपनी पोस्ट में मिलवा रहे हैं देखिए किनसे

विश्व के श्रेष्ठतम ब्लॉगर की चुनौती बोलो चीनी शासको बोलो

(विश्व का श्रेष्ठतम ब्लॉगर हन हन)

अरविंद मिश्रा जी ने टिप्पणी मिटौव्वल के मुद्दे पर एक बहस छेड दी , इसकी शुरूआत तो कल की पोस्ट से हुई थी , मगर कल पंचायत का फ़ैसला नहीं आ सका …आज उसकी प्रति हासिल हो गई है ….सो उन्होंने उसे सबके सामने रख दिया है …लगता है बहस पार्ट टू चालू हो गई है …आप खुदे देखिए ….तब तकले अरविंद जी जरा ई पुस्तक बांच लें ….ई लोकस पर अरविंद जी जाने कित्ते बरस से फ़ोकस किए हुए हैं …पता करते हैं कि …आखिर है का ई मैगजीन में ..???

 

अरविंद मिश्रा जी ने image

अपनी पोस्ट में टिप्पणी को सहेजने/मिटाने के मुद्दे को आगे बढाते हुए कहा कि

 

टिप्पणियाँ चिट्ठाकार को भी नियमित और मर्यादित करने/रखने /रहने  की क्षमता रखती हैं -कहीं  अंकुश  बनती हैं तो कहीं सचेतक भी लगती हैं .नहीं तो कई चिट्ठाकार निरंकुश ही न होते  जायं? मेरी दो टिप्पणियाँ ब्लॉग मालिको पर इतनी भारी पड़ गयीं कि उन्हें अपनी पूरी पोस्ट ही डिलीट करनी पड़ गयी -अब पुनः संदर्भ देकर मैं कोई वितंडावाद नहीं शुरू करना चाहता मगर मुझे इस बात का अफ़सोस जरूर हैं  कि मेरे पास अब वे ऐतिहासिक  टिप्पणियाँ(बात रखने के लिए निर्लज्ज आत्मप्रशंसा ही सही )  सुरक्षित नहीं हैं,याद कर भी उन्हें वापस लाना मुश्किल हैं - गेहूं के साथ घुन बन पिस गयीं वें ! मगर हाँ इसी विमर्श से उन्मुक्त जी द्वारा यह एक साईट सुझा दी गयी है जिसे मैंने अपना भी लिया है और जोरदार सिफारिश है कि जो भी अपनी टिप्पणियों पर जान  छिडकते हैं उन्हें इस साईट पर जाकर पंजीकरण करा लेना चाहिए! समीर भाई तो संत हैं! नेकी कर दरिया में डाल और परमारथ के कारने साधुन धरा शरीर वाली परम्परा के सचमुच !

 

तो आज के लिए एतना  ही तनिक बताया जाए कि ई ट्रायल कैसा रहा ….???????

आगे का पूरा ट्रेवेल ट्रिप उसी पर डिपेंडेड है सो जान लीजीए …….

रविवार, 7 मार्च 2010

कुछ नई रेलों की नई पटरियां (ब्लोग लिंक्स , दो लाईना , और क्या )




आज बहुत दिनों बाद फ़िर पटरियां बिछाने का मन हुआ , मगर जब स्टेशन पर पहुंचा तो सोचा कि , सभी सुपर फ़ास्ट, शताब्दी , राजधानी, गरीब रथ , दोरांतो तो धडाधड दौडी जा रही हैं , कुछ छोटी छोटी सुंदर सी रेलें इंतजार करती रह जाती हैं कब पटरी बिछें और उन्हें भी दौडने का मौका मिले । तो सोचा आज क्यों न उन्हीं , अनछुई , अनपढी , रेल पोस्टों को आपसे मिलवाया जाए........तो मिलिए न



पढने बैठा तो पहली पोस्ट यही पढी है आज,
इस पोस्ट को देखिए कौन सा खोल रहे हैं राज ॥




इतनी सुंदर बात भला कौन कहां कह पाता ,
पढिए और बताईये इसको क्या कहा है जाता ॥



कुछ सोच कर ही हमने इनको भी चुना है ,
आप भी सुनिए कि इन्होंने क्या सुना है ॥




बस देखता हूं पोस्टें नहीं देखता नाम ,
देखिए इन्होंने कब से नहीं देखी ऐसा शाम ॥




इस पोस्ट को भी देखिए सुन हमारी फ़रियाद,
पढिए और जानिए ये कर रहे हैं किसको याद ॥




इहां पूछ रहे सचिन जी कईसे भरेंगे जखम ,
आप ही कुछ बतलाईये, का बतलाएं हम ॥



इहां पर बुकनु के तमाशे का मजा लीजीए ,

रूटीन से हट कर भी तो पढा कीजीए ॥



बीमार पडो तो कभी न लो पंगे ,
क्रोसिन खाओ और हो जाओ चंगे ॥



प्रेम का पाठ,इहां पढाया जा रहा है,
पोस्ट पर पहुंचिए देखिए कौन पढा रहा है ॥



गर्भ में कविता एक पल रही है ,
देखिए यहां लव की कलम खूब चल रही है ॥



सचिन यहां करा रहे पास फ़ेल की पढाई,
अरे नहीं यार ये तो है कुछ तैंतीस प्रतिशत की लडाई



पढते पढते ये पोस्ट भी मुझे मिली थी आज ,
इस पोस्ट के अलग हैं अंदाज और मिज़ाज़ ॥





यहां अमित जी किसकी जवाबदेही तय कर रहे हैं ,
ब्लोग्गिंग को एक दिशा देने का काम यह कर रहे हैं ॥



इन्होंने सोचा कि ये उनके बिन जी न पाएगा ,
सारी बात उसे पता चलेगी , जो यहां पर जाएगा ॥




अनकही बातों में आज बिखरा है प्रीत का रंग ,
हमने पढ ली आप भी पढिए मन को करिए चंग ॥



पूनम जी ने इस पोस्ट में संदेश दिया बेजोड,
देखिए कौन कहां पर हिंदी को चला है छोड ॥



यहां पर देखिए क्या होता है ज्यादा पैसे का नतीजा ,
किस्सा बताया गया है , एक था चाचा , एक भतीजा ॥

सोमवार, 1 मार्च 2010

होली है भई होली है ...अब है तो है .....और अब तो हो .ली ..ताजा समाचार ..

बस देखिए जी अभी अभी के ताज़े समाचारों के अनुसार ..झाजी की होली ..कुछ यूं ....होली ..आप खुदे देखिए ..


(बुलबुल ....रंग गुलाल को ...... चैक करते हुए कि आखिर इस पैकेट मे था ऐसा क्या....जो इसने ...हमारे दोनों झाजी ..........भैया और पापा का ऐसा हाल कर दिया .....




(बुलबुल बडे झाजी ...अपने पापा को नजदीक से निहारते हुए ....ओह पापा आप तो भांग खा के पूरे भांग के गोले की तरह लग रहे हो..............)

(छोटे झाजी .....गोलू जी ..........ओह जब तक पापा पानी गरम करते हैं ...ऐसे ही बैठ कर डोरेमोन,और टौम एंड जैरी को हैप्पी होली बोल देता हूं ।

शनिवार, 27 फ़रवरी 2010

हमने आज इनको देखा , और खींच दी सारी रूपरेखा , (अरे वही ब्लोग लिंक्स यार )

सोचा था कि आज आपको हम अपना फ़ाग राग सुनाएंगे , मगर आज चर्चा का मूड निकल आया तो हाज़िर है फ़िर ....................................

रंग भर के ले आये दीपक आज अपना मशाल ,
आप देखिए दु लाईना में सबका किया है कैसा हाल ॥


ब्लोग्गर के साथ pspo का अजब लगाया कनेक्शन ,
खुशदीप भाई ने फ़िर से छेड दिया वही डिस्कशन



इनकी हर अदा एक शोला एक आग ,
इन्होंने भी मनाई ब्लोगजगत की फ़ाग ॥



और भला क्या हो अच्छा जब दिन हो शनिवार ,
ताऊ की पहेली को यहां बूझिए सरकार ॥



यहां जानिए कि खुद को एक सफ़ल ब्लोग्गर कैसे बनाएं ,
फ़टाफ़ट कुछ नुस्खे आप , यहां सीख के आएं ॥



अब भी नहीं हुए सफ़ल तो यहां पहुंच जाईये ,
कह रहे हैं जो प्रभात जी वो गुण अपनाईये ॥



कई बातें होती हैं दिलचस्प कुछ होती हैं अजीब ,
राज भाई बता रहे हैं कौन है सबसे गरीब ॥



यहां सुरभि ने कुछ खूबसूरत पंक्तियां हैं पढवाई,
आप भी खुद पहुंचिए और देखिए न भाई ॥




हाय गंगा हुई पोखरिया , ज्ञान जी ने बतलाया ,
गंगा मईया की दुर्दशा ने मन को बहुत रुलाया ॥



आज जाना कि आखिर क्या होती है होली ,
जो प्रेम की हो ली , वही होती है होली ॥




जब शब्द नहीं बोलते तस्वीरें बोलती हैं ,
और जाने किस किस के कैसे राज खोलती हैं ॥




सुंदर ब्लोग , सुंदर पोस्ट , हम रह गए दंग ,
वृंदा कह रही हैं छूट रहे हैं रंग ॥



चाहे लाख रखना शिकायत, या गिला रखना ,
बस इतनी इल्तज़ा है , शब्दों का सिलसिला रखना ॥



यहां बताया राजीव भाई ने , होली मेरे गांव में ,
आप पढिए और देखिए रंगो की छांव में ॥


सौम्या की ये पोस्ट भी मुझे लगी कुछ खास,

देखी कैसे हैं छोटी आंखें और ,बडा आकाश ॥



यहां देखिए का कह रहे हैं अमर बाबू डागदर ,
इनके इस ब्लोग की हुई हमें आज ही खबर ॥



कहने को कुछ शब्द हैं मगर शानदार है बात,
इससे सुंदर पोस्ट फ़िर और क्या मिलती आज की रात ॥



डा. साहब ने आज अपनी एक पोल है खोली,
जानिए कि उन्होंने बचपन में क्यों नहीं खेली होली




कमीने में बोला शाहिद ने फ़ , अब जाके हुआ असर,
आज अजित भाई भी फ़ का ही करा रहे हैं सफ़र ॥



जाईए मिसर जी की पोस्ट को लीजीए आप लपक,
देखिए उनको किसने कैसे बना दिया बुडबक ॥




इहां शास्त्री जी सजा रहे हैं , अपना चर्चा मंच ,
जाईये देखिए पढिए , पोस्टें , एक से एक टंच ॥



श्यामल जी ने इस पोस्ट में दोहे हैं होलियाए,
जिन्हें जिन्हें पढना हो , वो ये लिंक पकड के जाए ॥




हिंदी ब्लोगजगत में अबके कुछ ऐसे मने ये होली ,
सभी ब्लोग्गर मिल कर बोलें , प्रेम प्यार की बोली



तो इसी सुंदर इल्तजा और दुआ के साथ हम आप सबको होली की मुबारकबाद देते हैं और इश्वर से कामना करते हैं कि चाहे लाख मतभेद हों , बहस हो , विमर्श हो , और क्रिया प्रतिक्रिया हो ...मगर हिंदी ब्लोग्गिंग जिंदाबाद होती रहनी चाहिए ...वो होती ही रहेगी ॥॥..........है न ?????????

शनिवार, 13 फ़रवरी 2010

आज फ़िर फ़ुर्सत में हम कुछ ब्लोग्स पढ गए, और साथ साथ उनके लिंक्स हत्थे चढ गए ( कुछ ब्लोग लिंक्स )

जी हां भाई अब तो यही कहना पडता है कि इन ब्लोग्स को हमने घुस घुस कर पढ लिया , काहे से कि चर्चा तो हमारी होती नहीं है न ये .....अरे चर्चा हम करते भी नहीं हैं भाई , तो बस आप भी इन पोस्टों की पूंछ ( अरे हम पूंछ तो पकड के ले ही आए हैं न जी ) पकड के जाईये और सब घूम घाम के आईये न जी


राज भाई पहुंचे वापस घूम के अपना देश,



सबके प्यार में देखो बिक गया गबरू जवान,



लैसी मारी जाती है लंगी , और कैसी जाती टांग है अडाई ,



इस पोस्ट पर कैसी बकवास मची है ,



डूबे जी ने कर दी है पिक्चर एक रीलीज़ ,



क्यों कई लोग अपनी टीप बक्से में लगा रहे हैं ताला ॥


ब्लोग जगत में देखिए महाशिवरात्रि का पर्चा ,



आज नहीं गज़ल शेर , पर कलम में वही रवानी,



वकील साहब ने आज फ़िर लिखा है कमाल ,



एक जरूरी पोस्ट आप अवश्य पढें श्रीमान ,



पोस्ट पढते पढते डूब गया तन मन ॥



गगन जी कुछ अलग सी बात बताने चले हैं ,



सुंदर सुंदर पंक्तियां , छाई फ़ाग की बदरिया ॥


भैय्या ई अंगुली जाने किसका करे विरोध , किसका करे सपोर्ट ॥



जिन्हें मनाना हो इस बार , वो जाके सीख ले ॥



सबको अपने नाम का इतिहास कहां पता होता है ,



देखिए कौन कौन पढ आया कौन आया टिपियाय ॥



पहुंचिए ,पढिए, टीपीए कोई नहीं व्यवधान



बस पढना और आनंद लेना , टीपना मना है भाई ॥



अपनी भी ब्लोग पोस्ट आज छपी है भाई,



डा साहिबा को पढ के यहां पर टिपियाईये न ॥



हिंदी को बर्बादी के रास्ते पर मत ले जाईये,




चंदन जी कर रहे हैं कुछ बातें इधर उधर की ,



वेलेन्टाईन डे पर पढिए कुछ लव के फ़ेवर में ,



अरे बाप् रे कैसी ये चेतावनी दे रहा है ब्लोग बुखार



जिनको जिनको पता हो जवाब , जरूर दे के आना ॥


तो आज के लिए इतना ही जी राम राम



सोमवार, 8 फ़रवरी 2010

आप देखिए और पहचानिए कौन शामिल हुए दिल्ली ब्लोग्गर्स बैठक में


दिल्ली ब्लोग्गर्स बैठक में शामिल हुए सभी मित्र ब्लोग्गर्स को जितनी खुशी हुई और उसके बाद आई रिपोर्टों पर हिंदी ब्लोगजगत के तमाम साथियों ने जिस तरह से बधाई और शुभकामनाएं दीं उसने मुझे विवश कर दिया है कि जो पोस्ट मैं शाम को लिखने वाला था वो अभी ही डाल रहा हूं । मगर नहीं यदि आप ये सोच रहे हैं कि ब्लोग्गर्स मीट की रिपोर्टिंग मैं शुरू करने जा रहा हूं तो उसके लिए आपको शाम तक का इंतजार तो करना ही पडेगा । ये पोस्ट तो सिर्फ़ इसलिए डाल रहा हूं क्यों कि कल आप सबने उलाहना दी थी कि मैंने फ़ोटो तो लगा दी मगर नाम नहीं बताया , एक मित्र ब्लोग्गर ने शिकायत की कि उनका नाम ही किसी रिपोर्ट में नहीं आया , तो भाई आप सब थोडा सा समय दीजीए मुझे। दरअसल ब्लोग्गर्स बैठक की रिपोर्ट ,मेरी रिपोर्ट के बाद आपको किसी बात की कोई शिकायत नहीं रहेगा । विश्वास रखिए मैंने अपने मस्तिष्क कंप्यूटर में सब कुछ सेव किया हुआ है और सब धीरे धीरे बाहर आएगा । अभी तो फ़िलहाल सिर्फ़ ये बता रहा हूं कि इस बैठक में किन किन मित्रों ने शिरकत की , बिल्कुल संक्षेप में ।

श्री मोईन शम्सी जी
श्री विनीत उत्पल जी
श्री राज भाटिया जी
श्री सरवत जमाल जी,
डा.टी.एस .दराल जी ,
श्री राजीव तनेजा जी,
श्रीमती संजू तनेजा जी,
श्री मसीजीवी जी
श्रीमती कविता वाचक्नवी जी,
श्री अविनाश वाचस्पति जी,
श्री सतीश सक्सेना जी,
श्री अमित गुप्ता ( जिन्हें आप अंतर सोहिल के नाम से जानते हैं )
श्री पद्म सिंह जी ,
श्री खुशदीप सहगल जी,
श्री विनीत कुमार जी ,
श्री तारकेशवर गिरि जी,
सुश्री प्रतिभा कुशवाहा जी,
पं. डी .के शर्मा "वत्स " जी ,
श्री प्रवीण पथिक जी ,
श्री मिथिलेश दूबे जी,
श्री यशवंत मेहता जी
श्री निशांत त्रिपाठी जी,
श्री विनोद कुमार पांडेय जी,
श्री नीरज जाट जी ,
श्री मयंक सक्सेना जी ,
श्री एम .वर्मा जी,
श्री कनिष्क कशयप जी
और अंत में मैं खुद अजय कुमार झा ,

और दैनिक जागरण से हमारी बैठक को कवर करने आए मित्र दास जी ।


सबसे नीचे बाएं से दाएं
प्रतिभा कुशवाहा, संजू तनेजा, प्रवीण पथिक, अजय कुमार झा, विनीत कुमार, अविनाश वाचस्पति, अंतर सोहिल,
तारकेशवर गिरि

उससे ऊपर

डा.टी एस दराल, सतीश सक्सेना, राज भाटिया,विनोद पांडेय, सरवत जमाल, मिथिलेश दूबे, पं. डी के शर्मा वत्स ,

और सबसे आखिरी पंक्ति में ,

पद्म सिंह, राजीव तनेजा, खुशदीप सहगल और नीशू तिवारी ।

अब ये मत कहिएगा कि वो पीछे या वो आगे क्यों खडे हैं, भाई मैंने ये फ़ोटो नहीं खींची है , ये दैनिक जागरण के पत्रकार बंधु ने खींची है ।



इसमें बाएं से दाएं हैं , राजीव तनेजा, संजू तनेजा, कविता वाचक्नवी और मोईन शम्सी


उठते हुए मोईन शम्सी ,और कुछ सोचते हुए मसीजीवी

इस चित्र में नीली पीठ वाले विनीत कुमार और फ़ोन सुनते आधे तारकेशवर गिरि, मैं खुद यानि अजय कुमार झा , साथ खडे खुशदीप भाई से शायद ये कहते हुए ...अमा भाई मियां जब आप इत्ते लंबे हो ही तो फ़िर टंकी पर चढने से अच्छा तो है कि आपही के कंधे पर चढ जाया जाए ,प्रतिभा कुशवाहा,राजीव तनेजा, नीशू तिवारी,विनोद पांडेय,प्रवीण पथिक ...इधर वाले ...सब अगली किसी फ़ोटो में , इनके अलावा भाई नीरज जाट , यशवंत मेहता, मयंक सक्सेना, एम वर्मा जी, और कनिष्क जी की फ़ोटुएं भी हैं ..उन्हें भी दिखाएंगे जी । अब बस आप तब तक फ़ोटो और ब्लोग्गर्स को मिला मिला कर पहचान करिए तब तक हम रिपोर्ट की तैयारी शुरू करते हैं । और क्या अभी रिपोर्ट शुरू कहां की है जी

एक बात चलते चलते बता दें , भाई खुशदीप सहगल ने संदेशा दिया है कि उनकी लिखी हुई पोस्ट नेट कनेक्शन की बेवफ़ाई की भेंट चढी हुई है फ़िलहाल और दूसरी ये कि अब तक मिली खबर के अनुसार
दैनिक जागरण, राष्ट्रीय सहारा, नई दुनिया, अमर उजाला और अन्य कुछ समाचार पत्रों में इस ब्लोग्गर्स बैठक का सचित्र जिक्र किया गया है , वो भी दिखाएंगे आपको ।

हां रिपोर्ट आपको मेरे दूसरे ब्लोग कुछ भी कभी भी पर पढने को मिलती रहेगी ॥



शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

ये पोस्ट चर्चा नहीं सिर्फ़ मेरे द्वारा पढी गई कुछ पोस्टों का लिंक है आप भी पढ सकते हैं

मुझे लगता है कि चिट्ठाचर्चा के नाम से इतनी उठापटक चल रही है , अब तो सीधे सीधे इसे यही कह दूं कि ये रही उन पोस्टों की लिंक जो आज मैं पढते पढते लगा पाया । अब इसका मतलब ये कतई न लगाया जाए कि इसके अलावा कुछ नहीं पढा क्योंकि मैं कितना और कितने ब्लोग्स पढता हूं , कहां कहां जाकर पढ लेता हूं , इसका अंदाज़ा तो अब मुझे भी नहीं रहा ,खैर छोडिये , आप तो ये देखिए



कल मिलेंगे ब्लोग्गर्स बंधु, बस बीते आज की रात ॥


इसे आज नहीं पढा तो क्या पढा दोस्त ॥



टिप्पणी प्रभु, टिप्पणी दाता, टिप्पणी की महिमा अपरंपार,



पद्म, श्री, और बाकी का भी बजा दिया है बैंड ॥



आप भी देखिए किस किस की पोस्ट ली है ॥



संतानों के लिए तो उनके माता पिता ही नायक हैं,




जब भी लिखता है कोई विवादित टिप्पणी मिली है ॥



इश्वर करे ऐसी ही चर्चा हो रोज रोज ,



ताऊ जी साप्ताहि पहेली अनोखा अंदाज़ है ,



आज की पोस्टों में ये पोस्ट छोड रही अपना छाप,



जरूर एलियन जी ने ही दिया होगा उसे निमंत्रण



हम सजाते आंगन , वो देते हैं लीप



राज भाई खूब मिलमिला और बतिया रहे हैं ,



रानी विशाल ने रची कविता , बेटी का जन्म,



लंठ आलसी पर फ़ाग का ये रंग चढा,


अराधना के ब्लोग में पढिए पिल्ला कथा का अंत,



हमने तो देखा और मुंह से निकला वाह प्रशांत भाई ॥



शंकर जी ने टेंशन प्वाईंट में दिया सको लठिया ,




शास्त्री जी जब भी कहते हैं , कहते हैं खरी खरी ॥



सागरनामा हूं, मगर मैं खारा नहीं हूं ,



कह रही हैं मनोरमा, फ़ेसबुक पर फ़तवा हुआ है जारी ,



चलिए बहुत पढ लिए अब हो जाए हो कुछ पेट पूजा की बात,






शुक्रवार, 29 जनवरी 2010

चढते हैं मोटकार, कभी सायकल भी चढा कीजीए, अरे कभी कभी तो अलानी फ़लानी चर्चा भी पढा कीजीए

चलिए भाई , माना कि अपना कोई ब्रांड नहीं है , माना कि अपना दर्ज़ा भी शायद दोयम-तीयम या पता नहीं कौन कौन सा यम है , मगर अब जो है सो तो है ही , उसे जैसे का तैसा आपके सामने धर रहे हैं । झेलिए ......और हां ये हमने अपने आनंद के लिए नहीं समेटी, आपको भी आनंद आए तो श्रम सफ़ल हो ........

हैं तो कई मगर, कौन हैं ये अनाम,
इस पोस्ट में गैसियाईये आप किसी का नाम



चलिए नाम कर लिया गैस , अब फ़ोटू पहचानिए,
कोई ब्लोग्गरजी है, बस इतना ही जानिए




फ़िर अपनी लेखनी का कमाल दिखा रहें है श्री गोदियाल,
इस पोस्ट में पढिए कि क्या गुल खिला गया पिछला साल


बद्री केदार की यात्रा यहां पर है जारी,
आप भी देखिए , पोस्ट बडी है प्यारी



हां ऐसी पोस्टें तो मैं भी पढना चाहता हूं ,
बेशक वो कहें कि, मैं बिखरना चाहता हूं ॥



सोनी जी ने रख दिया सबके लिए एक केमिकल लोचा ,
हमने पढा , फ़िर पढा और पढके फ़िर सोचा ॥


अच्छा जी राम राम



वकील साहब ने रख दिया एक सच और एक दर्द,

हाय न्याय मिलेगा कैसे जब व्यवस्था हुई बेदर्द ॥



एक बच्चे के जन्मदिन में क्या हुआ ये जानिए ,
इस पोस्ट को पढिए जरूर , मेरी बात मानिए ॥



शिल्पकार जब करते हैं चैट, तो कुछ निकलता है नायाब,
ललित जी गिरिजेश जी की बात का मजा लीजीए जनाब ॥




अद्भुत शैली, अद्भुत अंदाज, अद्भुत है ये पोस्ट,
हिमांशु जी को पढने का आनंद अलग है दोस्त ॥




शब्द ही इनकी संपत्ति , शब्द ही इनकी औलाद,
आज जानिए अजित भाई से किसे कहते हैं फ़ौलाद




महेन्द्र भाई की चर्चा का यहां मजा लीजीए,

लोग जिसे कहने लगे हैं अलानी फ़लानी उसे भी पढा कीजीए



खुशदीप भाई ने आज देखिए किसका बुत है बनाया,
मक्खन ने स्लौग ओवर में , जाने किसे हंसाया ॥



एक पहेली ऐसी जिसका जवाब है आपके सामने,
इस पोस्ट को देखिए ,पहेली को बूझने और जानने




विनोद भाई का ताजा व्यंग्य हरिभूमि में है छपा ,
यहां पर है समाचार, क्या आपने नहीं है पढा ॥



वीरबहुटी पर पढिए ,निर्मला जी की गज़ल,
निर्मला जी बनी गज़लकार , चर्चा है आजकल ॥



नाम नहीं तो क्या बेनामी लेखन में चमत्कार ,
ब्लोग्गिंग का विश्लेशण यहां हो रहा तैयार ॥




यहां बता रहे हैं कुछ भाई शरद कोकास,
बहुत ही सराहनीय है इनका ये प्रयास ॥



इस पोस्ट में अवधिया जी ने उठाया एक सवाल,
पढिए और इस मुद्दे पर रखिए अपना ख्याल ॥



कभी कभी मुसकुराने का भी मजा उठाईये,
यदि पसंद आए तो खुल के ठहाका लगाईये॥



संगीता जी ने पूछा है मितव्ययिता का अर्थ,
आज नहीं पढी ये पोस्ट , तो बांकी पढना व्यर्थ ॥



तारकेशवर जी भी एक सामयिक प्रश्न किया है खडा ,
आप उन्हें बतलाईये कि इंसान ,धर्म में कौन है बडा




विनीत भाई को सनिया का प्रकरण लगा खराप,
अपनी इस पोस्ट में , उको जमके दिए सराप॥




दूबे जी अक्सर अपना मनपसंद विषय चुनते हैं,
और इसके बाद जम के कलम को धुनते हैं ॥




यहां देखिए किसको मिला है ब्लोग्गर औफ़ मंथ का पुरस्कार,
अरे जाईये पढिए और उन्हें बधाई दीजीए सरकार ।
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