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रविवार, 1 जनवरी 2017

Santoshi vatika a rooftop garden in delhi


HAPPY NEW YEAR ...
THE NEW YEAR RESOLUTION 
GREEN DELHI , CLEAN DELHI 
जाते जाते पुराना वर्ष बहुत सारे सबक और आने वाले समय के लिए एक मकसद दे गया , जी हाँ अब अपने बचे और बचाये हुए समय का सदुपयोग करते हुए आपके दोस्त द्वारा बनाई जा रही संतोषी वाटिका और इससे जुड़े हर फूल पत्ते , पौधे , मिट्टी की खुशबू , एहसास , आप सहित सब तक पहुंचाना ताकि महानगरों में धरती की छाती को सीमेंट बालू से बेरंग करते हुए हम उसे हरा भरा करने का भी प्रयास कर सकें ||
आप सबको ये नया साल बहुत ही मुबारक ...
आइए , हम और आप ...मिल कर एक नई दुनिया बनाते हैं ..करिश्माई संसार जिसमें कचरे को खूबसूरत बनाना है ...आप हैं न मेरे साथ 

सोमवार, 26 दिसंबर 2016

Gardening tips ( videos tutorials on roof farming )



As I introduced my roof garden and plantation in the waste household articles in this post , and told you that I am much fond of planting flowers veggies on my dream project  creating a "SkyGarden" on the roof top of my flat . 

Here is some snap and two casual videos , narrating simple queries and info about these plants ..




spinach , in the waste cooler base 
                        

spinach- in waste cooler base ,पालक का साग , बेकार कूलर तल में 

Brinjal Plants in the waste sitting tool बैठकी स्टूल में बैंगन का पौधा 

Various Household articles used as pots
घर में उपयोग हुई वस्तुओं का गमलों के रूप में प्रयोग 

waste dustbin used as flower pot
कचरापेटी का गमले के रूप में प्रयोग 

used water storaged drum for planting Gauva plant पानी का ड्रम अमरुद के पौधे लगाने के काम में 


Waste bucket -used for Tomato plants लीक हो रही बाल्टी में टमाटर के पौधे 

Tomatos टमाटर 


beautiful flowers in my roof garden
आकाश वाटिका में सुन्दर पुष्प 



Carrot and Raddish plants ...

And here are the two formal pieces of videos clips just answering the query of my son and daughter ...



   

                         

सोमवार, 10 अक्तूबर 2016

Meet my #RoofGarden #wastemanagement











Plant Family feeding Sunlight together and sharing love 


My Dad ,  who served his life as a defense personal in the Army Medical Corps , was basically a farmer by nature as he indeed belongs to a farmer family of a farthest village in Bihar .

From My early Childhood what exactly I remembered is that my father whenever and wherever during his various postings get the chance of cultivation , gardening he never let go the chance . I dreamily remember the kitchen garden or say the garden developed all around the home , in the fence behind our house , the space just in front of our main door , every corner every piece of land was used how and so .



plantation of Cabbage and Potato in village
                  

आंगन of a village ...

As he was basically a eatable product cultivator , so all the veggies used in the kitchen of Bihar almost was grown up by Pa :) . Potato , Onion , Ginger , Garlic, Mint, tomato, Brinjal , Lady Finger , Many types of Beans and beside this Regular plant of Tulsi and Genda , Roses , Champa , Chameli and many more ...in Toto , the whole soil was fertile and beautifully used , for which they are indeed made by the Almighty Nature .





गैंदे का सुन्दर फूल

Any way , this flash back narrated only just to give a clue to my friends that I am inherited an environmentalist or say plant lover . Since Childhood I have planted and grown more than 500 Plants and Trees , Many of them are now big Mango and Sheesam Trees .



मेरे हाथों  लगे आम के पौधे अब बन चुके हैं फलदार वृक्ष
The Mango Plants ..now grown up as fruited Tress





As many of my friends migrated finally in the Metro ,compelled to be a resident of flat , incidentally and luckily the top floor . What else a mud-bird like me need more than sky and sunlight to fly and grow .......to develop my terrace and Roof top with plenty of green fellows and the story goes on . ...Flowers and Lemons , Guava and Mint also , Tulsa and ..........

































But Listen , here not the story ends , Last week , Me with my Son Collected all Used and Waste Bottles , Boxes , etc , and see yourself What we tried and What we get was just Wonderful although not hundred percent perfect . But is this not a very good start ....."नन्हें फ़रिश्ते " As we named them .....























And Now I am seriously planning to create a "sky Garden" and with solar panels and beautiful green Cabin .......Love Nature ...Care for them ..as they are caring for ever and ever ever .......

सोमवार, 26 सितंबर 2016

निर्भया से करुणा ......



अगर गौर से सोचें तो पाएंगे कि करुणा  की हत्या तो असल में उसी दिन हो गई  थी , जिस दिन , उस व्यक्ति ने ,  बल्कि यह कहना चाहिए कि मनुष्य के रूप में हैवान के मस्तिष्क वाले ने , किसी भी समय ,किसी भी दिन और किसी भी क्षण ,जब सोचा था या फिर वह बड़ी आसानी से ये फैसला ले पाया था कि वह यूं सरेआम दिनदहाड़े करुणा को चाकुओं से गोदा लेगा |

और तब भी क्यों बल्कि उससे भी बहुत पहले ,तब जब ,आज से ठीक कुछ वर्षों पहले ,देश के सबसे वीभत्स अपराध ने पूरे देश के जनमानस को खौला कर सड़कों पर ला दिया था और लगने लगा था कि सरकार ,प्रशासन, न्यायविद ,पुलिस सभी मिलकर अब इस बात के लिए कटिबद्ध हो गए हैं कि भविष्य में इस तरह की कोई घटना दोहराई नहीं जाएगी |लेकिन ऐसा हुआ क्या ????नहीं इसके ठीक विपरीत कानूनी व्यवस्थाओं की कमियों का फ़ायदा उठाते हुए उस नृशंस अपराध का एक दोषी आज सरकार व सरकार की नीतियों से लाभान्वित होकर आराम से कहीं जीवन बसर कर रहा होगा , यकीन करिए ऐसा ही हो रहा होगा  ,व्यवस्थाएं पीड़ितों से अधिक आरोपियों  के हक़ में संवेदनशील दिखाई देती हैं  |

 सरकार मशीनरी ,प्रशासन सबके  अपने अपने स्तर पर ठोस कदम उठाए जाने के दावों के बावजूद स्थिति में कहीं कोई परिवर्तन देखने सुनने को नहीं मिल रहा है | बल्कि ऐसा लगता है मानो यह प्रवृत्ति बहुत तेजी से एक नासूर का रूप लेती जा रही है | सरकारी क्या कर रही है या पुलिस  क्या कर रही है ??? यह प्रश्न अलग है  | इससे अलग एक प्रश्न यह उठता है , कि प्रियदर्शिनी, निर्भया ,करुणा ,कौन जाने कौन कौन और कौन जाने कौन हीं , कहाँ नहीं ,घर, दफ्तर सड़क , सिनेमा , कब और कब नहीं ,कुल मिलाकर देखा जाए तो परिदृश्य ये निकलकर सामने आता है कि आज स्थिति बेहद हृदय विदारक चिंता जनक है

 एक हिंदी पत्रिका के लिए एक साप्ताहिक आलेख लिखने के दौरान अध्ययन करते समय मैंने पाया और देखकर दुखद आश्चर्य हुआ की विश्व के सबसे शक्तिशाली देश की सेना की महिला कमांडो दस्ते की लगभग 24% महिला कमांडो ने एक सर्वेक्षण के दौरान कबूला कि उन्हें उन के साथी सैनिकों ने एक बहादुर सिपाही के अलावा और भी अलग नजर से देखा || यह मेरे लिए बहुत ही दुखद आश्चर्य  देने वाला था क्योंकि अगर विश्व के सबसे शक्तिशाली सेना की महिला कमांडो भी कहीं ना कहीं उन्हीं सब परिस्थितियों और उन्हें छेड़छाड़ का शिकार हुई थी तो फिर हमें यह समझ लेना चाहिए कि कमोबेश यह स्थिति आज हर स्थान पर है ||

इस हालिया घटना और इससे पहले कि इसी तरह की घटी सारी घटनाओं में जो एक बात मुझे सबसे ज्यादा अखरती है वह कि आखिर यह लड़कियां अपने आप को इतनी आसानी से बिना प्रतिरोध बिना प्रतिवाद बिना प्रतिकार किए इतनी आराम से अपनी जान क्यों गवा देते हैं  और कई बार तो बिना शिकायत किए हुए ही ||पुरुषों  और महिलाओं के बीच बढ़ रही यह खाई इस कदर सामाजिक असंतुलन को जन्म दे रही है कि उसने अपने अंदर न्याय कानून सरकार प्रशासन सब को लपेटे में ले लिया है और उसका परिणय यह हुआ है कि कहीं भी किसी के लिए कोई भी खड़ा नहीं   होता है ||

इन परिस्थितियों में क्यों नहीं यह जरूरी हो जाता कि प्रत्येक देशवासी को अनिवार्य सैनिक शिक्षा देकर उन्हें कम से कम आत्मरक्षा आत्मविश्वास अनुशासन आपसी सहायता ,सहभागिता दृढ़ता आदि का प्रशिक्षण दिया जाए ||इसके लिए विशेष रूप से गठित एनसीसी , स्काउट गाइड व् एनएसएस  जैसी संस्थाओं को तुरंत इस बात के लिए आग्रह किया जाना चाहिए कि वह देश भर के स्कूल कॉलेजों में अपने को पुनर्स्थापित  करें | हालांकि मैं निजी रूप से इस विषय  पर एक पत्र पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय को लिख चुका हूं  |

अंत में उन लाखों निर्भया ,करुणाओं  और अन्य सभी लड़कियों से सिर्फ एक प्रश्न पूछना चाहता हूं कि आखिर वह अपनी लड़ाई अधूरी छोड़कर क्यों बीच में ही चली जाती है बिना उनको सजा दिए ,बिना उन उनके अपराध के लिए उनको अंजाम तक उन्हें पहुंचाए बिना और कई बार तो ये लड़कियां यूं बिना कुछ किए बिना कुछ बोले ...........आखिर क्यों इस दुनिया को छोड़ कर ...........अपने घर परिवार को छोड़कर चली जा रही हैं और बस चली जा रही हैं ,

प्रश्न विचारणीय है हमें आपको सोचना है आज और अभी सोचना है........... 

शनिवार, 24 सितंबर 2016

The unreal but Royal Dinner Conference

I was completely not aware of the indispire , the selection of  idea for the coming edition or say posts is also decided purely by the co-members read by all and appreciated or criticised also by all fellow bloggers . This is my first indispire post and purely imaginative ,Hence , please bear me as a new comer in the class of Scholars ......

Shali Jay
On my


Dining Table if I have the "chance of Age" to dine with 5 Eminent personalities or motivators of life


The Very First Guest Sh. Narendra Nath Dutt later known as Swami Vivekanand  will be sharing dinner on my table .  Vivekanand was self made or say self explored human being who experimented his short life of only 38 Years knowingly that He knows well for the purpose he was sent to this place . I get put a question , since more than Hundred Years have passed despite that Swami jee and his philosophy are being read and followed but How long is will take and why not making any difference to the nation ??

Seond Guest : Dr. A. P. J. Abdul Kalam , The Missile Man , The Former President of India , completely a self made simple man who started his life as a paper vendor and ended it (although these personalities alway lives with us through there thoughts and words)
as the very First person of the State . His life , work , dedication and simplicity are so much enriched in him that for a while dining with sir will automatically reflect the positive vibes and blessings what else can a host get in appreciation or tips :)


Third Guest Lord Buddha : -

"महात्मा बुद्ध ने प्रमाणित कर दिया है कि इन्सान पांच हज़ारों वर्ष से भी अधिक जिंदा रहता है सिर्फ अपने विचारों व् सदव्यवहार के कारण " 

Yes , how true lines said about the words and philosophy of Mahatma Buddh ..who shows the path of mankind , heartness by giving his Aashtaangik maarg theory . A prince by birth , and a saint by life to death . I will certainly want to enquire and try to understand that how he see today the equation or relation between religion civilization .



fourth Guest : Subhash Chandra Bose 
Yes , Netaji Subhash Chandra Bose , a true indian leader in all means . The man of whose words and leadership quality was so dedicated that all chiefs of countries around the world . What and How he can or will change the present eradication in Politics and System . He Once predicted that after independence if people were not crafted (either by civil or military rule) , they will definitely ruin the sate  ..and see......How correct he was .

Fifth Guest : Dashrath Manjhi (The Mountain Man) 


Since a film on Dashrath Manjhi ,role played by Navazuddin , was recently released to know the nation about the will power of this poor farmer who lost his wife could not be , hospitalised  in the absence of road , hurdled by two huge mountain . Is is always said "अकेला चना भाड नहीं फोड़ सकता " but Dashrath manjhi proved wrong this and changed " अकेला आदमी भी पहाड़ तोड़ के सड़क निकाल सकता है " | Today when the world is trending ane even costing lifes for selfie ,this done that done . This man have no body sorrounded and infact is co villagers saw him as mentally imbalance . But he proved himself . and that,s why I will ask him as when no body notice you doing great things and the conditions are bad and beyond your limits then ..then how one can or one concentrate on his goal .



And Yes the Pleasure is mine always to be a host and bill payer of these humanly god peoples who taught the coming generation that do not lose your faith in yourself , get inspired by others and then inspire others to do so . Good Night
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