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गुरुवार, 29 मई 2014

पढे लिखे अशिक्षित (संदर्भ स्मृति ईरानी विवाद) -200 वीं पोस्ट






नई सरकार के कामकाज से पहले ही जिस एक तथ्य को मुद्दा बना कर उस पर बहस की और कराई जा रही है ,वो है नवनियुक्त सरकार के प्रधानमंत्री द्वारा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री के रूप में टीवी की मशहूर अभिनेत्री सुश्री स्मृति जुबिन ईरानी की शैक्षणिक योग्यता जो , अंतर स्नातक बताई जा रही है , की नियुक्ति । ज्ञात हो कि चूंकि मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत ही शिक्षा मंत्रालय का काम भी आता है ,इसलिए इस बहस को और हवा दी जा रही है कि इसके लिए किसी ज्यादा शिक्षित और योग्य सांसद को ये जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी ।
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ऐसा शायद पहली बार ही हो रहा है कि ,किसी सांसद को सौंपे गए दायित्व को उसके हाथ में लेने से पहले ही उसकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर उसकी काबलियत पर न सिर्फ़ शक जताया जा रहा है बल्कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा स्तरहीन छींटाकशी तक की जा रही है । इतना ही नहीं सुश्री स्मृति ईरानी द्वारा पूर्व में किए गए कार्य चाहे वो मैकडोनाल्ड में वेट्रेस की नौकरी हो या बतौर टीवी अभिनेत्री ,उनको आधारित करके उनपर निजि हमले भी किए जा रहे हैं । और दिलचस्प बात ये है कि जो पार्टी इस पूरे मुद्दे को व्यत्र में तूल दे कर एक अलग दिशा दे रही है ,खुद उसी पार्टी के दो शीर्ष राजनेता जो पूर्व प्रधानमंत्री तक का पद संभाल चुके हैं , स्वर्गीय इंदिरा गांधी और स्वर्गीय राजीव गांधी की शैक्षणिक योग्यता भी अंतरस्नातक ही थी । इत्तेफ़ाकन ये तथ्य भी उल्लेखनीय लगता है कि बिहार में एक समय ऐसा भी आया था जब मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपनी गृहिणी पत्नी जो पूरी तरह निरक्षर थीं उन्हें सीधे मुख्यमंत्री की गद्दी न सिर्फ़ सौंप दी बल्कि उनकी पत्नी राबडी देवी ने राजकाज भी देखा भी
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जहां तक संवैधानिक स्थिति की बात है तो संविधान निर्माताओं ने कुछ सोच कर ही जनसेवा के लिए किसी की शैक्षणिक योग्यता न आडे आए ,इसलिए ही राजनीति से लेकर संवैधानिक पद के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं रखी ।और इतिहास इस बात का गवाह है कि बहुत बार ही कम शिक्षा प्राप्त जनसेवकों ने सिर्फ़ अपनी स्पष्ट नीयत और दृढ आत्मविश्वास से ऐसे कार्य कर दिखाए हैं जो मील का पत्थर साबित हुए हैं । हां वर्तमान परिदृश्य में इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता या आम जनमानस की ,राज़नीति व राज़नेताओं से ये अपेक्षा उचित ही लगती है कि उनके प्रतिनिधि उच्च शिक्षा प्राप्त काबिल लोग हों ,किंतु मात्र शैक्षणिक डिग्री को ही योग्यता का पैमाना माना जाए ये कहीं से भी उचित नहीं लगता ।
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यहां मुझे ब्लॉगर मित्र सुरेश चिपलूणकर जी द्वारा उपलब्ध कराया गया ये तथ्य यहां रखना समीचीन लग रहा है जिसे देखने के बाद आसानी से ये समझा जा सकता है कि एक जनप्रतिनिधि सांसद के रूप में उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन कितनी निष्ठा और शिद्धत से किया है , और स्मृति ईरानी के व्यक्तिव का आकलन करने वालों को खुदबखुद इसकी तुलना करके सारी स्थिति समझनी चाहिए ।

"18 अगस्त 2011 को राज्यसभा सांसद बनने के बाद से स्मृति ईरानी ने 51 बहस में भाग लिया, 340 प्रश्न पूछे, और संसद में उनकी उपस्थिति 73% रही...
- (स्रोत राज्यसभा सचिवालय)."

अंत में इस बहस पर एक आम भारतीय की राय के रूप में सिर्फ़ इतना ही कहना है कि मेरी तरह का आम व्यक्ति ये सोच रहा है कि जहां बहस इस बात पर होनी चाहिए थी कि इस लोकसभा में , पिछली लोकसभा से कहीं अधिक सांसद ऐसे पहुंचे हैं जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज़ हैं , चिंता राजनीति के अपराधीकरण पर व्यक्त की जानी चाहिए थी , आलोचना  उनकी होनी चाहिए थी जिनका दामन दागदार है न कि , बहस इस बात पर की जानी चाहिए थी कि , एक बारहवीं पास किस तरह से मानव संसाधन मंत्री के रूप में कार्य कर सकेगी॥ बहरहाल ये भारतीय राजनीति में उतर आए कुछ छिछले लोगों की ओछी सोच का परिचायक बनके आम जन के बीच उजागर हुआ है ॥
अरे हां चलते चलते याद आया कि ये इस ब्लॉग की 200वीं पोस्ट है जी ......

मंगलवार, 27 मई 2014

हां , ये है एक मुकम्मल ब्लॉग एग्रीगेटर -"ब्लॉगसेतु"




              "ब्लॉगसेतु "- नया ब्लॉग संकलक का मुखपृष्ठ




जब भी किसी नए ब्लॉग संकलक के शुरू किए जाने की कोई खबर या सूचना मिलती है तो हम उन हिंदी भाषाई ब्लॉगरों की उत्सुकता स्वाभाविक रूप से बढ ही जाती है, जिन्होंने , नारद , चिट्ठाजगत, ब्लॉगवाणी ,जैसे बेहतरीन ब्लॉग संकलकों के साथ ब्लॉगिंग के शुरूआती दिन बिताए थे और इन संकलकों पर प्रदत्त सुविधाओं को लेकर हुई उठापटक के गवाह भी रहे थे । हिंदी ब्लॉगिंग के लिए तब के दो बेहद लोकप्रिय संकलकों का बंद होना नि:संदेह नकारात्मक रहा , और जो रही सही कसर बची थी वो फ़ेसबुक ट्विट्टर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्टों को प्रकाशित करने और उन पर प्रतिक्रिया देने की तीव्र गति के कारण पूरी हो गई ।

हिंदी ब्लॉग पोस्टों को एक साथ सहेज़ कर एक पन्ने पर लाने के प्रयास यूं तो चलते ही रहे हैं और इस बीच आए संकलक जैसे हमारीवाणी ने काफ़ी हद तक पाठकों के लिए ये सुविधा मुहैय्या कराई , मगर फ़िर भी स्वचालित रूप से पोस्टों का प्रकाशन , कितनी बार पढी गईं , कितनी टिप्पणियां आदि जैसे फ़ीचर को ब्लॉगर व ब्लॉग पाठक तलाशते रहे । आखिरकार कुछ समय पहले जब ये ज्ञात हुआ कि ,हिंदी ब्लॉगिंग को अपनी शोध का विषय बनाने वाले युवा ब्लॉगर श्री केवल राम जी ने अपने अथक प्रयासों और काबिल टीम के नए प्रयोगों के साथ एक नए संकलक -ब्लॉगसेतु को पाठकों के लिए प्रस्तुत किया है तो सबने खुले दिल से इसका स्वागत किया । रोज़ाना नए ब्लॉग्स के जुडने का क्रम जारी है , किंतु इसके बहुत सारे विशेष फ़ीचर मेरे लिए आकर्षण की वजह रहे ......ये सिलसिलेवार संक्षिप्त रूप से कुछ यूं हैं ........

विषयों का वर्गीकरण
अभी इसमें मुख्य रूप से आठ श्रेणियां दिखाई दे रही हैं , जिनमें ब्लॉगर्स अपने ब्लॉग को उसकी सामग्री के अनुरूप इन श्रेणियों में प्रकाशित कर सकते हैं । इसका एक अन्य लाभ ये है कि जब भी किसी श्रेणी या उपश्रेणी को क्लिक करके देखा जाए तो उस श्रेणी की सारी पोस्टों की संख्या और सारी पोस्टें सिलसिलेवार दिखाई देती हैं । ये मुख्य श्रेणियां हैं , साहित्य, समाज ,मीडिया , तकनीक,विज्ञान , मनोरंजन, विविध विषय तथा अन्य

मुख्य श्रेणी के साथ उपश्रेणी की व्यवस्था
इन मुख्य श्रेणी के अंतर्गत भी सामग्रियों व पोस्टों को और फ़िल्टर करने के लिए उपश्रेणियां बनाई गई हैं , जैसे मीडिया के अंतर्गत , प्रिंट मीडिया , इलेक्ट्रॉनिक और वैब मीडिया । इसका लाभ ये है कि पाठकों के सामने विकल्पों की व्यवस्था रहने से वे ठीक उन पोस्टों पर ही पहुंच सकेंगे जहां वे पहुंचना चाह रहे हैं

केवल राम जी की मानें तो अभी ये संकलक प्रयोगों के दौर से गुजर रहा है और न सिर्फ़ ब्लॉग लेखकों बल्कि ब्लॉग के पाठकों के लिए भी इसमें कई सारे नए फ़ीचर जोडे जाने वाले हैं । उम्मीद की जानी चाहिए कि , ये सबकी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरेगा ।

स्मरण रहे कि एक ब्लॉगर सिर्फ़ अपने किन्हीं पांच ब्लॉग्स को ही ब्लॉगसेतु पर पंजीकृत करवा सकता है ॥

नवीनतम ब्लॉगों की सूची

चूंकि अभी संकलक अपने निर्माण की अवस्था में है ,इसलिए विशेष रूप से और स्थाई व्यवस्था के अनुसार भी इसकी साइड बार में नवीनतम ब्लॉग्स यानि वे ब्लॉग्स जो हाल ही में पंजीकृत हुए हैं उनकी सूची भी प्रदर्शित हो रही है ।
शीर्ष पचास ब्लॉग्स (प्रकाशित पोस्ट की संख्या अनुसार) की सूची

पोस्टों की संख्या के अनुसार ब्लॉगसेतु पर पंजीकृत ब्लॉग्स में से अधिक पोस्टों के हिसाब से शीर्ष पचास ब्लॉग्स ,उनकी प्रकाशित पोस्टों की संख्या के साथ ही मुखपृष्ठ पर प्रदर्शित किया गया है ।

ब्लॉगर्स की सूची

 ब्लॉग्स की तरह ही नए जुडने वाले ब्लॉगर्स का नाम व उनकी सूची भी मुख्य पन्ने पर ही प्रदर्शित की गई है , जिसका नाम रखा गया है हमारे सम्मानित ब्लॉगर ।

इनके अलावा और भी बहुत कुछ विशेषताएं हैं जिन्होंने ये साबित कर दिया है कि आने वाले समय में अपनी खासियत और उपयोगिता के कारण ब्लॉगसेतु नि:संदेह हिंदी ब्लॉगरों के लिए एक नियमित कोना साबित होने जा रहा है , उनमें से ये कुछ हैं ।

स्वचालित रूप से पोस्टों के प्रकाशन के साथ ही ब्लॉगसेतु मुख्य पृष्ठ पर उस पोस्ट का प्रदर्शन , जहां पोस्ट का शीर्षक , ब्लॉग लेखक की तस्वीर , कुल देखे जाने की संख्या , टिप्पणियों की संख्या आदि प्रदर्शित की जा रही है ।

एक जो और भी बहुत खास बात लगी वो ये कि इसमें पोस्ट पढने के लिए पाठकों को किसी अन्य पेज को क्लिक करने की जरूरत नहीं है , नीचे की तरफ़ स्वचालित स्क्रालिंग से पाठक जितनी चाहें पोस्टें पढ सकते हैं ।
कैलेंडर की तारीख के साथ उस दिन प्रकाशित पोस्टों की संख्या

मुख्य पृष्ठ पर ही दिया गया कैलेंडर , जिसमें हर तारीख के साथ ही उस तारीख को कुल प्रकाशित पोस्टों की संख्या भी दिख रही है जिस पर क्लिक करने से उस दिन प्रकाशित सारी पोस्टें एक साथ देखी जा सकती हैं ।

सांख्कीय आंकडे

केवल राम जी ने बताया कि ब्लॉग्स के सांख्यकीय आंकडों वाला फ़ीचर इसमें विशेष रूप से प्रदर्शित करने के पीछे उद्देश्य है कि ब्लॉग लेखक को उसके ब्लॉग और प्रकाशित पोस्टों से संबंधित सभी आंकडे एक साथ उसके डैशबोर्ड पर प्राप्त हो जाएंगे । ये इतना आकर्षक है कि इसमें अलेक्सा रैंकिंग से लेकर whois तक के आंकडे ,ग्राफ़ आदि दिख रहे हैं ।

ब्लॉगरों का जन्मदिन

ब्लॉगरों के प्रति विशेष स्नेह दर्शाते हुए यह विशेष फ़ीचर भी बहुत ही उम्दा और आकर्षक है । किसी ब्लॉगर के जन्मदिवस पर उसकी फ़ोटो के साथ बधाई संदेश के साथ मुखपृष्ठ पर उसकी मौजूदगी नि:संदेह सभी ब्लॉगर्स के मन को भाने वाली है ।

केवल राम जी निरंतर संवाद से ज्ञात हुआ कि वे अपनी टीम के साथ इसे निरंतर और अधिक उन्नत व उपयोगी बनाने के लिए प्रयासरत हैं । हम तमाम हिंदी ब्लॉगर्स की तरफ़ से उन्हें बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं । आप हिंदी के ब्लॉगर हैं तो ब्लॉगसेतु आपके लिए एक अनिवार्य कोना साबित होने जा रहा है , जो पहले पहुंच चुके हैं उनका आभार और जो बाकी हैं ,उनकी प्रतीक्षा है ..........केवल राम जी को पुन: शुभकामनाएं हिंदी ब्लॉगिंग के प्रसार के इस प्रयास के लिए
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