इस बीच खबर ये आ रही है कि , नराधम ,कृतघ्न ,लालची और महास्वार्थी धूर्त देश चीन के विरुद्ध विश्व भर के देश लामबंद हो
रहे हैं . अंतर्राष्ट्रीय अदालत में अब तक अलग अलग कुल सात देशों ने वाद संस्थापित
कर दिए हैं और अमेरिका ब्रिटेन जापान दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने चीन को स्पष्ट
सन्देश देने शुरू कर दिए हैं |
उधर चीन भी अपनी आदतों के अनुरूप इस बीमारी के
उद्भव ,प्रसार और उसमें उसकी अपनी कारगुजारियों को छिपाने की भरसक कोशिश कर रहा है
| इससे जुडी तमाम जानकारियाँ ,चिकत्सकों की रिपोर्ट ,वैज्ञानिकों के शोधपात्र पर यथासंभव
पाबंदी लगा कर अपने चिर परिचित चरित्र को उजागर कर रहा है |
यह सही मौक़ा है ,इस #चायनीज़वायरस से उबरने के बाद समूचे विश्व को इस धूर्त बदमाश अपराधी देश को सामाजिक
आर्थिक रूप से बिलकुल अलग थलग कर देना चाहिए | ऐसे में स्वाभाविक रूप से बड़े बाज़ार और बड़े
कामगार क्षेत्र के लिए पूरे विश्व के पास सबसे बेहतर और सबसे पहला विकल्प भारत
होगा |
आज जिस तरह से इस महामारी की दवाई को पूरे
विश्व को उपलब्ध करवाने में भारत पूरी दुनिया के बड़े से बड़े ताकतवर विकसित देश से
लेकर छोटे देश तक का तारणहार बना हुआ है उससे भी एक बार फिर भारत की छवि तारणहार
की और विश्व के अगुआ की बन गई है | ऐसे में पूरे विश्व का विश्वास पूरे विश्व का
यकीन अपने आप ही भारत पर बन गया है |
इस महामारी से निपटने के बाद भारत को अपने आर्थिक संकट से निकलने के लिए भी निश्चित रूप से इन स्थितियों का लाभ मिलेगा बशर्ते कि शुरू से ही गणित में कमज़ोर (यूँ भी कमज़ोर गणित वाले दिल से काम लेने वाले होते हैं और लाभ हानि से ऊपर सिर्फ दिल से ही सोचते करते हैं ) , इस सरकार के पास तब तक कोई बेहतरीन और सटीक विकल्प मिल जाए |
जो भी हो चीन को मानवता के विरुद्ध किये जा रहे
इस अपराध के लिए पूरे विश्व द्वारा जलालत के साथ साथ दण्डित किये जाने की भी जरूरत
है | इसके अतिरिक्त विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे तमाम वैश्विक संगठनों को भी उनके
गैर ज़िम्मेदार रवैये के लिए भरपूर लानत मलामत की जानी चाहिए |
