जी हाँ सच ही तो कहा है ...मेरे लिए तो सारे ब्लोग्स संगीत की तरह हो गए हैं...जिसे भी खोलता हूँ ..नयी धुन...नए बोल...नया सुर..नए साज...और नया गीत-संगीत....बिलकुल अलग अलग स्वाद, अलग अलग मिजाज..अलग अलग राग वाला ...खैर ...ये मेरी समस्या है ...की मुझे इसमें कभी संगीत..कभी साहित्य..कभी समाज..और कभी पता नहीं क्या क्या दिखता ही रहता है...आप तो आज की चिट्ठी चर्चा का मजा लीजिये ..
आप देखिये , इनका क्यूँ और कैसे मन कर रहा है कूदने का,
ऐसी धारा प्रवाह लेखनी , वक्त है पढने का, और डूबने का
चलते फिरते कबाड़खाने में पहुँच गयी आज कनुप्रिया,
आप खुद ही देखिये , किसने किसको याद किया
ताऊ की मंडे मैगजीन का अपना इक स्थान,
इसीलिए इतने कम समय में ही बन गयी पहचान
लावण्यम पूछे अंतर्मन से कित्ते हमारे साल हुए,
गणपति बाप्पा को समर्पित पोस्ट पढ़ कर हम निहाल हुए
भारत में त्यूहारों का है लोक जीवन से सम्बन्ध,
इस विषय पर आज पढिये अनवरत में निबंध
इंटरनेट पर हिंदी, मिथक और यथार्थ,
कैसा किया विस्फोट, आपने हे पार्थ
कैसी है सच्चाई , कैसी है ये कहानी,
देह की भूख के आगे , सब कुछ बेमानी
कह रहे हैं डाक्टर बाबू सबका समझाए के ,
उड़ जाना नहीं, सबके होश उडाये के
फाटक चंद और झंडू लाल घूमने गए भोपाल,
सुन्दर चित्रों से सजी हुई पोस्ट बनी कमाल.
कौन जाने कौन क्या कह जाए कब,
महुआ कहे आज अपनी उदासियों का सबब
मेलं मेल की धक्कम पेल , ऐसी बढ़ी तकरार,
इसका भी इलाज लेके फिरसे आया ब्लॉग बुखार
आज जन्मदिन है पी डी के लड्डू गोपाल का,
सबको चल गया पता, लल्ला हो गया इक साल का
कहती हैं भावना , अब ठीक हो गयी बिटिया रानी,
बाँकी की पोस्ट आगे अभी और है आनी
वाया अविनाश भाई, पप्पू सबको बुला रहा ,
व्यंग्य लिखो , इनाम पाओ, सबको यही बता रहा
आज मिली सूचना , दुबले भी हैं दौड़ते,
जो नहीं हैं दुबले , वो उनपे पोस्ट हैं लिखते
हे भगवान् अब मत भेजना किसी भी जिन्ना को ,
देखिये कितना टेंशन हो गयी, बेरोजगार मुन्ना को
सिगरेट और संगीत से सज गया आज मयखाना ,
पीओ पढो या सुनो , जो मन आये कर आना
जन्मदिन है आज अदा का, वही अदा दिखाती रही,
कह रही है आज अदा, अदा खुद से ही बतियाती रही
फिर से एक बार वो हो चीज जो वो है,
क़माल की है ये , जो है सो है
चलिए रात बहुत हो चुकी है ..इसलिए आज की चर्चा पर विराम लगाते हैं..बहुत समय से सोच रहा हूँ की ..जो नया इस चर्चा के लिए सोच रखा था ..उसे प्रयोग में लाऊं...मगर शायद अभी वक्त मुझे उतना वक्त नहीं दे रहा है ...चलिए आगे सही..
फ़ॉलोअर
सोमवार, 24 अगस्त 2009
शनिवार, 22 अगस्त 2009
जय हो गणपति बप्पा की, देखिये किसकी चर्चा की
साल का ये आधा भाग ..कम से कम भारत में तो बहुत ही खुशियों भरा रहता है ...या कहें की त्योहारों का / उत्सवों का ...रोशनी का , मिठाइयों का ..अजी क्या क्या कहें ..और किस किस का मौसम होता है ....और मौसम खुशगवार होने की तैयारी कर रहा होता है ..तो बस शुरू कीजिये आप भी ..तैयारी ..गणपति पूजा की, दुर्गा पूजा की..दिवाली की ..सबकी........शुभकामना ....
चलिए फिलहाल तो चर्चा का मजा लीजिये ....
सिगरेट के साहित्य (विल्स कार्ड ) ,के बाद, अब बीडी ब्रेक का मजा लीजिये ,
अजी मारिये गोली आपत्ति को , आप तो यूँ ही लिखा कीजिये
कहती है स्वप्निल , इस बार , उसके घर भी आयेंगे गणेशा ,
हमारी शुभकामना , सुख समृद्धि भी आये साथ हमेशा ..
सुना है आजकल प्रोपर्टी की रेट हो रहे हैं हौट,
फिर भी अविनाश भाई कहते , कहाँ पे लूं मैं प्लौट
राज भाई का आनन फानन में भारत आना हुआ ,
हुए अस्वस्थ , तो फिक्रमंद ये ज़माना हुआ
सफ़ेद घर में आज ऐसी हरी भरी एक पोस्ट है गयी लगाई,
पढ़ के , देख के , जाने किस किस को घर की याद आयी
लंठ महाचर्चा में , अब आ गए हैं बित्तन बाबा ,
गिरिजेश जी की अद्भुत शैली, अद्भुत आभा
ये कहते हैं , कमीने न नेचुरल हैं न ही इमानदार ,
कमाल है , कमीने भी ऐसे क्या होते हैं यार
परसाई जी को याद करके , शरद भाई ने कमाल का संस्मरण है पढ़वाया ,
जिस जिस ने चखा इसको , कभी मछली का, कभी फिश करी का स्वाद आया
पढ़ा , देखा , सुना कि, बिहार से खाने की इक थाली है आयी,
इस पोस्ट ने माँ की फिर से याद है दिलाई
कमीने देखने जाना था , फिर भी अलोक जी ने चर्चा कर दी चिट्ठों की,
आप खुद ही देखिये , चर्चा हुई है कित्तों की
ताऊ जी की पहेली का उत्तर देने का अब समय हुआ ख़तम ,
जय गणपति बप्पा की , इस बार समझ गए हम
ऐड्स दूर करने के लिए मंत्रों का हो गया आविष्कार,
वाह वाह कलयुग में अद्भुत ये चमत्कार
नेता निकलते सड़क पर , सड़कें होती बंद ,
राजतंत्र में आज यही मुद्दा हुआ कलमबंद
संगीता जी ने मंजू दीदी के बहाने , ये किसका दर्द उठाया ,
आप खुद ही देखिये , कौन कौन पढ़ -टीप के आया
विश्व स्वस्थ्य संगठन के खिलाफ यहाँ हुआ विरोध ,
होम्प्योपैथी के खिलाफ क्यूँ करे कोई प्रतिरोध
बारिश से बेहाल हुए , निकल गया सारा दम ,
इरफान भाई की तुलिका में फंस गया दिल्ली नगर निगम
आसान नहीं होती , राख में मुस्कान की तलाश ,
गौर से पढियेगा, पंक्तियाँ है बहुत ख़ास
इंसान के भीतर इक कुत्ता छुपा होता है ,
जानिए वो कैसे कैसे बड़ा होता है
वो पूछ रहे हैं , कहाँ चली गयी देश की दाल ,
हम क्या कहें जी , खाए हो गए कितने साल
मिसर जी गए घूमने , पहुँच गए बाजार,
कैमरा भी साथ था , धाँसू पोस्ट हुई तैयार
इस पोस्ट का , शीर्षक है , जयचंद , जिन्ना और जसवंत ,
इसी के साथ अब इस चर्चा कर , करते हैं हम अंत
तो मित्रों/बंधू ..आज की चर्चा हुई ख़तम,
कल रविवार की चर्चा के साथ फिर से हाज़िर होंगे हम
चलिए फिलहाल तो चर्चा का मजा लीजिये ....
सिगरेट के साहित्य (विल्स कार्ड ) ,के बाद, अब बीडी ब्रेक का मजा लीजिये ,
अजी मारिये गोली आपत्ति को , आप तो यूँ ही लिखा कीजिये
कहती है स्वप्निल , इस बार , उसके घर भी आयेंगे गणेशा ,
हमारी शुभकामना , सुख समृद्धि भी आये साथ हमेशा ..
सुना है आजकल प्रोपर्टी की रेट हो रहे हैं हौट,
फिर भी अविनाश भाई कहते , कहाँ पे लूं मैं प्लौट
राज भाई का आनन फानन में भारत आना हुआ ,
हुए अस्वस्थ , तो फिक्रमंद ये ज़माना हुआ
सफ़ेद घर में आज ऐसी हरी भरी एक पोस्ट है गयी लगाई,
पढ़ के , देख के , जाने किस किस को घर की याद आयी
लंठ महाचर्चा में , अब आ गए हैं बित्तन बाबा ,
गिरिजेश जी की अद्भुत शैली, अद्भुत आभा
ये कहते हैं , कमीने न नेचुरल हैं न ही इमानदार ,
कमाल है , कमीने भी ऐसे क्या होते हैं यार
परसाई जी को याद करके , शरद भाई ने कमाल का संस्मरण है पढ़वाया ,
जिस जिस ने चखा इसको , कभी मछली का, कभी फिश करी का स्वाद आया
पढ़ा , देखा , सुना कि, बिहार से खाने की इक थाली है आयी,
इस पोस्ट ने माँ की फिर से याद है दिलाई
कमीने देखने जाना था , फिर भी अलोक जी ने चर्चा कर दी चिट्ठों की,
आप खुद ही देखिये , चर्चा हुई है कित्तों की
ताऊ जी की पहेली का उत्तर देने का अब समय हुआ ख़तम ,
जय गणपति बप्पा की , इस बार समझ गए हम
ऐड्स दूर करने के लिए मंत्रों का हो गया आविष्कार,
वाह वाह कलयुग में अद्भुत ये चमत्कार
नेता निकलते सड़क पर , सड़कें होती बंद ,
राजतंत्र में आज यही मुद्दा हुआ कलमबंद
संगीता जी ने मंजू दीदी के बहाने , ये किसका दर्द उठाया ,
आप खुद ही देखिये , कौन कौन पढ़ -टीप के आया
विश्व स्वस्थ्य संगठन के खिलाफ यहाँ हुआ विरोध ,
होम्प्योपैथी के खिलाफ क्यूँ करे कोई प्रतिरोध
बारिश से बेहाल हुए , निकल गया सारा दम ,
इरफान भाई की तुलिका में फंस गया दिल्ली नगर निगम
आसान नहीं होती , राख में मुस्कान की तलाश ,
गौर से पढियेगा, पंक्तियाँ है बहुत ख़ास
इंसान के भीतर इक कुत्ता छुपा होता है ,
जानिए वो कैसे कैसे बड़ा होता है
वो पूछ रहे हैं , कहाँ चली गयी देश की दाल ,
हम क्या कहें जी , खाए हो गए कितने साल
मिसर जी गए घूमने , पहुँच गए बाजार,
कैमरा भी साथ था , धाँसू पोस्ट हुई तैयार
इस पोस्ट का , शीर्षक है , जयचंद , जिन्ना और जसवंत ,
इसी के साथ अब इस चर्चा कर , करते हैं हम अंत
तो मित्रों/बंधू ..आज की चर्चा हुई ख़तम,
कल रविवार की चर्चा के साथ फिर से हाज़िर होंगे हम
रविवार, 16 अगस्त 2009
कहीं जारी बहस ,कहीं पर द्वंद , आप तो पढिये , चर्चा के ये छंद
हलाँकि शुरू से एक जो बात नियमित रूप से ब्लॉग्गिंग में दिख रही है ...वो है कोई न कोई विवाद ....और वाद विवाद तो एक स्वस्थ और जागरूक समाज की निशानी है .....मगर विवाद भी स्वस्थ और स्पष्ट अर्थों में हो तो सार्थक होता है....इतने बड़े परिवार में मतान्तर होना स्वाभाविक है ...और जरूरी भी...मगर उद्देश्य हमेशा यही होना चाहिए की ...उससे किसी का भला हो न हो ...कम से कम बुरा नहीं हो ...और दूसरी बात जो इन दिनों बहुत ज्यादा देखने में आ रही है ..वो हिंदी ब्लॉग्गिंग पर ..खुद हिंदी ब्लोग्गेर्स के द्वारा ही ..लगातार प्रश्नचिन्ह लगाना ....बात गंभीर है ..और दुखद ये है की प्रवृत्ति बनती जा रही है .....खैर ...इस विषय पर तो मैं अपने दुसरे ब्लॉग पर विस्तार से लिखने का प्रयास करूँगा ..फिलहाल तो आप आज की चिट्ठाचर्चा का आनंद लीजिये ..
यहाँ दिल्ली में पिछले तीन दिनों की लगातार बारिश ने मौसम में थोड़ी सी ठंडक ला दी है ..जबकि ब्लॉग जगत आज काफी गर्मागर्म लग रहा है ...देखिये .....
राज भाई कहते हैं , बस अच्छा लिखते जाओ यार,
टिपण्णी मिले बिलकुल कम , या मिले बेशुमार
विनय पत्रिका में साहित्य पर कुछ है कहा गया,
हमसे तो बिना पढ़े , बिलकुल भी न रहा गया
प्रवीण जी को उनकी बात का, दिया संगीता जी ने जवाब ,
ये पूछ कर कि ,क्यूँ की गयी उनकी छवि खराब
ब्लॉग बुखार से परेशान हैं, बिलकुल मत घबराइये,
अपने चिट्ठे का मुफ्त हेल्थ चेकअप , यहाँ पर करवाइए
ब्लॉग्गिंग में हो रही गाली गलौज का क्या हुआ परिणाम ,
रोमन में की टिपण्णी , हो गया काम तमाम
कोई कहता है बादशाह, कोई कहें हमें डॉन,
अमरीकीयों ने फिर भी पूछा ,आप हैं कौन
इंसानों के पढ़ लिए अब पढिये किस्से भूत के,
हाय क्या लिखा है जालिम, दिल ले गए लूट के
स्वप्न लोक में घुमते हुए , पहुंचे कहाँ से कहाँ ,
जाओ जहां मर्जी चाहे, मगर रहो हमेशा यहाँ
डाकखाने ने अपने सचिन से पूछे हैं कुछ सवाल ,
अरे क्रिकेट के नहीं, पोस्ट के, कैसा हुआ कमाल
प्रधानमंत्री के भाषण में ,न्यायव्यवस्था पर कुछ कहा गया,
देखिये तीसरे खंभे पर , इस बारे में क्या लिखा गया
राजीव भाई को हंसते हंसते , सबने इतना प्यार दिया,
आज उनके ब्लॉग पोस्ट ने सौ का आंकडा पार किया
डाक्टर साहब ने जाकिर साहब को क्या खूब है समझाया,
धर्म और आस्था का अब मतलब समझ में आया
ताऊ जी की पहेली अबकी जीते सुशील कुमार .
मेरिट लिस्ट आ गया जी अबकी नाम हमार
पांच पंक्तियाँ लिख के ये चुप्पी किसने ओढी ,
आप पढ़ के देखिये , ये चुप्पी किसने तोडी
चलती रहे ये जिन्दगी, अलविदा मत कहा करो,
नहीं कहेंगे जी, कभी, आप यूँ ही लिखा करो
लविज़ा की मम्मी को कैसा अनोखा आईडिया आया,
आपम खुद ही देखिये, उसने कैसे इनदेपेंदेंस डे मनाया
आज की चर्चा ..यहीं पर समाप्त करते हैं ...
यहाँ दिल्ली में पिछले तीन दिनों की लगातार बारिश ने मौसम में थोड़ी सी ठंडक ला दी है ..जबकि ब्लॉग जगत आज काफी गर्मागर्म लग रहा है ...देखिये .....
राज भाई कहते हैं , बस अच्छा लिखते जाओ यार,
टिपण्णी मिले बिलकुल कम , या मिले बेशुमार
विनय पत्रिका में साहित्य पर कुछ है कहा गया,
हमसे तो बिना पढ़े , बिलकुल भी न रहा गया
प्रवीण जी को उनकी बात का, दिया संगीता जी ने जवाब ,
ये पूछ कर कि ,क्यूँ की गयी उनकी छवि खराब
ब्लॉग बुखार से परेशान हैं, बिलकुल मत घबराइये,
अपने चिट्ठे का मुफ्त हेल्थ चेकअप , यहाँ पर करवाइए
ब्लॉग्गिंग में हो रही गाली गलौज का क्या हुआ परिणाम ,
रोमन में की टिपण्णी , हो गया काम तमाम
कोई कहता है बादशाह, कोई कहें हमें डॉन,
अमरीकीयों ने फिर भी पूछा ,आप हैं कौन
इंसानों के पढ़ लिए अब पढिये किस्से भूत के,
हाय क्या लिखा है जालिम, दिल ले गए लूट के
स्वप्न लोक में घुमते हुए , पहुंचे कहाँ से कहाँ ,
जाओ जहां मर्जी चाहे, मगर रहो हमेशा यहाँ
डाकखाने ने अपने सचिन से पूछे हैं कुछ सवाल ,
अरे क्रिकेट के नहीं, पोस्ट के, कैसा हुआ कमाल
प्रधानमंत्री के भाषण में ,न्यायव्यवस्था पर कुछ कहा गया,
देखिये तीसरे खंभे पर , इस बारे में क्या लिखा गया
राजीव भाई को हंसते हंसते , सबने इतना प्यार दिया,
आज उनके ब्लॉग पोस्ट ने सौ का आंकडा पार किया
डाक्टर साहब ने जाकिर साहब को क्या खूब है समझाया,
धर्म और आस्था का अब मतलब समझ में आया
ताऊ जी की पहेली अबकी जीते सुशील कुमार .
मेरिट लिस्ट आ गया जी अबकी नाम हमार
पांच पंक्तियाँ लिख के ये चुप्पी किसने ओढी ,
आप पढ़ के देखिये , ये चुप्पी किसने तोडी
चलती रहे ये जिन्दगी, अलविदा मत कहा करो,
नहीं कहेंगे जी, कभी, आप यूँ ही लिखा करो
लविज़ा की मम्मी को कैसा अनोखा आईडिया आया,
आपम खुद ही देखिये, उसने कैसे इनदेपेंदेंस डे मनाया
आज की चर्चा ..यहीं पर समाप्त करते हैं ...
शुक्रवार, 14 अगस्त 2009
जय कन्हैया लाल की, पोस्टें हैं कमाल की (चिट्ठी चर्चा )
आप सबको जन्माष्टमी की बहुत बहुत बधाई और मुबारकबाद ...इस अवसर पर ना जाने क्यूँ बस एक बात मष्तिष्क में घूम रही है...हम हर साल इन पर्व त्योहारों को तो खूब धूम धाम से मनाते हैं ..कृष्ण को, उनके हर रूप को ....सबको याद करते हैं, उनकी पूजा अर्चना करते हैं ....मगर कृष्ण जीवन की ..कृष्ण के गीता उपदेश की ..गीता के दर्शन की ..याद शायद ही कभी याद आती हो ...खैर ...
आज की चर्चा का लुत्फ़ लीजिये .....
न पढिये , न पसंद कीजिये , और न ही टिपियाइये ,
जन्माष्टमी पर प्रभु के दर्शन कर के आइये
रुकने को किसने कहा , आगे बढ़ते जाइए,
दर्शन तो हो गए, अब कृष्ण लीला , नोश फरमाइए
सबने अपना समय आज इसी में खर्चा है,
चहुँ और नंदलाल की ही तो चर्चा है..
या तो कृष्ण हैं छाये आज , या छाई हुई तकरार ,
आप निकाले खुद ही, रही सार्थक , या हुई बेकार
तिरंगे के कोड को लेकर कुछ ऐसे उठा विवाद,
आप खुद ही देखिये , क्या हुआ इसके बाद
इधर चल रहा वाद विवाद , उधर पकड़ में आया चोर,
पकडो ,पकडो ,माफी मंगवाओ , सब और यही था शोर.
कुछ यादें, कुछ लहरें, उनकी गिनती , मैं और तुम ,
आप भी पढिये मन से , अपने होश कीजिये गुम
ताऊ की पिक्चर का रिलीज हुआ पहला एपिसोड
गब्बर ने ठाकुर से मांग कर गन कर लिया लोड
इक रोमांटिक सी जर्नी , जिसे कहते हैं सफ़र
अनिल भाई की कलम में देखिये कितना है असर
क्यूँ इधर उधर इतना रहे हैं भटक ,
देखिये इस पोस्ट में माँ की रोटियों की महक
ब्लॉगजगत का नन्हा ब्लॉगर , कभी बैठता नहीं बेकार,
आज कर दिया एक बार फिर से टेलीफोन का आविष्कार
वो कह रहे हैं , उसे इल्म नहीं मेरे फोन काल का,
आप खुद ही पढिये , क्या लिखा है , कमाल का ,
इस ब्लॉग के लेखक हैं शब्दों के खिलाडी ,
आज जानिए क्या होता है जोड़तोड़ ,किसे कहते हैं जुगाड़ी
शुकल जी अभी अभी ,अपने इश्टाईल में चर्चियाये हैं,
आप भी देखिये, किस किस को लटकाए हैं ...
एक साबुन से हुई इन्हें अटैचमेंट कितनी इमोशनल ,
एकदम निजी अनुभव हैं, नहीं है प्रोफेशनल
आजादी की संध्या पर स्वतन्त्रता संघर्ष में महिलाओं की भूमिका जानिए,
इनके लिखे का माना है लोहा , पढिये , और आप भी मानिए
पोस्ट ये समर्पित है, वतन के रखवालों को,
शत शत नमन , आजादी के मतवालों को
का का तो कह दिए ,पांडे जी, बुजुर्गियत के बहाने से ,
कौन नहीं दीवाना हुआ , उनके इस फ़साने से
वो कुछ भी कह दें , उसमें होती है कुछ बात ,
आज फिर पहुँची है वो, उसी अदा के साथ
इस देश में न जाने कैसी बन रही परिपाटी ,
निर्दोष पर ही पुलिस भी भांज रही है लाठी
मिसर जी ने भी स्वाईन फ्लू को समर्पित की एक पोस्ट ,
कह रहे ई ससुरे मेहमान का,मौसमवा है जी होस्ट
चलिए आज के लिए इतना ही ..आजादी की सालगिरह पर आप सबको बधाई ...
आज की चर्चा का लुत्फ़ लीजिये .....
न पढिये , न पसंद कीजिये , और न ही टिपियाइये ,
जन्माष्टमी पर प्रभु के दर्शन कर के आइये
रुकने को किसने कहा , आगे बढ़ते जाइए,
दर्शन तो हो गए, अब कृष्ण लीला , नोश फरमाइए
सबने अपना समय आज इसी में खर्चा है,
चहुँ और नंदलाल की ही तो चर्चा है..
या तो कृष्ण हैं छाये आज , या छाई हुई तकरार ,
आप निकाले खुद ही, रही सार्थक , या हुई बेकार
तिरंगे के कोड को लेकर कुछ ऐसे उठा विवाद,
आप खुद ही देखिये , क्या हुआ इसके बाद
इधर चल रहा वाद विवाद , उधर पकड़ में आया चोर,
पकडो ,पकडो ,माफी मंगवाओ , सब और यही था शोर.
कुछ यादें, कुछ लहरें, उनकी गिनती , मैं और तुम ,
आप भी पढिये मन से , अपने होश कीजिये गुम
ताऊ की पिक्चर का रिलीज हुआ पहला एपिसोड
गब्बर ने ठाकुर से मांग कर गन कर लिया लोड
इक रोमांटिक सी जर्नी , जिसे कहते हैं सफ़र
अनिल भाई की कलम में देखिये कितना है असर
क्यूँ इधर उधर इतना रहे हैं भटक ,
देखिये इस पोस्ट में माँ की रोटियों की महक
ब्लॉगजगत का नन्हा ब्लॉगर , कभी बैठता नहीं बेकार,
आज कर दिया एक बार फिर से टेलीफोन का आविष्कार
वो कह रहे हैं , उसे इल्म नहीं मेरे फोन काल का,
आप खुद ही पढिये , क्या लिखा है , कमाल का ,
इस ब्लॉग के लेखक हैं शब्दों के खिलाडी ,
आज जानिए क्या होता है जोड़तोड़ ,किसे कहते हैं जुगाड़ी
शुकल जी अभी अभी ,अपने इश्टाईल में चर्चियाये हैं,
आप भी देखिये, किस किस को लटकाए हैं ...
एक साबुन से हुई इन्हें अटैचमेंट कितनी इमोशनल ,
एकदम निजी अनुभव हैं, नहीं है प्रोफेशनल
आजादी की संध्या पर स्वतन्त्रता संघर्ष में महिलाओं की भूमिका जानिए,
इनके लिखे का माना है लोहा , पढिये , और आप भी मानिए
पोस्ट ये समर्पित है, वतन के रखवालों को,
शत शत नमन , आजादी के मतवालों को
का का तो कह दिए ,पांडे जी, बुजुर्गियत के बहाने से ,
कौन नहीं दीवाना हुआ , उनके इस फ़साने से
वो कुछ भी कह दें , उसमें होती है कुछ बात ,
आज फिर पहुँची है वो, उसी अदा के साथ
इस देश में न जाने कैसी बन रही परिपाटी ,
निर्दोष पर ही पुलिस भी भांज रही है लाठी
मिसर जी ने भी स्वाईन फ्लू को समर्पित की एक पोस्ट ,
कह रहे ई ससुरे मेहमान का,मौसमवा है जी होस्ट
चलिए आज के लिए इतना ही ..आजादी की सालगिरह पर आप सबको बधाई ...
बुधवार, 12 अगस्त 2009
चिट्ठी चर्चा वाली , हमने फिरसे डाली
देश में स्वाइन फ्लू का कहर फैलता जा रहा है....स्कूल , कॉलेज ,सिनेमा, दफ्तर ..सब बंद किये जा रहे हैं...बस एक बात समझ में नहीं आती की ...जब कुछ समय पहले से ही इसकी प्रसार और आक्रमण की खबरें थी तो ..सरकार , स्वास्थ्याजागत ,,,क्यूँ नहीं ...पहले से एहतियात बरत कर ..इसके लिए खुद और जनमानस को तैयार कर सकी....जो भी हो अब तो इश्वर से एक ही प्रार्थना है की ..जल्दी ही ये हालत काबू में आ जाएँ ....
आज की चर्चा आपके लिए पेश है ....
निंदा की जाए चीन की , या दिया जाए धन्वाद ,
इसका फैसला कीजिये , ये पोस्ट पढने के बाद
इन तरही गज़लों को पढिये , आँखें तर कीजिये,
पसंद आयें तो टिप्प्न्नी से पोस्ट को भर दीजिये
शब्दावली में आज अर्थ जानिए अभिवादन का,
दोगुना हो जाएगा , भाषा के रसास्वादन का
तोफा बन गया सोफा , किसको हुआ कबूल ,
पढिये -हंसिये, जो हँसना गए हैं भूल
ब्लॉगजगत की पहली पिक्चर हो रही है रिलीज
ताऊ जी की शोले का टिकट अभी से ले लीजिये प्लीज
वंडरफुल लाईफ है , दुनिया हुई निगोड़ी ,
डाक्टर साहब अपने अंदाज में जो न कह जाएं थोडी
बिना पढ़े ही कैसे पसंद मिली, मनीषा ने किया सवाल
अलबेला जी की साफगोई ने , फिर से किया कमाल
छोटे विवेक जी आज है जनम दिन, आशीष दीजिये,
स्वप्नलोक के नौनिहालों से आप भी मिलिए
इनकी नींद को कौन उड़ा के ले गए ,
सुंदर सी पोस्ट में वे , सबको, बहा के ले गए
थोडा सा ज्ञान पाइए , थोडा सा मनोरंजन ,
आ रहा गूगल का नया सर्च इंजन ..
राष्ट्रकवि और हिंदी के ठाठ देखिये ,
अमर बाबु ने लगाई कैसी वाट देखिये..
शब्दशिखर में वन्देमातरम और मुस्लिम समाज है,
रोज की तरह , फिर से इक सार्थक पोस्ट आज है
क्या है लड़की , मीनू जी बता रही हैं,
समाज को सच का आईना दिखा रही हैं
फटाफट पहुँचिये , आप भी लीजिये इनको पहचान ,
अरे नकदी की भी व्यवस्था है ,इनाम में श्रीमान
कंप्यूटर शब्दावली को बतलाता ब्लॉग ये अनोखा ,
क्यूँ नहीं पहुंचे अब तक , किसने है रोका
कुश भाई ने चर्चा करके नाम रख दिया चर्चु,
बधाई हो कुश मिया, सुना आप बन गए चाचू
हमने पूछा आदि से , और क्या कर रहे हो भाई,
अले अंकल आप भी देखो , खिलोने की कैसी बैंड बजाई
स्वाइन फ्लू की खबर से मनोज जी बोले बाप रे बाप,
इसके अलावा क्या क्या कहा , खुद पढ़ लीजिये आप..
दो बातें एहसास की तन्हाई में कीजिये
मैं ज्यादा क्या कहूँ , आप ही पढ़ लीजिये
अच्छा जी ...राम राम...अपना और अपनों का इस फ्लू के कहर में ध्यान रखिये ....
आज की चर्चा आपके लिए पेश है ....
निंदा की जाए चीन की , या दिया जाए धन्वाद ,
इसका फैसला कीजिये , ये पोस्ट पढने के बाद
इन तरही गज़लों को पढिये , आँखें तर कीजिये,
पसंद आयें तो टिप्प्न्नी से पोस्ट को भर दीजिये
शब्दावली में आज अर्थ जानिए अभिवादन का,
दोगुना हो जाएगा , भाषा के रसास्वादन का
तोफा बन गया सोफा , किसको हुआ कबूल ,
पढिये -हंसिये, जो हँसना गए हैं भूल
ब्लॉगजगत की पहली पिक्चर हो रही है रिलीज
ताऊ जी की शोले का टिकट अभी से ले लीजिये प्लीज
वंडरफुल लाईफ है , दुनिया हुई निगोड़ी ,
डाक्टर साहब अपने अंदाज में जो न कह जाएं थोडी
बिना पढ़े ही कैसे पसंद मिली, मनीषा ने किया सवाल
अलबेला जी की साफगोई ने , फिर से किया कमाल
छोटे विवेक जी आज है जनम दिन, आशीष दीजिये,
स्वप्नलोक के नौनिहालों से आप भी मिलिए
इनकी नींद को कौन उड़ा के ले गए ,
सुंदर सी पोस्ट में वे , सबको, बहा के ले गए
थोडा सा ज्ञान पाइए , थोडा सा मनोरंजन ,
आ रहा गूगल का नया सर्च इंजन ..
राष्ट्रकवि और हिंदी के ठाठ देखिये ,
अमर बाबु ने लगाई कैसी वाट देखिये..
शब्दशिखर में वन्देमातरम और मुस्लिम समाज है,
रोज की तरह , फिर से इक सार्थक पोस्ट आज है
क्या है लड़की , मीनू जी बता रही हैं,
समाज को सच का आईना दिखा रही हैं
फटाफट पहुँचिये , आप भी लीजिये इनको पहचान ,
अरे नकदी की भी व्यवस्था है ,इनाम में श्रीमान
कंप्यूटर शब्दावली को बतलाता ब्लॉग ये अनोखा ,
क्यूँ नहीं पहुंचे अब तक , किसने है रोका
कुश भाई ने चर्चा करके नाम रख दिया चर्चु,
बधाई हो कुश मिया, सुना आप बन गए चाचू
हमने पूछा आदि से , और क्या कर रहे हो भाई,
अले अंकल आप भी देखो , खिलोने की कैसी बैंड बजाई
स्वाइन फ्लू की खबर से मनोज जी बोले बाप रे बाप,
इसके अलावा क्या क्या कहा , खुद पढ़ लीजिये आप..
दो बातें एहसास की तन्हाई में कीजिये
मैं ज्यादा क्या कहूँ , आप ही पढ़ लीजिये
अच्छा जी ...राम राम...अपना और अपनों का इस फ्लू के कहर में ध्यान रखिये ....
मंगलवार, 11 अगस्त 2009
चिट्ठाचर्चा में जो हुआ ये अन्तराल, नेट कनेक्शन ने किया था बेहाल
जी हाँ ,...इरादा तो यही था ..की जब वापसी करेंगे....इस चिट्ठे पर चर्चा की तो कोशिश करेंगे की ..जल्दी से अन्तराल ना आये...और होता भी ऐसा ..मगर हमारे इस इरादे की खबर ..कमबख्त हमारे नेट कनेक्शन वाले को नहीं थी शायद..मुआ लगा नखरे दिखाने ..जब देखो ..डिस्कनेक्टेड...एक दिन दो दिन...एक ब्लॉगर को दो दिनों तक ..ब्लोगों को लिखने-पढने, टीपने जैसे मौलिक अरे नहीं नैटिक अधिकार ..अरे नेट से जुड़े अधिकार भाई .....से वंचित रहे तो काहे का पंद्रह अगस्त जी..हमने भी ..आखिरकार ..उसे फाईनल अल्टीमेटम दे ही दिया..साथ ही ताकीद कर दी की बेटा आज के आज यदि ..हमारा समबन्ध ब्लॉगजगत से स्थापित नहीं हुआ ..तो .उनसे तो कल को हो ही जाएगा ..मगर तुमसे न होगा..जान लो...खैर जैसे तैसे ...गाडी पटरी पर आ गयी....तो लीजिये हाजिर है ..हमारे अंदाज वाली चिट्ठी चर्चा ...
अभी हाल ही में पी डी बाबु गए घूमने पटना,
कैसे बना दोस्त पत्रकार , पढिये अद्भुत घटना
यदि ब्लॉग्गिंग की किसी भी समस्या से आप हैं परेशान,
इस क्लीनिक में हर रोग का होता है निदान
इस पोस्ट को पढ़ के आप हो जायेंगे हैरान,
अरहर की जीवनी का अद्भुत किया बखान
एक साल पूरे हुए इनके ...कैसे आये मन में भाव ...
किलो भर बधाई दें , ..टिप्प्न्नी एक पाव
अखबारों में हिंदी का मालिक भगवान् है...
नीचे वालों की हरकत से पाठक परेशान है ..
भाटिया जी को मातृशोक हुआ , दुःख बड़ा है भारी,
मुझे भी याद आ गयी ,अपनी माता प्यारी
सोसायटी को नहीं है दिक्कत ,,हाशमी को मिला मकान ,
बात से कैसे बनती है बतंगड़ ..आप लीजिये जान
आलसी के चिट्ठे पर बाऊ कथा है जारी ..
गिरिजेश जी की शैली , साहित्य जगत पर भारी
शुकल जी ने चर्चा कर दी, कहते हैं जैसी तैसी .
हमसे पूछिए तो हमें चाहिए रोज चर्चा ऐसी
नीतिश कुमार भी कट्टा निकले , नहीं तोप का गोला ,
ये तो उसका सच है भाई, मैंने कुछ नहीं बोला ...
राखी सावंत की पंचवर्षीय योजना का यहाँ पढिये संवाद ,
हाय राखी तूने कर दिया , किस किस को बर्बाद
पूछ रहे हैं मोहन जी मन से , अंधा प्यार है या इंसान,
हम तो दोनों श्रेणी में आ गए, क्या उत्तर दें श्रीमान
मुन्ना भाई, पिक्चर नहीं जी. इस पोस्ट का मजा लीजिये..
अरे हुजूर कभी कभी तो आप भी हँसा कीजिये
इसको पढिये , ये मत सोचिये , सिर्फ दो हजार का किस्सा है ,
आज न जाने कितने लोगों के यही जीवन का हिस्सा है
आज अदा ने लिखा कैसी सौलिड पोस्ट रे बाप,
क्या भाषा , क्या शैली , खुद देखिये आप....
सुना है किसान भी ब्लॉग लिखने लगे हैं,
अजी लिखने क्या , वे तो छपने लगे हैं
पंद्रह अगस्त के मौके पर बेरोजगार ने एक अनोखी पोस्ट कर दी पेश,
गुस्से में कहते हैं ..ये हाल रहा तो , इक दिन भाड़ में जाएगा देश
अच्छा जी अब ख़त्म करें बहुत हुई अब रात ....
इतना वादा करते हैं , अब रोज रहेंगे साथ ......
अभी हाल ही में पी डी बाबु गए घूमने पटना,
कैसे बना दोस्त पत्रकार , पढिये अद्भुत घटना
यदि ब्लॉग्गिंग की किसी भी समस्या से आप हैं परेशान,
इस क्लीनिक में हर रोग का होता है निदान
इस पोस्ट को पढ़ के आप हो जायेंगे हैरान,
अरहर की जीवनी का अद्भुत किया बखान
एक साल पूरे हुए इनके ...कैसे आये मन में भाव ...
किलो भर बधाई दें , ..टिप्प्न्नी एक पाव
अखबारों में हिंदी का मालिक भगवान् है...
नीचे वालों की हरकत से पाठक परेशान है ..
भाटिया जी को मातृशोक हुआ , दुःख बड़ा है भारी,
मुझे भी याद आ गयी ,अपनी माता प्यारी
सोसायटी को नहीं है दिक्कत ,,हाशमी को मिला मकान ,
बात से कैसे बनती है बतंगड़ ..आप लीजिये जान
आलसी के चिट्ठे पर बाऊ कथा है जारी ..
गिरिजेश जी की शैली , साहित्य जगत पर भारी
शुकल जी ने चर्चा कर दी, कहते हैं जैसी तैसी .
हमसे पूछिए तो हमें चाहिए रोज चर्चा ऐसी
नीतिश कुमार भी कट्टा निकले , नहीं तोप का गोला ,
ये तो उसका सच है भाई, मैंने कुछ नहीं बोला ...
राखी सावंत की पंचवर्षीय योजना का यहाँ पढिये संवाद ,
हाय राखी तूने कर दिया , किस किस को बर्बाद
पूछ रहे हैं मोहन जी मन से , अंधा प्यार है या इंसान,
हम तो दोनों श्रेणी में आ गए, क्या उत्तर दें श्रीमान
मुन्ना भाई, पिक्चर नहीं जी. इस पोस्ट का मजा लीजिये..
अरे हुजूर कभी कभी तो आप भी हँसा कीजिये
इसको पढिये , ये मत सोचिये , सिर्फ दो हजार का किस्सा है ,
आज न जाने कितने लोगों के यही जीवन का हिस्सा है
आज अदा ने लिखा कैसी सौलिड पोस्ट रे बाप,
क्या भाषा , क्या शैली , खुद देखिये आप....
सुना है किसान भी ब्लॉग लिखने लगे हैं,
अजी लिखने क्या , वे तो छपने लगे हैं
पंद्रह अगस्त के मौके पर बेरोजगार ने एक अनोखी पोस्ट कर दी पेश,
गुस्से में कहते हैं ..ये हाल रहा तो , इक दिन भाड़ में जाएगा देश
अच्छा जी अब ख़त्म करें बहुत हुई अब रात ....
इतना वादा करते हैं , अब रोज रहेंगे साथ ......
शनिवार, 8 अगस्त 2009
चलो जी ,ये हफ्ता भी हो गया ख़तम ,,चिट्ठी चर्चा लेकर फिर से आ गए हम.
मेरा हमेशा ही मानना है कि..किसी भी बात को देखने के दो नजरिये होते हैं..एक सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक...ऐसा हो सकता है कि हमेशा ही ऐसा न होता हो..मगर अधिकांशतः तो होता ही है..और कुछ लोगों को न जाने क्यूँ ..सिर्फ नकारात्मक नज़रिया ही पसंद है..जब देखो तब एक ही रवैय्या..हो सकता है कि इस बार सामने वाला कुछ और ही कहना चाहता हो..या कि आप पहले से ही मान के चलते हैं कि ..नहीं जी ये तो वही बात है ..जैसा हम सोच रहे हैं..और एक पल को यदि मान भी लिया जाए कि सचमुच ही गलत है...तो उसके विरोध के भी कई रास्ते हैं...हर वक्त हाथों में पत्थर लेकर बैठे रहना..कहाँ की इंसानियत है...मुझे लगता है कभी कभी ..मेरे लिए तो अक्सर ही फूलों से भी बात बन जाया करती है...और पत्थर भी फेंकना हो तो रेशम में लपेट लें ...देखिये कितना गहरा असर होता है...न जाने किस बात से प्रेरित होकर ये सब कह गया.
आप तो चिट्ठीचार्चा का मजा लीजिये
ब्लॉग बुखार नापने को इक नया थर्मामीटर आया,
इस अद्भुत ब्लॉग से,पाबला जी ने , फिर से लोहा मनवाया ...
सायकल चलानी की प्रथा बेशक कम हो रही आज,
बाल संसार में खुल गया सायकल का सब राज
स्त्री विमर्श में आज की बागी लड़कियों की दास्तान..
नहीं पढ़ा , तो क्या पढा....आपने श्रीमान...
ना नेकी बची , न बचा है कुँआ, दोनों हुए ख़तम,
विवेक भाई की पोस्ट से सम्मझ गए जी हम..
पंद्रह अगस्त नजदीक है, मुर्गियों का गणतंत्र देखिये,
आप भी ऐसे ही साईन बोर्ड लगा कर अपना माल बेचिए
बुलडोज़र पहुंचा घर गिराने महिला पत्रकार का,
नया तमाशा देखिये बहन जी की सरकार का
ताऊ की पहेली ने फिर सबको है घुमाया,
और उनकी रामप्यारी ने बस में है बैठाया,
दो दो बार हिंट दिए कोई काम न आया,
मैंने खुद कई बार गूगल बाबा को दौडाया
अदा की अदाकारी का फिर देखिये चमत्कार,
मुहावरों के प्रयोग से कर दी अद्भुत पोस्ट तैयार
भागिए जल्दी जल्दी , स्वाइन फ्लू है आया...
बचने-फंसने पर क्या खूब कार्टून है बनाया
आप भी अपने बीच के इन ब्लॉगर को पहचानिये,
अजी कैश इनाम की घोषणा है ,ये भी तो जानिए,,
तीसरा खम्भा पर छपा आज एक अनोखा ही विवाद है
दहेज़ लेना ही नहीं , दहेज़ देना भी अपराध है ..
वर्मा जी ने फिर लेखनी से किये हैं तीखे वार ..
कहते हैं ,उम्मीद से भी आधे हुए हैं बलात्कार ,
शुकल जी ने आज इक टुईयाँ सी चर्चा दी है बांच
झूम झूम के चर्चा में शकीरा रही है नाच
खेलगढ़ ने पोस्टों की तीसरी सेंचुरी है जमाई.
देर किस बात की दे दीजिये बधाई
आप खुद ही जानिए असली अर्थ हाथ मिलाने,
ये अच्छा मौका है, पढने और टिपियाने का
राम जी ने इस पोस्ट में पंक्तियाँ उकेरी ख़ास हैं..
जितनी बार पढिये , मिटती नहीं ये प्यास है
इन्होने अपनी डायरी के पन्नो से इक पोस्ट निकाली प्यारी,
वो तब कहते थे , हम अब , आ गयी देखो बरसात की बारी
सफ़र ठीक कटेगा पक्का , यदि साथी हो सवारी,
पत्नी के भरोसे ही , चलती रहे ये गाडी
कह रही हैं डाक्टर पूजा जी, ढल गयी इक और शाम,
आप भी पढ़ लीजिये ,दिल को मिले आराम
ये साजिश है कुछ और है ,,आप खुद कीजिये तय ,
जाइए जल्दी दूर कीजिये , इनके मन का भय ...
पोस्ट को पढिये , चिंतन -मनन को आँखें कीजिये बंद,
निर्मल जी की लेखनी का खूब लीजिये आनंद
डंके की चोट पर गूगल का इन्होने कर दिया है त्याग .
चिंगारी है सुलग उठी, अभी और फैलेगी आग..
अच्छा जी राम राम..सन्डे की सनसनाती चर्चा के साथ कल मिलते हैं...
आप तो चिट्ठीचार्चा का मजा लीजिये
ब्लॉग बुखार नापने को इक नया थर्मामीटर आया,
इस अद्भुत ब्लॉग से,पाबला जी ने , फिर से लोहा मनवाया ...
सायकल चलानी की प्रथा बेशक कम हो रही आज,
बाल संसार में खुल गया सायकल का सब राज
स्त्री विमर्श में आज की बागी लड़कियों की दास्तान..
नहीं पढ़ा , तो क्या पढा....आपने श्रीमान...
ना नेकी बची , न बचा है कुँआ, दोनों हुए ख़तम,
विवेक भाई की पोस्ट से सम्मझ गए जी हम..
पंद्रह अगस्त नजदीक है, मुर्गियों का गणतंत्र देखिये,
आप भी ऐसे ही साईन बोर्ड लगा कर अपना माल बेचिए
बुलडोज़र पहुंचा घर गिराने महिला पत्रकार का,
नया तमाशा देखिये बहन जी की सरकार का
ताऊ की पहेली ने फिर सबको है घुमाया,
और उनकी रामप्यारी ने बस में है बैठाया,
दो दो बार हिंट दिए कोई काम न आया,
मैंने खुद कई बार गूगल बाबा को दौडाया
अदा की अदाकारी का फिर देखिये चमत्कार,
मुहावरों के प्रयोग से कर दी अद्भुत पोस्ट तैयार
भागिए जल्दी जल्दी , स्वाइन फ्लू है आया...
बचने-फंसने पर क्या खूब कार्टून है बनाया
आप भी अपने बीच के इन ब्लॉगर को पहचानिये,
अजी कैश इनाम की घोषणा है ,ये भी तो जानिए,,
तीसरा खम्भा पर छपा आज एक अनोखा ही विवाद है
दहेज़ लेना ही नहीं , दहेज़ देना भी अपराध है ..
वर्मा जी ने फिर लेखनी से किये हैं तीखे वार ..
कहते हैं ,उम्मीद से भी आधे हुए हैं बलात्कार ,
शुकल जी ने आज इक टुईयाँ सी चर्चा दी है बांच
झूम झूम के चर्चा में शकीरा रही है नाच
खेलगढ़ ने पोस्टों की तीसरी सेंचुरी है जमाई.
देर किस बात की दे दीजिये बधाई
आप खुद ही जानिए असली अर्थ हाथ मिलाने,
ये अच्छा मौका है, पढने और टिपियाने का
राम जी ने इस पोस्ट में पंक्तियाँ उकेरी ख़ास हैं..
जितनी बार पढिये , मिटती नहीं ये प्यास है
इन्होने अपनी डायरी के पन्नो से इक पोस्ट निकाली प्यारी,
वो तब कहते थे , हम अब , आ गयी देखो बरसात की बारी
सफ़र ठीक कटेगा पक्का , यदि साथी हो सवारी,
पत्नी के भरोसे ही , चलती रहे ये गाडी
कह रही हैं डाक्टर पूजा जी, ढल गयी इक और शाम,
आप भी पढ़ लीजिये ,दिल को मिले आराम
ये साजिश है कुछ और है ,,आप खुद कीजिये तय ,
जाइए जल्दी दूर कीजिये , इनके मन का भय ...
पोस्ट को पढिये , चिंतन -मनन को आँखें कीजिये बंद,
निर्मल जी की लेखनी का खूब लीजिये आनंद
डंके की चोट पर गूगल का इन्होने कर दिया है त्याग .
चिंगारी है सुलग उठी, अभी और फैलेगी आग..
अच्छा जी राम राम..सन्डे की सनसनाती चर्चा के साथ कल मिलते हैं...
मंगलवार, 4 अगस्त 2009
मंगल भवन अमंगल हारी , हे ब्लॉगर चर्चा हुई तिहारी
कुछ मौसम हमारे यहाँ कभी नहीं बदले ..मसलन बरसात ..मेरी स्मृति में आज तक कोई ऐसी बरसात नहीं गयी जब देश के किसी कोने में..... कहीं न कहीं बाढ़ ना आयी हो....अब ये मौसम की दृढ़ता है ..या हम मनुष्यों की धृष्ट ता ...ये तो स्वयं इश्वर ही जाने..बरसात का जिक्र नहीं बदलने वाले मौसमों में इसलिए किया है क्यूंकि सर्दी और गर्मी को तो अब बहुत बदलते हुए देख रहा हूँ..खासकर जब से दिवाली में गर्मी के कारण शर्ट भी भारी लग रही थी..खैर..जिस तरह कुछ मौसम कभी नहीं बदले ..उसी तरह ..अपने देश में कुछ त्य्हारों का स्वरुप भी कभी नहीं बदला ..और मुझे यकीन है की ...ये बदलेगा भी नहीं..जैसे की रक्षाबंधन ..आप सबको ..इस पवित्र दिवस पर ..इस अटूट बंधन की बहुत बहुत शुभकामना...मुझे इस दिन अपनी स्वर्गवासी दीदी की बहुत याद आती है ..और अब भी इस दिन ..पूरे दिन में कभी न कभी ..रो तो पड़ता ही हूँ...कल मेरी बिटिया भी अपने भैया को राखी बांधेगी जो उसकी पहली राखी होगी ..एक बार फिर आप सबको बधाई और शुभकामना ..अब चर्चा करते हैं ..
चिट्ठाचर्चा आज विवेक जी के रंगी हुई रंग ,
क्या कीजिये यदि विवाह के दिन टूट जाए पलंग
स्वयंवर के तुंरत बाद , ब्लॉगजगत में राखी का पहला साक्षात्कार
शेफाली जी ने लिया है ,,ख़ास आपके लिए ही सरकार...
जाने कौन कौन से दर्द समेटे फुर्सत से इत्ता लिखा होगा,
आप भी देख लीजिये , जिसने छेड़ा होगा, वो पिटा होगा
पांडे जी आज खुलमखुल्ला , अपना एड्रेस कर दिए पोस्ट ,
आप में है हिम्मत , तो जरा उनके घर पहुँच दिखाओ दोस्त
हंसते हंसते एक हॉकर ने सच्ची बात है बतलाई,
अविनाश भाई के शब्दों की देख ली गहराई
पिता हुए अवकाशप्राप्त , पुत्र ने दिया सम्मान ,
पिता पुत्र प्रेम से सजी ये पोस्ट पढिये श्रीमान
किशोर दा को याद करती अनोखी ये पोस्ट है आयी
उनको समर्पित करके राजीव जी ने है लगाई
अलबेला जी की अलबेला अंदाज सब होते हैं हैरान ,
इस पोस्ट में देखिये , कैसे खुदा , बन सकता इंसान
शास्त्री जी ने हायकू लिखा ,क्या सुर है क्या लय,
हायकू है , क्षणिकाएं, या त्रिवेणी , सब कर रहे हैं तय
राखी के स्वयंवर का अगला एपिसोड है दिखाया,
इसी बहाने इस मुद्दे का तगडा बैंड बजाया
ये नन्ही सी गुडिया देखिये कहाँ घूम कर आयी,
अपनी यात्रा की , लाविज़ा ने सुन्दर पोस्ट लगाई.
शादी के लिए जरूरी नहीं है कुण्डली को मिलाना ,
बस आपको आता हो , सबके लिए खाना पकाना
उनकी ये लेखनी दिल को लुभाने लगी है ,
वो कहते हैं गजलें थपकी दे सुलाने लगी हैं
संजय जी पूछ रहे ..टैक्स काहे हो भरते ,
पढ़ कर यही लगा ,,सब हैं गलती करते
ये कह रहे हैं ब्लॉग्गिंग से लाखों -करोडों कमाइए ,
जो कमा रहे हैं , हमारा हिस्सा भी दिलवाइये
दस पंक्तियों में अद्भुत रिश्तों की परिभाषा ,
पसंद ये पोस्ट आयेगी , हमको है ये आशा
जानिए श्यामल जी क्या है आकांक्षा ,
पढिये-टिपिये , आपसे यही है अपेक्षा
इनकी गुजारिश है इनकी पीठ को दिवार ना बनाया जाए
इसलिए जो भी लिखना है, पोस्ट पर ही टिपियाया जाये
इरफान जी आज फिर ये गजब का कार्टून बनाया,
छोडा बैंड जनरल ने , तबला है बजाया ..
जो इस पोस्ट की चर्चा दोबारा न की तो ये चर्चा रहेगी अधूरी ,
विवेक भाई ने सुबह वाली चर्चा अब कर दी है पूरी
चलिए आज के लिए इतना ही ..कल अपनी बहनो और अपने भाइयों के साथ प्यार/स्नेह/ बांटिये ......
चिट्ठाचर्चा आज विवेक जी के रंगी हुई रंग ,
क्या कीजिये यदि विवाह के दिन टूट जाए पलंग
स्वयंवर के तुंरत बाद , ब्लॉगजगत में राखी का पहला साक्षात्कार
शेफाली जी ने लिया है ,,ख़ास आपके लिए ही सरकार...
जाने कौन कौन से दर्द समेटे फुर्सत से इत्ता लिखा होगा,
आप भी देख लीजिये , जिसने छेड़ा होगा, वो पिटा होगा
पांडे जी आज खुलमखुल्ला , अपना एड्रेस कर दिए पोस्ट ,
आप में है हिम्मत , तो जरा उनके घर पहुँच दिखाओ दोस्त
हंसते हंसते एक हॉकर ने सच्ची बात है बतलाई,
अविनाश भाई के शब्दों की देख ली गहराई
पिता हुए अवकाशप्राप्त , पुत्र ने दिया सम्मान ,
पिता पुत्र प्रेम से सजी ये पोस्ट पढिये श्रीमान
किशोर दा को याद करती अनोखी ये पोस्ट है आयी
उनको समर्पित करके राजीव जी ने है लगाई
अलबेला जी की अलबेला अंदाज सब होते हैं हैरान ,
इस पोस्ट में देखिये , कैसे खुदा , बन सकता इंसान
शास्त्री जी ने हायकू लिखा ,क्या सुर है क्या लय,
हायकू है , क्षणिकाएं, या त्रिवेणी , सब कर रहे हैं तय
राखी के स्वयंवर का अगला एपिसोड है दिखाया,
इसी बहाने इस मुद्दे का तगडा बैंड बजाया
ये नन्ही सी गुडिया देखिये कहाँ घूम कर आयी,
अपनी यात्रा की , लाविज़ा ने सुन्दर पोस्ट लगाई.
शादी के लिए जरूरी नहीं है कुण्डली को मिलाना ,
बस आपको आता हो , सबके लिए खाना पकाना
उनकी ये लेखनी दिल को लुभाने लगी है ,
वो कहते हैं गजलें थपकी दे सुलाने लगी हैं
संजय जी पूछ रहे ..टैक्स काहे हो भरते ,
पढ़ कर यही लगा ,,सब हैं गलती करते
ये कह रहे हैं ब्लॉग्गिंग से लाखों -करोडों कमाइए ,
जो कमा रहे हैं , हमारा हिस्सा भी दिलवाइये
दस पंक्तियों में अद्भुत रिश्तों की परिभाषा ,
पसंद ये पोस्ट आयेगी , हमको है ये आशा
जानिए श्यामल जी क्या है आकांक्षा ,
पढिये-टिपिये , आपसे यही है अपेक्षा
इनकी गुजारिश है इनकी पीठ को दिवार ना बनाया जाए
इसलिए जो भी लिखना है, पोस्ट पर ही टिपियाया जाये
इरफान जी आज फिर ये गजब का कार्टून बनाया,
छोडा बैंड जनरल ने , तबला है बजाया ..
जो इस पोस्ट की चर्चा दोबारा न की तो ये चर्चा रहेगी अधूरी ,
विवेक भाई ने सुबह वाली चर्चा अब कर दी है पूरी
चलिए आज के लिए इतना ही ..कल अपनी बहनो और अपने भाइयों के साथ प्यार/स्नेह/ बांटिये ......
रविवार, 2 अगस्त 2009
दोस्ती डे ,पर खुश रहे सभी दोस्त : चर्चा वाली चिट्ठी फिर कर दी है पोस्ट
इस ब्लॉग पर चिट्ठों की चर्चा ..मैंने अपने अंदाज में ..सिर्फ एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया था ....साथ ही ये भी सोचा था की ...ये एक विकल्प के रूप में ..नियमित ब्लॉग चिट्ठाचर्चा का साथ भी निभाएगा...आप सबका प्यार और समर्थन पाकर लगा ...चलो ...प्रयास ठीक दिशा में जा रहा है..मगर फिर कुछ मित्रों ने कहा ..आप समय जाया कर रहे हैं..और शायद इससे मेरी दूसरी दिशा और लेखनी प्रभावित हो रही है..और ये भी की ये महज तुकबंदी जैसा है...मैं थोडा असमंजस में पड़ गया...क्यूंकि मैं मन ही मन इस प्रयोग के साथ और भी कई प्रयोग करने की योजना पर कम शुरू कर रहा था ,...सो रुक कर सोचने पर विवश हो गया ...मगर फिर लगा ..क्या करूँ ....जो भी जैसा भी आता होगा वही तो कर पाउँगा न ..सो लीजिये फिर से आ रहा हूँ ...चिट्ठियों की चर्चा लेकर.....कुछ नयी तब्दीलियों के साथ
देखें आज कौन का का चेपा है
कुछ कवितायें हो जाएँ
कुत्तों पर रिसर्च करने में वर्मा जी ने कित्ती मेहनत है लगाई
हाय आज तो अपने कुत्ते न होने का अफ़सोस हो गया भाई
शेफाली ने टाईप टाईप की गैसों का कर दिया बखान ,
कईयों की हवा निकाल दी देखिये श्रीमान ..
इतने कम शब्दों में इतना कुछ बहुत कह नहीं पाते,
वो कहते हैं, तूफ़ान कभी मात नहीं खाते
वो कहते हैं किश्तों में भी सुख मिल जाता है,
बस पता नहीं इन्स्तौल्मेंट कितना आता है
अब कुछ और पोस्टों पर नज़र डालते हैं
जितेन जी अपनी रूटीन का वर्णन करते हैं,
आईये उनकी ये पोस्ट पढ़ते हैं ...
अमीर धरती के गरीब लोगों का मंदी से बुरा हाल है,
आप खुद ही पढ़ के देखिये पोस्ट ये कमाल है ..
ब्लॉगजगत का ये छोटा सा ब्लॉगर है बड़ा ख़ास
देखिये आज किसको कर रहा है ,आज baul ये पास
संविधान में क्या क्या लिखा है , एक बार पढ़ के देखिये,
किताबों में जो लिखा है , उससे आगे बढ़ के देखिये
आलसी के चिट्ठे में एक लंठ केकड़े ने एंट्री मारी है,
पूरे आलस से पढिये , कथा अभी भी जारी है
ब्लॉग , ब्लॉग है या साहित्य , हम इस बात पर लड़ रहे हैं,
अखबार वाले पोस्टें चुरा कर छाप रहे हैं, लोग वही साहित्य पढ़ रहे हैं
अनिल भाई कहते हैं ,,,ख्वाब कभी मरा नहीं करते ,
पछताते हैं जो ऐसी पोस्टें , पढ़ा नहीं करते ..
कहती हैं पूजा ,यादों का इन्तजार और सही ,
लिखने का ,कहने का , अब भी है उनका अंदाज वही
इस दोस्ती दिवस पर अविनाश जी ने कुएस्चन मार्क है लगाया,
आज इस मौके पर , एक नए एंगल से उनका ये विचार है आया
उनके लिए ख़ास तौर पर निशांत जी लाये ये आज हैं,
जो अपनी पोस्टों के चोरी होने से बहुते नाराज हैं
दोस्ती दिवस पर जिनकी भी कुछ और भी पढने की है आकांक्षा ,
इनको जाकर पढ़ लीजिये , इन्होने लिखा है बहुत ही अच्छा
ताऊ जी की पहेली में कौन भाग नहीं है लेता ,
देखिये नंबर तैंतीस का कौन बना विजेता..
अब मिलिए कुछ नए चिट्ठों से
ब्लॉग जगत में देखिये ये नया दृष्टिकोण है आया,
आप खुद ही पढिये, है इन्होने क्या पढ़वाया
पढ़ते पढ़ते ये पुरानी डायरी हाथ आई है
मेरे पास नहीं ब्लॉग जगत के साथ आई है
ब्लोग्ग्गिंग में इन्होने भी अपने धर दिए हैं पैर
इनके साथ आप भी कीजिये प्रेमांचल की सैर
और अब चलते चले एक सूचना
हिंदी साहित्य मंच ने फिर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है ,
अपनी अपनी रचना भेजने का सबको आमंत्रण दिया है ..
तो बस बंधु ..इस दोस्ती दिवस पर इतना ही इश्वर करे .इस दोस्ती जहाज दिवस (अरे फ्रेंड शिप डे) पर यही दुआ है की आपकी कश्ती और जहाज दोनों चलते रहे ..
रविवार, 19 जुलाई 2009
रविवार की छुट्टी, चर्चा खट्टी-मिट्ठी
नए अंदाज का वादा था ,,पूरा भी इरादा था,
मगर आज नहीं हो पाया, काम बहुत ही ज्यादा था,
आशा है आप माफ़ करेंगे, मेरे साथ इन्साफ करेंगे,
जिस खुशी से पढ़ते थे , उसे मजे फिर आप पढेंगे ...
तो लीजिये न देर किस बात की है
ब्लॉग्गिंग जितना आसान दिखती है, उतनी होती नहीं आसान,
एक साल पूरा होने पर समझ में आया श्रीमान..
ब्लॉग साहित्य है , साहित्य ब्लॉग है, मुद्दा नहीं पीछे छूटा,
आज देखिये इस मुद्दे पर इन्होने कितना कंप्यूटर कूटा ..
रायपुर ब्लॉगर सम्मलेन में इत्ता सब कुछ सीखा ,
इस बार ताऊ की पहेली को अनिल भाई ने जीता .
दिल्ली की ब्लू लाइन में दो लडकियां चढी ,
इमानदारी और बेवकूफी की दास्ताँ है पढ़ी
सुना है रात को चाँद इनके घर आता है,
जो भी हो , हमें उनका ये अंदाज लुभाता है
आज विवेक भाई ने इक पैरोडी है बनायी ,हमें तो उसमें दिख गयी जमाने की सच्चाई
दिल से उनकी याद न जाए तो क्या करें,
कभी कभी ऐसी ही रोमांटिक पोस्ट लिखा करें
ब्लॉगर सम्मलेन राजधानी में सूचना है लगवाई,
अपनी सहमति..फटाफट , हमको दे दें भाई ...
टी वी पर पहली तारीख की कथा देखिये,
मगर असलीयत में होता है क्या देखिये
बिना किसी कारण के ,उन्होंने कितना कुछ कह दिया ,
आप भी देखिये किस किस ने पढ़ लिया
एक घरघुसना ऐसा जो बीवी का मुंह ताके,
बिल्कुल ताजा पोस्ट है, अभी पढ़ लो जाके,
गुल्लक में आज किस्सा है आलू, मिर्ची चाय का ,
पढ़ते पढ़ते मुंह का अच्छा बन गया जायका
खोया हुआ उनका मिल गया वापस ये मोबाईल ,
सैमसंग का था ये , या था मुंबई का इश्टाईल
देखिये टूटता हुआ तारा कैसा दिखता है,
ऐसा नजारा देखने को बड़ी मुश्किल से मिलता है
लीजिये आज फिर,कुछ अलग सा , कुछ ख़ास मिला है,
पाबला जी के ब्लॉग को भी कंगारू उनिवर्सिति में दाखिला मिला है
कल से नया हफ्ता शुरू है होने वाला ,
इस सप्ताह चर्चा का अंदाज होगा निराला
इसी वाडे के साथ ..राम राम
मगर आज नहीं हो पाया, काम बहुत ही ज्यादा था,
आशा है आप माफ़ करेंगे, मेरे साथ इन्साफ करेंगे,
जिस खुशी से पढ़ते थे , उसे मजे फिर आप पढेंगे ...
तो लीजिये न देर किस बात की है
ब्लॉग्गिंग जितना आसान दिखती है, उतनी होती नहीं आसान,
एक साल पूरा होने पर समझ में आया श्रीमान..
ब्लॉग साहित्य है , साहित्य ब्लॉग है, मुद्दा नहीं पीछे छूटा,
आज देखिये इस मुद्दे पर इन्होने कितना कंप्यूटर कूटा ..
रायपुर ब्लॉगर सम्मलेन में इत्ता सब कुछ सीखा ,
इस बार ताऊ की पहेली को अनिल भाई ने जीता .
दिल्ली की ब्लू लाइन में दो लडकियां चढी ,
इमानदारी और बेवकूफी की दास्ताँ है पढ़ी
सुना है रात को चाँद इनके घर आता है,
जो भी हो , हमें उनका ये अंदाज लुभाता है
आज विवेक भाई ने इक पैरोडी है बनायी ,हमें तो उसमें दिख गयी जमाने की सच्चाई
दिल से उनकी याद न जाए तो क्या करें,
कभी कभी ऐसी ही रोमांटिक पोस्ट लिखा करें
ब्लॉगर सम्मलेन राजधानी में सूचना है लगवाई,
अपनी सहमति..फटाफट , हमको दे दें भाई ...
टी वी पर पहली तारीख की कथा देखिये,
मगर असलीयत में होता है क्या देखिये
बिना किसी कारण के ,उन्होंने कितना कुछ कह दिया ,
आप भी देखिये किस किस ने पढ़ लिया
एक घरघुसना ऐसा जो बीवी का मुंह ताके,
बिल्कुल ताजा पोस्ट है, अभी पढ़ लो जाके,
गुल्लक में आज किस्सा है आलू, मिर्ची चाय का ,
पढ़ते पढ़ते मुंह का अच्छा बन गया जायका
खोया हुआ उनका मिल गया वापस ये मोबाईल ,
सैमसंग का था ये , या था मुंबई का इश्टाईल
देखिये टूटता हुआ तारा कैसा दिखता है,
ऐसा नजारा देखने को बड़ी मुश्किल से मिलता है
लीजिये आज फिर,कुछ अलग सा , कुछ ख़ास मिला है,
पाबला जी के ब्लॉग को भी कंगारू उनिवर्सिति में दाखिला मिला है
कल से नया हफ्ता शुरू है होने वाला ,
इस सप्ताह चर्चा का अंदाज होगा निराला
इसी वाडे के साथ ..राम राम
शनिवार, 18 जुलाई 2009
जय हो शनि महाराज की, चर्चा हो गयी आज की.(चिट्ठी चर्चा )
आज सेटरडे , यानि कल की छुट्टी,लो जी ये हफ्ता हुआ ख़तम,
बारिश में डूबी है मुंबई, राजधानी गरम गरम,
जबसे लगे हैं चिट्ठी बाचने, लिखना हो गया कम,
लेकिन दोनों में तालमेल , जल्दी कर लेंगे हम...
तो लीजिये जी पेशे खिदमत है ,,प्रेम से हाथ जोड़ के कहिये..जय हो शनि महाराज की..
ब्लॉग-साहित्य के पीरियड में, हिमांशु जी ने अपनी हाजरी है लगाई,
इस पोस्ट में देखिये, कितनो की बात बतायी........?
विवेक भाई ने आखिरकार इन्द्र देवता को चिट्ठी ही लिख डाली,
कब खोलोगे ,शावर अपना, धरती की सारी टंकियां हो गयी खाली
गलाने और चलाने पर वर्मा जी ने क्या पोस्ट है चलायी,
आप भी देखिये , क्या कविता निकल कर आयी...
राज भाई ने ट्रेन नहीं चलने का राज लिया पूछ ,
लालू ममता बता सकते हैं, हमतो हैं कन्फूज
आप भी बच्चों को क्यूट होने की ये दवा दीजिये ,
तब तक पाबला जी के विडियो का मजा लीजिये ..
पत्नी सताए तो इन्हें ही बताएं,
उससे पहले ये पोस्ट पढ़ आयें..
शाहिद कपूर को काहे ई अवार्ड मिला है ,
तबही से पांडे जी का दिल कतना जला है
तुम आओगे दोस्त , तो ये पोस्ट भी पढोगे,
और पढ़ जो लिया तो , कमेन्ट भी करोगे..
थोडा मुस्कुराइए, टेंशन को भूलिए,
नत्तु पांडे के साथ , झूले पर झूलिए
कमाल है की नींद में जगे हुए हैं,
पोस्टें लिखने में , लगे हुए हैं...
खूबसूरत ,रिवाज है , छेड़ना लड़कियों को
आप भी देखिये अदा की इन चुटकियों को .
हाय उन्होंने कहा की ब्लॉग्गिंग की दूकान सबके बस की बात नहीं है,
हम तो पटरी पर ही .iलगा सकते हैं, भैया अपनी शौपिंग मॉल वाली औकात नहीं है.
इस गली में शोर है, प्रधानमंत्री कमजोर है,
भैया गौर से समझो, इसका राज कुछ और है
क़यामत से क़यामत तक, अरे रे रे, पिक्चर नहीं है भाई,
शब्दों के सफ़र में , इन शब्दों की बारी आयी...
लगता है फुर्सत नहीं थी शुकल रहे बहुत बिजी,
एक लाएना में चिटठा चर्चा, काम नहीं ये इजी....
ज्योतिष का खेल है, हेड है या टेल है,
भागम भाग मची है, बहुते रेलमपेल है ..
चलिए रोज रोज ऐसे पढेंगे तो बोर हो जायेंगे,
कल आपको इन नया ,अपना अंदाज दिखाएँगे..
बारिश में डूबी है मुंबई, राजधानी गरम गरम,
जबसे लगे हैं चिट्ठी बाचने, लिखना हो गया कम,
लेकिन दोनों में तालमेल , जल्दी कर लेंगे हम...
तो लीजिये जी पेशे खिदमत है ,,प्रेम से हाथ जोड़ के कहिये..जय हो शनि महाराज की..
ब्लॉग-साहित्य के पीरियड में, हिमांशु जी ने अपनी हाजरी है लगाई,
इस पोस्ट में देखिये, कितनो की बात बतायी........?
विवेक भाई ने आखिरकार इन्द्र देवता को चिट्ठी ही लिख डाली,
कब खोलोगे ,शावर अपना, धरती की सारी टंकियां हो गयी खाली
गलाने और चलाने पर वर्मा जी ने क्या पोस्ट है चलायी,
आप भी देखिये , क्या कविता निकल कर आयी...
राज भाई ने ट्रेन नहीं चलने का राज लिया पूछ ,
लालू ममता बता सकते हैं, हमतो हैं कन्फूज
आप भी बच्चों को क्यूट होने की ये दवा दीजिये ,
तब तक पाबला जी के विडियो का मजा लीजिये ..
पत्नी सताए तो इन्हें ही बताएं,
उससे पहले ये पोस्ट पढ़ आयें..
शाहिद कपूर को काहे ई अवार्ड मिला है ,
तबही से पांडे जी का दिल कतना जला है
तुम आओगे दोस्त , तो ये पोस्ट भी पढोगे,
और पढ़ जो लिया तो , कमेन्ट भी करोगे..
थोडा मुस्कुराइए, टेंशन को भूलिए,
नत्तु पांडे के साथ , झूले पर झूलिए
कमाल है की नींद में जगे हुए हैं,
पोस्टें लिखने में , लगे हुए हैं...
खूबसूरत ,रिवाज है , छेड़ना लड़कियों को
आप भी देखिये अदा की इन चुटकियों को .
हाय उन्होंने कहा की ब्लॉग्गिंग की दूकान सबके बस की बात नहीं है,
हम तो पटरी पर ही .iलगा सकते हैं, भैया अपनी शौपिंग मॉल वाली औकात नहीं है.
इस गली में शोर है, प्रधानमंत्री कमजोर है,
भैया गौर से समझो, इसका राज कुछ और है
क़यामत से क़यामत तक, अरे रे रे, पिक्चर नहीं है भाई,
शब्दों के सफ़र में , इन शब्दों की बारी आयी...
लगता है फुर्सत नहीं थी शुकल रहे बहुत बिजी,
एक लाएना में चिटठा चर्चा, काम नहीं ये इजी....
ज्योतिष का खेल है, हेड है या टेल है,
भागम भाग मची है, बहुते रेलमपेल है ..
चलिए रोज रोज ऐसे पढेंगे तो बोर हो जायेंगे,
कल आपको इन नया ,अपना अंदाज दिखाएँगे..
शुक्रवार, 17 जुलाई 2009
ब्लोगों को पढने का ठेका उठाया है, चिट्ठों की चर्चा का , कुरियर फिर आया है..
पिछले कुछ समय से ,ब्लॉग्गिंग में मच रहा ये शोर है,
कोई पढ़ नहीं रहा किसी को,बस लिखने पर जोर है....
यदि सचमुच है ऐसा तो समस्या घनघोर है ...
औरों का पता नहीं, पर आपका एक पाठक श्योर है ..
कमाल है विश्वास नहीं होता आपको...अजी लीजिये सर्टिफिकेट पेशे खिदमत है.....
अनिल जी ने मुख्यमंत्री के चमचे से मिलवाया.
एक पोस्ट में , दो थे , दोनों ने रुलाया...
आज उन्होंने जख्मों का सब राज खोल दिया,
अभिव्यक्ति ने अनोखी भाषा में बोल दिया ..
उड़नतश्तरी भी कह रही आज , बाप रे,
क्या कहा नहीं पढ़ा, ब्लॉगर अब तो जाग रे ..
इस व्यक्ति से अच्छा , बन्दर से रिश्ता बेहतर है ,
वाह अपने भी दोस्तों में, कोई लंगूर तो कोई बन्दर है
दोस्ती की देन-लेन,का इक तल्ख़ अनुभव सुनाया है,
नेकी कर और गाली सुन , नया मुहावरा बनाया है ..
नेहा जी ने, इस मुद्दे को इक अलग नज़र से देखा,
क्या हमने खींच रखी है, सचमुच ऐसी रेखा
वो कहते हैं की काश अब होश में आने ना पाएं,
अजी ब्लॉगर हैं, जाएँ तो कहाँ जाएँ..
मिश्र जी पूछ रहे हैं, का पुरुषवादी मानसिकता की परिभाषा है,
जाए आप भी बताइये, जो भी आपको ....आता है...
कॉलेज में उनका पहला दिन, नहीं हुई रैगिंग ,
आप भी पढिये , और करिए लाफिंग...
चमत्कार को आज फिर नमस्कार हो गया,
नुक्कड़ का ४२० का स्कोर , पार हो गया .
मेहेंगाई की मार बृहस्पति जी भी झेल रहे हैं.
इसे विषय पर शांतनु ये पोस्ट ठेल रहे हैं...
न्यूज़ चौबीस ने , मायावती को आईना दिखाया,
मीडिया मार्ग ने आज की पोस्ट में यही है बताया...
आप भी पहुँचिये, ताऊ के दीवाने ख़ास में,
देखिये क्या हो रहा है, रामप्यारी की अंगरेजी क्लास में
कह रही हैं रंजना, बेटी , लक्ष्मी स्वरूपा है,
सच है, इससे अनमोल रत्न नहीं कोई दूजा है ..
नोटिस बोर्ड लग गया ,तैयारी कर आइये,
या तो जाके पढ़ आइये, नहीं तो .....कर आइये ....
आप भी देखिये कौन कैसे कर रहा है सच का सामना,
सुरेश भाई ने उडेल कर रख दी हैं सबकी भावना...
कोई पढ़ नहीं रहा किसी को,बस लिखने पर जोर है....
यदि सचमुच है ऐसा तो समस्या घनघोर है ...
औरों का पता नहीं, पर आपका एक पाठक श्योर है ..
कमाल है विश्वास नहीं होता आपको...अजी लीजिये सर्टिफिकेट पेशे खिदमत है.....
अनिल जी ने मुख्यमंत्री के चमचे से मिलवाया.
एक पोस्ट में , दो थे , दोनों ने रुलाया...
आज उन्होंने जख्मों का सब राज खोल दिया,
अभिव्यक्ति ने अनोखी भाषा में बोल दिया ..
उड़नतश्तरी भी कह रही आज , बाप रे,
क्या कहा नहीं पढ़ा, ब्लॉगर अब तो जाग रे ..
इस व्यक्ति से अच्छा , बन्दर से रिश्ता बेहतर है ,
वाह अपने भी दोस्तों में, कोई लंगूर तो कोई बन्दर है
दोस्ती की देन-लेन,का इक तल्ख़ अनुभव सुनाया है,
नेकी कर और गाली सुन , नया मुहावरा बनाया है ..
नेहा जी ने, इस मुद्दे को इक अलग नज़र से देखा,
क्या हमने खींच रखी है, सचमुच ऐसी रेखा
वो कहते हैं की काश अब होश में आने ना पाएं,
अजी ब्लॉगर हैं, जाएँ तो कहाँ जाएँ..
मिश्र जी पूछ रहे हैं, का पुरुषवादी मानसिकता की परिभाषा है,
जाए आप भी बताइये, जो भी आपको ....आता है...
कॉलेज में उनका पहला दिन, नहीं हुई रैगिंग ,
आप भी पढिये , और करिए लाफिंग...
चमत्कार को आज फिर नमस्कार हो गया,
नुक्कड़ का ४२० का स्कोर , पार हो गया .
मेहेंगाई की मार बृहस्पति जी भी झेल रहे हैं.
इसे विषय पर शांतनु ये पोस्ट ठेल रहे हैं...
न्यूज़ चौबीस ने , मायावती को आईना दिखाया,
मीडिया मार्ग ने आज की पोस्ट में यही है बताया...
आप भी पहुँचिये, ताऊ के दीवाने ख़ास में,
देखिये क्या हो रहा है, रामप्यारी की अंगरेजी क्लास में
कह रही हैं रंजना, बेटी , लक्ष्मी स्वरूपा है,
सच है, इससे अनमोल रत्न नहीं कोई दूजा है ..
नोटिस बोर्ड लग गया ,तैयारी कर आइये,
या तो जाके पढ़ आइये, नहीं तो .....कर आइये ....
आप भी देखिये कौन कैसे कर रहा है सच का सामना,
सुरेश भाई ने उडेल कर रख दी हैं सबकी भावना...
बुधवार, 15 जुलाई 2009
ये चिट्ठी चर्चे वाली है, आपने आदत डाली है...
जाने किस घड़ी , था शौक ये पाला,
चिट्ठे की चर्चा को मन रहे मतवाला ,
लो फिर से कईयों का ऑपरेशन कर डाला,
बहुत मजा आ रहा है , तो फेर झेलो लाला...
लीजिये ..पढिये या ठेलिए, पर हमको झेलिये
इन्होने अपने मन का रख दिया सारा घुटन,
आज की पोस्टों में , इसका ज्यादा रहा वजन
स्वामी जी ने बतलाया, वे किसको , क्यूँ नहीं पढ़ते हैं,
आप भी देखिये, आप क्या करते, क्या नहीं करते हैं....
इस चेली ने आज पोस्टों की सेंचुरी मारी है,
इसी खुशी में , कैसी राखी सावंत की.......उतारी है ..
ब्लोग्गरों को सुधारने के लिए, कोई विजेट नहीं बनाया जाएगा,
आशीष भाई ने बताया है , कौन तरीका अपनाया जाएगा..
जब लोग हिंदी ब्लॉग्गिंग पर प्रश्न उठा रहे हैं,
इस पोस्ट में जगदीश जी , उन्हें आईना दिखा रहे हैं..
ताऊ के धंधे में, कौन कौन भागीदार हुआ है,
किसने क्या बेचा, कौन खरीददार हुआ है ..
पांच हजार में कौन सा मोबाईल आयेगा,
एक एस ऍम एस फ्री बताने वाला पायेगा..
एक अंग्रेज लेखक की टांग टूट गयी सपने में,
उसका क्या हुआ पता नहीं, मजा आ गया पढने में
इन्होने बताया , कल तीस के हो जायेंगे,
आज पोस्ट पढ़ ली, कल बधाई दे आयेंगे..
सुना है तरकी पसंद युवा, कपडे की तरह नौकरी बदल रहे हैं,
अमा हमें तो नहीं लगता, हम मंदी के दौर में चल रहे हैं..
गरीब की औकात विनय जी ने यूँ हैं दिखाई ..
समाज की नीतियों की धज्जियाँ है उडाई.
ब्लॉग में साहित्य की संभावना जतायी है,
इस विषय पर आज फिर पोस्ट आयी है .
मीनू दी को यकीन है , कल इक नयी उम्मीद ले के आयेगी,
चिट्ठाचर्चा की अनोखी शैली आपके मन को भायेगी..
टिप्पियाँ पाने को तपस्या में लोग लगे हुए हैं
दिन तो छोडो , रात रात जगे हुए हैं....
ब्लॉग्गिंग में ताल ठोंक कर आपना हक़ जतलाया,
अभी जाकर पढ़ ले वो, जो पढ़ के नहीं है आया..
ब्लॉग्गिंग क्यूँ की जाए, आशा जी ने बतलाया,
प्रश्न बड़ा ही विकट है,अब तक कोई समझ न पाया.
ब्लॉगर की सच्ची तस्वीर , इरफान भाई ने चिपकाई ,
कहीं इक दिन , अपनी भी ऐसी हालत होगी भाई ..
अद्भुत हिंदी की शब्दावली से अपना दिमाग खोलिए,
पढिये मजे ले के,और हिंदी की जय बोलिए
मंगलवार, 14 जुलाई 2009
आज मंगलवार है , चिट्ठी भी तैयार है (चिट्ठी चर्चा )
देखिये जी, रुकावट के लिए खेद नहीं है,
इसमें कोई ख़ास भेद नहीं है,
हमें पता है की चिट्ठी ये जरूरी है,
मगर क्या करें जी, नौकरी , मजबूरी है ....
तो लीजिये ज्यादा रुकावट नहीं डालते हुए पेश है.....
नटखट इक बच्चे ने , इक पोस्ट है लगाई,
बच्चे ऐसा नहीं कहते, हो गयी कान खिंचाई ..
विवेक भैया को रीत ये अच्छी नहीं लगती है,
करते हैं जब भी चिट्ठाचर्चा फब्ती है ...
जब दो नैना कहते हैं, तो कैसी बनती है कहानी,
आप भी सुनिए, अनिल भाई की ज़ुबानी ..
मिसर जी नी घुन्नन मिलन की रोचक कथा है सुनाई,
जा कर पढ़ लो अभी के अभी, कहीं छूट ना जाए भाई....
लो जी आदि ने भी बैट थाम लिया है ,,
आप भी देखिये , आज क्या नया काम किया है ..
हिंदी चिट्ठों पर लेखों की संख्या हो गयी तीन लाख,
अरे नहीं भाई सच है ये, नहीं है कोई मजाक ..
न्यायिक इक फैसले पे, उंगली गयी है उठायी,
राजीव भाई ने मुद्दे पर इक बढिया पोस्ट चिपकाई..
आज फिर से खत्री जी अलबेली बात बतायी,
कुत्ते से भी गयी गुजरी, पति की हालत बनायी..
फिर पेपर में हुई कुछ ब्लोगों की चर्चा,
क्या आपने देख लिया छपास का ये पर्चा .
महिलाओं को अपमानित करने का नया शिगूफा गया छोडा,
उफ़ , क्या क्या नो होगा अब, जो न हो जाए थोडा ..
विनीता जी ने गाँव की सुन्दर तसवीरें हैं लगाई,
आपकी हमारी हो गयी कुट्टा ,क्यूँ अकेले घूम के आईं.
मानसून को किसने किडनैप किया था, ये राज समझ अब आया,
कमडल से निकले नेताजी ने, सबकुछ है बतलाया..
प्रियदर्शन ने इक सोते परिवार का किस्सा यूँ बयान किया है,
लेखनी है ऐसी, सभी का ही, उधर , ध्यान गया है..
राज भाई की पहेली को इत्तों ने पहचाना,
हाय हमें तो , पहेलियों के लिए ट्यूशन पडेगा लगवाना ...
किस अदा से देखिये, विश्वास को लटका दिया है,
बहुत पढ़ रहे हैं अभी, बहुतों ने चटका दिया है ...
शरद भाई ने बहुतों का आभार किया है व्यक्त ,
जमीन से ऊपर चलता है, भूत ये कमबख्त ...
भोले और भले की जंग देखिये ,
अविनाश भाई का ये रंग देखिये ...
रश्मि जी की कविता की मिसाल देखिये,
लिखती हैं कैसा, कमाल देखिये ....
इस पोस्ट में देखिये , किसने दुनिया को छूने का प्रयास किया है,
कुछ बहुत ख़ास लोगों के लिए, काम ये ख़ास किया है ...
रूठी रूठी बरखा रानी, पाबला जी के यहाँ आ गयी है,
पोस्ट पर लगी,अद्भुत तसवीरें, सबके मन को भा गयी हैं.
ताऊ की मैगजीन, है कमाल का खजाना ,
जो पढ़े एक बार, हो जाए दीवाना ...
आप भी नदियों की रवानी देखिये,
वंदना के कलम की ज़ुबानी देखिये
अछा जी राम राम., कथा यहीं पर रुकती है,
चर्चा जो ना कर पाएं तो, ये बात हमें भी चुभती है.....
इसलिए कोशिश रहती है कि......रुकावट के लिए खेद है....न कहना पड़े...मगर यदि.......तो आप माफ़ कर देंगे..मुझे पता है ...
इसमें कोई ख़ास भेद नहीं है,
हमें पता है की चिट्ठी ये जरूरी है,
मगर क्या करें जी, नौकरी , मजबूरी है ....
तो लीजिये ज्यादा रुकावट नहीं डालते हुए पेश है.....
नटखट इक बच्चे ने , इक पोस्ट है लगाई,
बच्चे ऐसा नहीं कहते, हो गयी कान खिंचाई ..
विवेक भैया को रीत ये अच्छी नहीं लगती है,
करते हैं जब भी चिट्ठाचर्चा फब्ती है ...
जब दो नैना कहते हैं, तो कैसी बनती है कहानी,
आप भी सुनिए, अनिल भाई की ज़ुबानी ..
मिसर जी नी घुन्नन मिलन की रोचक कथा है सुनाई,
जा कर पढ़ लो अभी के अभी, कहीं छूट ना जाए भाई....
लो जी आदि ने भी बैट थाम लिया है ,,
आप भी देखिये , आज क्या नया काम किया है ..
हिंदी चिट्ठों पर लेखों की संख्या हो गयी तीन लाख,
अरे नहीं भाई सच है ये, नहीं है कोई मजाक ..
न्यायिक इक फैसले पे, उंगली गयी है उठायी,
राजीव भाई ने मुद्दे पर इक बढिया पोस्ट चिपकाई..
आज फिर से खत्री जी अलबेली बात बतायी,
कुत्ते से भी गयी गुजरी, पति की हालत बनायी..
फिर पेपर में हुई कुछ ब्लोगों की चर्चा,
क्या आपने देख लिया छपास का ये पर्चा .
महिलाओं को अपमानित करने का नया शिगूफा गया छोडा,
उफ़ , क्या क्या नो होगा अब, जो न हो जाए थोडा ..
विनीता जी ने गाँव की सुन्दर तसवीरें हैं लगाई,
आपकी हमारी हो गयी कुट्टा ,क्यूँ अकेले घूम के आईं.
मानसून को किसने किडनैप किया था, ये राज समझ अब आया,
कमडल से निकले नेताजी ने, सबकुछ है बतलाया..
प्रियदर्शन ने इक सोते परिवार का किस्सा यूँ बयान किया है,
लेखनी है ऐसी, सभी का ही, उधर , ध्यान गया है..
राज भाई की पहेली को इत्तों ने पहचाना,
हाय हमें तो , पहेलियों के लिए ट्यूशन पडेगा लगवाना ...
किस अदा से देखिये, विश्वास को लटका दिया है,
बहुत पढ़ रहे हैं अभी, बहुतों ने चटका दिया है ...
शरद भाई ने बहुतों का आभार किया है व्यक्त ,
जमीन से ऊपर चलता है, भूत ये कमबख्त ...
भोले और भले की जंग देखिये ,
अविनाश भाई का ये रंग देखिये ...
रश्मि जी की कविता की मिसाल देखिये,
लिखती हैं कैसा, कमाल देखिये ....
इस पोस्ट में देखिये , किसने दुनिया को छूने का प्रयास किया है,
कुछ बहुत ख़ास लोगों के लिए, काम ये ख़ास किया है ...
रूठी रूठी बरखा रानी, पाबला जी के यहाँ आ गयी है,
पोस्ट पर लगी,अद्भुत तसवीरें, सबके मन को भा गयी हैं.
ताऊ की मैगजीन, है कमाल का खजाना ,
जो पढ़े एक बार, हो जाए दीवाना ...
आप भी नदियों की रवानी देखिये,
वंदना के कलम की ज़ुबानी देखिये
अछा जी राम राम., कथा यहीं पर रुकती है,
चर्चा जो ना कर पाएं तो, ये बात हमें भी चुभती है.....
इसलिए कोशिश रहती है कि......रुकावट के लिए खेद है....न कहना पड़े...मगर यदि.......तो आप माफ़ कर देंगे..मुझे पता है ...
शनिवार, 11 जुलाई 2009
सन्डे की चिट्ठी, चिट्ठी में चर्चा
शिकायत हो रही की ,
अब हम टिपियाते नहीं हैं,
सत्यानाश हो नौकरी को ,
अब तो ठीक से लिख पाते नहीं.....
उम्मीद है की मुझे थोड़ी रियायत मिल सकेगी...
बिना शीर्षक के विवेक भाई , कितना कुछ बोल गए हैं...
बहुत से मुद्दों पर, राज कई खोल गए हैं.......
ताऊ ने खंभों पर सबको है लटकाया ,
बिल्लन ने तिप्प्न्नियों के चक्कर में है फंसाया,
हुआ अफ़सोस इस बार भाग नहीं ले पाया ,
इब तो चुग गयी चिडिया खेत, के करें इब भाया
सपनो का मनोविज्ञान , खुद समय ने बताया है
इस अनोखे विषय पर एक उम्दा लेख पढ़वाया है .
संगीता जी के ब्लॉग के पाठकों की संख्या पचास हजार से बढ़ गयी है..
ज्योतिष की बातें, नए कीर्तिमान , गढ़ गयी है ....
रायगढ़ में ब्लोग्गर्स ने महफिल थी सजायी.
महफ़िल चित्रों की एल्बम, यहाँ है लगाई ..
विनीत जी कहते हैं , फसबुक में क्या है रखा ..?
क्या आपने इस पोस्ट का स्वाद है चखा ........?
हिंदी साहित्य में नया इक डॉन है आया,
कबाड़खाने में आज गया है ये फरमाया
गे के बहाने ,युवा पर चन्दन जी ने पोस्ट है लिख मारी,
आराम से पढ़ लेना, बात अभी है जारी (क्रमश है यार )
किसका नाम क्या था , दिलचस्प रहा ये किस्सा,
हमने तो पढ़ लिया, अब आप भी ले लो हिस्सा ..
उफ़, क्या आ गयी महंगाई की मस्ती ,
दाल हो गयी महंगी, और मुर्गी हुई है सस्ती .
जनसँख्या दिवस पर खत्री जी ने इक अलबेला पोस्ट लगाया,
नब्बे साल की बुजुर्ग के , कुनबे से मिलवाया ....
उन्हें मालूम था सबकुछ, फिर भी प्रेम ही चुना ,
थोड़े से शब्दों में, क्या ताना बाना बुना
ये व्यंग्य का समय है , व्यंग्य पढा कीजिये,
अरे हुजूर, कभी कभी तो , हंसा कीजिये ..
छोटी छोटी बातों पर हंसने के लिए यहाँ पर जाइए,
लतीफे पढिये और खूब मुस्कुराइए ....
नए जमाने में नए शब्द के मायने जानिए ..
कौन हैं कमीने, जरा तो पहचानिये....
आज कोई टिप्स नहीं है, इक क्वेश्चन गया है उठाया ,
टीपने का मनोविज्ञान, कौन समझ है पाया...?
रूपचंद जी हमेशा , ऐसी पोस्ट लगाते हैं,
बिन डोर ,सब खींचे चले आते हैं
शाम को देहलीज पर, कौन है ये आया,
आवाज दो हमको, उसने है कहलाया ..
इस सुन्दर पोस्ट को , चित्रों से सजाया गया है,
बच्चों का एक खूबसूरत रूप दिखाया गया है .
चलिए अब बस,,,आज कुछ और भी लिखना है ....
अब हम टिपियाते नहीं हैं,
सत्यानाश हो नौकरी को ,
अब तो ठीक से लिख पाते नहीं.....
उम्मीद है की मुझे थोड़ी रियायत मिल सकेगी...
बिना शीर्षक के विवेक भाई , कितना कुछ बोल गए हैं...
बहुत से मुद्दों पर, राज कई खोल गए हैं.......
ताऊ ने खंभों पर सबको है लटकाया ,
बिल्लन ने तिप्प्न्नियों के चक्कर में है फंसाया,
हुआ अफ़सोस इस बार भाग नहीं ले पाया ,
इब तो चुग गयी चिडिया खेत, के करें इब भाया
सपनो का मनोविज्ञान , खुद समय ने बताया है
इस अनोखे विषय पर एक उम्दा लेख पढ़वाया है .
संगीता जी के ब्लॉग के पाठकों की संख्या पचास हजार से बढ़ गयी है..
ज्योतिष की बातें, नए कीर्तिमान , गढ़ गयी है ....
रायगढ़ में ब्लोग्गर्स ने महफिल थी सजायी.
महफ़िल चित्रों की एल्बम, यहाँ है लगाई ..
विनीत जी कहते हैं , फसबुक में क्या है रखा ..?
क्या आपने इस पोस्ट का स्वाद है चखा ........?
हिंदी साहित्य में नया इक डॉन है आया,
कबाड़खाने में आज गया है ये फरमाया
गे के बहाने ,युवा पर चन्दन जी ने पोस्ट है लिख मारी,
आराम से पढ़ लेना, बात अभी है जारी (क्रमश है यार )
किसका नाम क्या था , दिलचस्प रहा ये किस्सा,
हमने तो पढ़ लिया, अब आप भी ले लो हिस्सा ..
उफ़, क्या आ गयी महंगाई की मस्ती ,
दाल हो गयी महंगी, और मुर्गी हुई है सस्ती .
जनसँख्या दिवस पर खत्री जी ने इक अलबेला पोस्ट लगाया,
नब्बे साल की बुजुर्ग के , कुनबे से मिलवाया ....
उन्हें मालूम था सबकुछ, फिर भी प्रेम ही चुना ,
थोड़े से शब्दों में, क्या ताना बाना बुना
ये व्यंग्य का समय है , व्यंग्य पढा कीजिये,
अरे हुजूर, कभी कभी तो , हंसा कीजिये ..
छोटी छोटी बातों पर हंसने के लिए यहाँ पर जाइए,
लतीफे पढिये और खूब मुस्कुराइए ....
नए जमाने में नए शब्द के मायने जानिए ..
कौन हैं कमीने, जरा तो पहचानिये....
आज कोई टिप्स नहीं है, इक क्वेश्चन गया है उठाया ,
टीपने का मनोविज्ञान, कौन समझ है पाया...?
रूपचंद जी हमेशा , ऐसी पोस्ट लगाते हैं,
बिन डोर ,सब खींचे चले आते हैं
शाम को देहलीज पर, कौन है ये आया,
आवाज दो हमको, उसने है कहलाया ..
इस सुन्दर पोस्ट को , चित्रों से सजाया गया है,
बच्चों का एक खूबसूरत रूप दिखाया गया है .
चलिए अब बस,,,आज कुछ और भी लिखना है ....
गुरुवार, 9 जुलाई 2009
झा जी इस्टाईल , चिट्ठी चर्चा का मजा लीजिये
ब्लॉग्गिंग करते हैं, तो खुल कर कहा कीजिये ,
झा जी, इस्टाईल, चिट्ठी चर्चा का मजा लीजिये...
बस एक है, अर्ज, खूब जम के लिखा कीजिये,
जितना लिखते हैं, उतना ही सबको पढा कीजिये..
यकीन मानिए बड़ा ही आनंद आता है ,तो लीजिये पेश - ए- नोश , फ़रमाएँ...
एलियन भी पीते हैं सिगरेट , ये मान लीजिये,
उनके डब्बों का अद्भुत उपयोग भी जान लीजिये ....
कुश भाई ने बारिश के बहाने खूब लिखी कहानी ,
हाय हमें कब दिखलाओगी,जलवे बरखा रानी...
इस पोस्ट पर धीरज जी ने साईं बाबा की सुन्दर तसवीरें हैं लगाई,
हमने तो शीश नवा लिए ,,आप भी देख लो भाई ....
हफ्ते में इक ब्लॉगर से मिलवाने का ताऊ ने ठेखा उठाया है ,
इस हफ्ते देखिये, सबसे किसको मिलाया है ..
अनामी के नाम , फिर इक नयी पोस्ट है आयी,
नए एंगल से , कुछ नयी बात है बतलाई
इनायत हुई या हुई है आफत, नीरज जी फरमाते हैं,
अक्सर हंसते हंसते, सबकी बैंड बजाते हैं.....
अविनाश भाई ने अमरीकन को अजब ये सैर कराई,
हमारा घोड़ा है कार पे भारी , कमाल की तुलना भाई ..
बाजपेयी भी पढ़ते हैं ब्लॉग , आप भी ये जान लें ,
टिपियाते तो हो नहीं, हम कैसे मान लें ,
इन्टरनेट युग में पोस्टकार्ड के नाम ने भावुक कर दिया,
रचना बजाज ने , इस पोस्ट पर, अपना अनुभव धर दिया..
माँ साब ने अब तक की ब्लॉग रिटर्न फाईल की है,
आप देखिये कौन सी पढ़ी , कौन सी देख ली है ...?
अभी अभी हमको ई बताया गया है ,
ब्लॉग्गिंग में आदि का , पहला बर्थ दे मनाया गया है
ब्लॉग, ब्लॉग है या साहित्य , प्रश्न उछाला गया है,
मुद्दे पर शिव जी द्वारा भी बहुत कुछ डाला गया है .
मुर्दों के शहर की खूब , सैर है करवाई,
एक कविता पढ़ ली , दूसरी नजर नहीं आयी......
शास्त्री जी ने कहा सारा देश ही संडास है ,
कभी बदलेगी सूरत ये, होता नहीं विश्वास है
यदि आप भी समझते हैं , ये अधिकार है निगौडा,
पढ़ के देखिये, जबरदस्त है हथौडा ...
वो कहती हैं की ख्वाब रोज सजाया करो ,
हम तैयार हैं, गर यूँ ही लोरी आप सुनाया करो ...
किताबों के इस कोने में , जरूर जाइए,
पढने का सुख, आप भी उठाइये ......
इस पोस्ट में चीज ये खतरनाक सी है ..
आज ब्लॉगजगत को घूरती ये आँख सी है
महिलाओं ने जिन्दगी का अच्छा हल निकाला है ,
उम्र भर जुते रहने को , सबने एक बैल पाला है
झा जी, इस्टाईल, चिट्ठी चर्चा का मजा लीजिये...
बस एक है, अर्ज, खूब जम के लिखा कीजिये,
जितना लिखते हैं, उतना ही सबको पढा कीजिये..
यकीन मानिए बड़ा ही आनंद आता है ,तो लीजिये पेश - ए- नोश , फ़रमाएँ...
एलियन भी पीते हैं सिगरेट , ये मान लीजिये,
उनके डब्बों का अद्भुत उपयोग भी जान लीजिये ....
कुश भाई ने बारिश के बहाने खूब लिखी कहानी ,
हाय हमें कब दिखलाओगी,जलवे बरखा रानी...
इस पोस्ट पर धीरज जी ने साईं बाबा की सुन्दर तसवीरें हैं लगाई,
हमने तो शीश नवा लिए ,,आप भी देख लो भाई ....
हफ्ते में इक ब्लॉगर से मिलवाने का ताऊ ने ठेखा उठाया है ,
इस हफ्ते देखिये, सबसे किसको मिलाया है ..
अनामी के नाम , फिर इक नयी पोस्ट है आयी,
नए एंगल से , कुछ नयी बात है बतलाई
इनायत हुई या हुई है आफत, नीरज जी फरमाते हैं,
अक्सर हंसते हंसते, सबकी बैंड बजाते हैं.....
अविनाश भाई ने अमरीकन को अजब ये सैर कराई,
हमारा घोड़ा है कार पे भारी , कमाल की तुलना भाई ..
बाजपेयी भी पढ़ते हैं ब्लॉग , आप भी ये जान लें ,
टिपियाते तो हो नहीं, हम कैसे मान लें ,
इन्टरनेट युग में पोस्टकार्ड के नाम ने भावुक कर दिया,
रचना बजाज ने , इस पोस्ट पर, अपना अनुभव धर दिया..
माँ साब ने अब तक की ब्लॉग रिटर्न फाईल की है,
आप देखिये कौन सी पढ़ी , कौन सी देख ली है ...?
अभी अभी हमको ई बताया गया है ,
ब्लॉग्गिंग में आदि का , पहला बर्थ दे मनाया गया है
ब्लॉग, ब्लॉग है या साहित्य , प्रश्न उछाला गया है,
मुद्दे पर शिव जी द्वारा भी बहुत कुछ डाला गया है .
मुर्दों के शहर की खूब , सैर है करवाई,
एक कविता पढ़ ली , दूसरी नजर नहीं आयी......
शास्त्री जी ने कहा सारा देश ही संडास है ,
कभी बदलेगी सूरत ये, होता नहीं विश्वास है
यदि आप भी समझते हैं , ये अधिकार है निगौडा,
पढ़ के देखिये, जबरदस्त है हथौडा ...
वो कहती हैं की ख्वाब रोज सजाया करो ,
हम तैयार हैं, गर यूँ ही लोरी आप सुनाया करो ...
किताबों के इस कोने में , जरूर जाइए,
पढने का सुख, आप भी उठाइये ......
इस पोस्ट में चीज ये खतरनाक सी है ..
आज ब्लॉगजगत को घूरती ये आँख सी है
महिलाओं ने जिन्दगी का अच्छा हल निकाला है ,
उम्र भर जुते रहने को , सबने एक बैल पाला है
बुधवार, 8 जुलाई 2009
ना दाम लगे न खर्चा : लो आ गयी चिट्ठी चर्चा
बजट जब से पेश हुआ ,हमने कम कर दिया है खर्चा ,
चस्का लग गया ऐसा, रोज करें चिटठा चर्चा,
लो जी पेश किया है,,फिर से जांच लो पर्चा,
बतलाना स्वाद इसका , जो कम लगे नमक और मर्चा...
तो लीजिये ..झेलिये..
कबाड़खाने मैं कुछ और कबाड़ी आये हैं,
इस ब्लॉग पर हाथ आजमाने , कुछ और खिलाड़ी आये हैं.
हिंदी ब्लॉग टिप्स, फिर से इक कमाल का विजेट लाया है.
मीटर लगाओ देख लो, कौन पोस्ट कित्ती बार पढ़ पाया है
राज भाई की छोटी पोस्ट पढें. नहीं है वेरी laang ,
टांग तोड़ दी तुकबंदी की, ऐसी पोस्ट दी टांग
गाली- गलौज की विडीयो वाली पोस्ट का ज्ञान जी ने जिक्र किया,
अफ़सोस जताया , नहीं क्यूँ ब्लोग्वानी ने फिक्र किया.
मुर्गी ने दिया आदमी का बच्चा ,.उफ़ जाने क्या है होने वाला,
सुना है थोड़े दिन पहले उसको शायनी ने था पाला
मुबारक हो जी,खत्री जी , अपनी छतरी लेकर आ गए हैं..
अभी अभी समीर जी, बीयर बार में घुसा गए हैं..
मीडिया मार्ग में , बापू मीडिया के बीच वाकयुद्ध जारी है,
पोस्ट देखिये, तय कीजिये, कौन किस पर भारी है .
चिट्ठाचर्चा में आज विवेक भाई ,गुरु की महिमा समझाए हैं.
जैसा गजब का करते हैं,,आज भी वैसा ही चर्चियियाये हैं.
अनिल भाई ने कहा की , लाल किले में तो ऐसी तलवारें रखी हैं
उठा उठा कर देख लें , जिनकी सेहत पक्की हैं.....
बारिश में भुट्टे का यूँ मजा लीजिये...
भुट्टा तो है, पर बारिश नहीं , अब क्या कीजिये .
आई टी सेक्टर के साईड इफेक्ट , प्रशांत जी बतलाते हैं..
हम नहीं हैं उस सेक्टर से,,सो नहीं ghabraate हैं..
इस पोस्ट में बड़े काम की इक सही बात बतलाई है ,
हिंदी टिप्प्न्नी करने की , सुन्दर तरकीब सुझाई है
राज भाई को उनके पुत्तर ने फिर से कुछ समझाया ,
बिन देरी के झटपट उन्होंने , सबको है सिखलाया
दुःख पर दुःख , साहित्य जगत में यही सिलसिला जारी है ,
एक पंक्ति का ये एस ऍम एस, दिल पर बड़ा ही भारी है....
कुत्ते -बिल्ली , हो जाएँ , यदि गे, तो कौन सा कानून चाहिए,
अदा की इस पोस्ट में खुद ही पढ़ आइये ...
ताऊ की अक्ल बड़ी या भैंस, जोरों की मारा मारी है,
सबसे तेज है, बिल्लन ,वा की , जे का नाम रामप्यारी है .
कौन इनमें है बेवकूफ, तय आपको करना है ,
फटाफट पंहुंच जाओ , जिसे फ्री में भविष्यफल पढ़ना है
प्रमोशन के चक्कर में , जब फर्जी एन्काउंतर किया जाता है,
कमंडल से निकला कार्टून उसका रिजल्ट बताता है....
जैसा अद्भुत शीर्षक है इसका, अवधिया जी वैसा ही फरमाते हैं,
ना जाने की किन जंगल, पेड़ पधादों की सैर कराते हैं..
चलते चलते एक अनोखा ये भेद लीजिये,
इस ब्लॉग पर ,छ से ज्यादा पसंद नहीं बढ़ती , चाहे खुद ही देख लीजिये..
चस्का लग गया ऐसा, रोज करें चिटठा चर्चा,
लो जी पेश किया है,,फिर से जांच लो पर्चा,
बतलाना स्वाद इसका , जो कम लगे नमक और मर्चा...
तो लीजिये ..झेलिये..
कबाड़खाने मैं कुछ और कबाड़ी आये हैं,
इस ब्लॉग पर हाथ आजमाने , कुछ और खिलाड़ी आये हैं.
हिंदी ब्लॉग टिप्स, फिर से इक कमाल का विजेट लाया है.
मीटर लगाओ देख लो, कौन पोस्ट कित्ती बार पढ़ पाया है
राज भाई की छोटी पोस्ट पढें. नहीं है वेरी laang ,
टांग तोड़ दी तुकबंदी की, ऐसी पोस्ट दी टांग
गाली- गलौज की विडीयो वाली पोस्ट का ज्ञान जी ने जिक्र किया,
अफ़सोस जताया , नहीं क्यूँ ब्लोग्वानी ने फिक्र किया.
मुर्गी ने दिया आदमी का बच्चा ,.उफ़ जाने क्या है होने वाला,
सुना है थोड़े दिन पहले उसको शायनी ने था पाला
मुबारक हो जी,खत्री जी , अपनी छतरी लेकर आ गए हैं..
अभी अभी समीर जी, बीयर बार में घुसा गए हैं..
मीडिया मार्ग में , बापू मीडिया के बीच वाकयुद्ध जारी है,
पोस्ट देखिये, तय कीजिये, कौन किस पर भारी है .
चिट्ठाचर्चा में आज विवेक भाई ,गुरु की महिमा समझाए हैं.
जैसा गजब का करते हैं,,आज भी वैसा ही चर्चियियाये हैं.
अनिल भाई ने कहा की , लाल किले में तो ऐसी तलवारें रखी हैं
उठा उठा कर देख लें , जिनकी सेहत पक्की हैं.....
बारिश में भुट्टे का यूँ मजा लीजिये...
भुट्टा तो है, पर बारिश नहीं , अब क्या कीजिये .
आई टी सेक्टर के साईड इफेक्ट , प्रशांत जी बतलाते हैं..
हम नहीं हैं उस सेक्टर से,,सो नहीं ghabraate हैं..
इस पोस्ट में बड़े काम की इक सही बात बतलाई है ,
हिंदी टिप्प्न्नी करने की , सुन्दर तरकीब सुझाई है
राज भाई को उनके पुत्तर ने फिर से कुछ समझाया ,
बिन देरी के झटपट उन्होंने , सबको है सिखलाया
दुःख पर दुःख , साहित्य जगत में यही सिलसिला जारी है ,
एक पंक्ति का ये एस ऍम एस, दिल पर बड़ा ही भारी है....
कुत्ते -बिल्ली , हो जाएँ , यदि गे, तो कौन सा कानून चाहिए,
अदा की इस पोस्ट में खुद ही पढ़ आइये ...
ताऊ की अक्ल बड़ी या भैंस, जोरों की मारा मारी है,
सबसे तेज है, बिल्लन ,वा की , जे का नाम रामप्यारी है .
कौन इनमें है बेवकूफ, तय आपको करना है ,
फटाफट पंहुंच जाओ , जिसे फ्री में भविष्यफल पढ़ना है
प्रमोशन के चक्कर में , जब फर्जी एन्काउंतर किया जाता है,
कमंडल से निकला कार्टून उसका रिजल्ट बताता है....
जैसा अद्भुत शीर्षक है इसका, अवधिया जी वैसा ही फरमाते हैं,
ना जाने की किन जंगल, पेड़ पधादों की सैर कराते हैं..
चलते चलते एक अनोखा ये भेद लीजिये,
इस ब्लॉग पर ,छ से ज्यादा पसंद नहीं बढ़ती , चाहे खुद ही देख लीजिये..
सोमवार, 6 जुलाई 2009
चर्चा करके जांचेंगे , अब रोज चिट्ठिया बाचेंगे ( चिट्ठी चर्चा वाली )
इक नए प्रयोग से रहे थे खुद को जांच,
डरते डरते पहली चिट्ठी यूँ रहे थे बांच,
खूब मिली शाबाशी, चटके लगे कुल पांच,
झाजी का मन मयूर रहा ,,बिन बदली के नांच
तो सोच लिए अब ऐसे ही पोस्टवा सबको जांचेंगे,
जब भी मिला मौका, हम रोज चिट्ठिया बांचेंगे ..
तो लीजिये पेश है :-
सुरेश जी की पत्नी श्री ने , ऐसे सालगिरह मनाया,
मायके की फौज बुला लूंगी, उनको है धमकाया
नुक्कड़ ने आज ही अपना चार सौ का आंकडा पार किया,
अविनाश भाई ने फ़टाफ़ट, बधाई सन्देश तैयार किया..
विवेक भाई ने स्वप्नलोक से जाग कर बहुतों को जगाया है,
गहने कहाँ पर साफ़ कराओ, इस पोस्ट में बताया है.
उड़नतश्तरी कार में बैठी,,तगडी थी रफ़्तार ,
बीडी पीती महिला चालाक खूब रहे थे ताड़
टाईम टाईम पर , सूअर से भी कर ली आँखें चार ,
कितने मजे में,,इत्ता लम्बा सफ़र दिया गुजार .
विक्स की इस शीशी को आदि ने सैर करवाई,
इस नन्हे शैतान की, शैतानी सबके मन को भाई
पता नहीं राज भाई ने इस बार ये किसकी बुत है लगाई.
सुबह से गूगल बाबा ने भी मदद नहीं की भाई ..
धारा ३७७ पर , क्वेस्चन गया उठाया ,
डोगरा जी ने समलैंगिकता पर बधया लेख पढ़वाया
सविता भौजी को बैन किया चिंतित इतनी सरकार है.
नैय्यर साहब कह रहे..ये फ़ैल रहा कारोबार है
गे का हिंदी अनुवाद यादव जी ने बतलाया,
इस मुद्दे का परखाच्चा गजब उडाया
ताऊ जी की मंडे मैगजीन, अभी अभी छप के आयी है..
इतने ही दिन में ये ब्लॉग पत्रिका , सबके मन को भाई है
संगीता जी ने बारिश का पूरा हिसाब किताब लगया है .
चिंता करो , और चिंतन भी , इस पोस्ट में समझाया है
पशु पक्षी भी करते हैंं इलू इलू ,..मिश्र जी बतलाते हैं..
पढ़ पढ़ कर हम दाँतों तले उंगली दबाते हैं..
शहरी बाबू भी देहाती बोल से काम चलाते हैं.
आज अजित भाई ,,कुछ ऐसा ही फरमाते हैं..
मैसेज पे मैसेज.दीप्ती जी परेशान हैं.
न माँ ,न बिटिया बनना, कुछ भी नहीं आसान है .
आज अनिल भाई ने एक नया राज खोला है..
टिकट आ रहा एक और नया..कुछ ऐसा ही बोला है
इस बार एक और इनकी अदा देखिये,
बैंगन की डंठल में चिकन का मजा लीजिये..
इसी के साथ बंधू आज की चिट्ठी यहीं पर ख़तम हुई..
चख कर बता देना,,किसको कितनी हजम हुई ..
डरते डरते पहली चिट्ठी यूँ रहे थे बांच,
खूब मिली शाबाशी, चटके लगे कुल पांच,
झाजी का मन मयूर रहा ,,बिन बदली के नांच
तो सोच लिए अब ऐसे ही पोस्टवा सबको जांचेंगे,
जब भी मिला मौका, हम रोज चिट्ठिया बांचेंगे ..
तो लीजिये पेश है :-
सुरेश जी की पत्नी श्री ने , ऐसे सालगिरह मनाया,
मायके की फौज बुला लूंगी, उनको है धमकाया
नुक्कड़ ने आज ही अपना चार सौ का आंकडा पार किया,
अविनाश भाई ने फ़टाफ़ट, बधाई सन्देश तैयार किया..
विवेक भाई ने स्वप्नलोक से जाग कर बहुतों को जगाया है,
गहने कहाँ पर साफ़ कराओ, इस पोस्ट में बताया है.
उड़नतश्तरी कार में बैठी,,तगडी थी रफ़्तार ,
बीडी पीती महिला चालाक खूब रहे थे ताड़
टाईम टाईम पर , सूअर से भी कर ली आँखें चार ,
कितने मजे में,,इत्ता लम्बा सफ़र दिया गुजार .
विक्स की इस शीशी को आदि ने सैर करवाई,
इस नन्हे शैतान की, शैतानी सबके मन को भाई
पता नहीं राज भाई ने इस बार ये किसकी बुत है लगाई.
सुबह से गूगल बाबा ने भी मदद नहीं की भाई ..
धारा ३७७ पर , क्वेस्चन गया उठाया ,
डोगरा जी ने समलैंगिकता पर बधया लेख पढ़वाया
सविता भौजी को बैन किया चिंतित इतनी सरकार है.
नैय्यर साहब कह रहे..ये फ़ैल रहा कारोबार है
गे का हिंदी अनुवाद यादव जी ने बतलाया,
इस मुद्दे का परखाच्चा गजब उडाया
ताऊ जी की मंडे मैगजीन, अभी अभी छप के आयी है..
इतने ही दिन में ये ब्लॉग पत्रिका , सबके मन को भाई है
संगीता जी ने बारिश का पूरा हिसाब किताब लगया है .
चिंता करो , और चिंतन भी , इस पोस्ट में समझाया है
पशु पक्षी भी करते हैंं इलू इलू ,..मिश्र जी बतलाते हैं..
पढ़ पढ़ कर हम दाँतों तले उंगली दबाते हैं..
शहरी बाबू भी देहाती बोल से काम चलाते हैं.
आज अजित भाई ,,कुछ ऐसा ही फरमाते हैं..
मैसेज पे मैसेज.दीप्ती जी परेशान हैं.
न माँ ,न बिटिया बनना, कुछ भी नहीं आसान है .
आज अनिल भाई ने एक नया राज खोला है..
टिकट आ रहा एक और नया..कुछ ऐसा ही बोला है
इस बार एक और इनकी अदा देखिये,
बैंगन की डंठल में चिकन का मजा लीजिये..
इसी के साथ बंधू आज की चिट्ठी यहीं पर ख़तम हुई..
चख कर बता देना,,किसको कितनी हजम हुई ..
रविवार, 5 जुलाई 2009
एक चिट्ठी चर्चा वाली
बहुत दिनों से तमन्ना थी की ...हम भी कभी ऐसी चिट्ठी बांचे जिसमें सबके नाम एक छोटे छोटी पाती हो..पहले लिंक बनाना नहीं आता था..अविनाश भाई ने सीखा दिया..फिर हिम्मत नहीं हो rahee थी., फिर सोचा ..अरे चिठ्ठी ही तो है...पसंद ना आयी तो सब जवाब नहीं देंगे ...कोई बात नहीं...सो लिख कर आपके सामने रख दिया है..बताइयेगा की अगली लिखने की हिम्मत करूँ या नहीं ..जो छूट गए..उम्मीद हैं माफ़ करेंगे..
१. ताऊ जी सबको इस बार लंगर है छाकवाया,
रविकांत जी को,ताऊ ने ताज ने पहनाया ,
बिल्लन ने सबको गणित में उलझाया ,
अपनी उम्र पूछ कर सबको नाच नचाया
३.इस बर्थ डे का अनिल भाई के साथ केक खाइए
किसका है जन्मदिन , जाके देख आइये.
४.न जाने कब तक चलेगी कहानी अत्याचार की
राज भाई ने पूछा , क्या सजा हो बलात्कार की.
५.स्वयंवर की अद्भुत ये प्रथा है आयी
सुना है इक ब्लॉगर भी कतार में है भाई.
६.फुर्सत नहीं थी , फिर भी चर्चा हुई सावधानी से
इस बार की चिठ्ठी पोस्ट हुई राजधानी से
७.पाबला जी ब्लोगों को अखबारों से है मिलाया,
कौन कहाँ पर कब छपा,आज है फिर बतलाया.
८.भाई थे विक्रम और टल्ली हुए बेताल
दोनों की कथा का यहाँ पर पढिये हाल
९. इलाहाबाद की सैर को आप भी बनें बाराती
शादी के लड्डू खाइए , बन शुशांत के साथी
१०. मिलिए इस नन्ही ब्लॉगर से इसका नाम लविजा है
खुद ही जा कर देख लें , इसने क्या क्या सीखा है
११.अभिव्यक्ति के अधिकार पर ये श्रृंख्ला जारी है
पढिये इसको ध्यान से विषय बड़ा ही भारी है
१२.निन्यानवे के फेर में जिसको है पड़ना
उसके लिए जरूरी है ये पोस्ट ही पढ़ना
१४.इग्नू की डिग्री हुई अमान्य, हमने है फरमाया
ख़बरों को पढने को इक नया ब्लॉग लटकाया
१५.डाक्टर अमर ने डाक्टर दे पे राज बहुत से खोले हैं.
आप भी देखिये ..का कैसे ..ऊ बोले हैं ...
१६.कहते हैं महेंदर भाई..झूठे ये बादल छाये हैं..
आज फिर बहुत बढिया..ऊ भी चर्चियाये हैं..
और हाँ ..कुछ मेरे लिए आदेश /सुझाव/नसीहत /शिकायत हो तो कहियेगा...जरूर
१. ताऊ जी सबको इस बार लंगर है छाकवाया,
रविकांत जी को,ताऊ ने ताज ने पहनाया ,
बिल्लन ने सबको गणित में उलझाया ,
अपनी उम्र पूछ कर सबको नाच नचाया
३.इस बर्थ डे का अनिल भाई के साथ केक खाइए
किसका है जन्मदिन , जाके देख आइये.
४.न जाने कब तक चलेगी कहानी अत्याचार की
राज भाई ने पूछा , क्या सजा हो बलात्कार की.
५.स्वयंवर की अद्भुत ये प्रथा है आयी
सुना है इक ब्लॉगर भी कतार में है भाई.
६.फुर्सत नहीं थी , फिर भी चर्चा हुई सावधानी से
इस बार की चिठ्ठी पोस्ट हुई राजधानी से
७.पाबला जी ब्लोगों को अखबारों से है मिलाया,
कौन कहाँ पर कब छपा,आज है फिर बतलाया.
८.भाई थे विक्रम और टल्ली हुए बेताल
दोनों की कथा का यहाँ पर पढिये हाल
९. इलाहाबाद की सैर को आप भी बनें बाराती
शादी के लड्डू खाइए , बन शुशांत के साथी
१०. मिलिए इस नन्ही ब्लॉगर से इसका नाम लविजा है
खुद ही जा कर देख लें , इसने क्या क्या सीखा है
११.अभिव्यक्ति के अधिकार पर ये श्रृंख्ला जारी है
पढिये इसको ध्यान से विषय बड़ा ही भारी है
१२.निन्यानवे के फेर में जिसको है पड़ना
उसके लिए जरूरी है ये पोस्ट ही पढ़ना
१४.इग्नू की डिग्री हुई अमान्य, हमने है फरमाया
ख़बरों को पढने को इक नया ब्लॉग लटकाया
१५.डाक्टर अमर ने डाक्टर दे पे राज बहुत से खोले हैं.
आप भी देखिये ..का कैसे ..ऊ बोले हैं ...
१६.कहते हैं महेंदर भाई..झूठे ये बादल छाये हैं..
आज फिर बहुत बढिया..ऊ भी चर्चियाये हैं..
और हाँ ..कुछ मेरे लिए आदेश /सुझाव/नसीहत /शिकायत हो तो कहियेगा...जरूर
शुक्रवार, 3 जुलाई 2009
यूँ न धमकाना फिर कभी, हम अक्सर मुकदमों में रहते हैं.....
तुम्हें होगी आदत,
घावों को कुरेद,
उन्हें हरा करके,
देखने की,
हम दर्द ,
पी जाया करते हैं,
हम नहीं,
जख्मों में रहते हैं........
कभी धर्म, जाति,
भाषा, नर-नारी,
विचार-मतभेद,
न जाने किन-किन,
बातों से,
चलाते हो,
तुम्ही ये,
अभिव्यक्ति की दुनिया,
तुम जैसे कई ,
इन्ही भरमो में रहते हैं.........
हमारा उतना ,
बड़ा न सही,
मगर इक ,,छोटा सा ही,
नाम तो है,
हम क्यूँ छुप्पायें,
उसको., कौन सा,
तुम जैसे कुकर्मो में रहते हैं...
और हाँ .....एक आखिरी जरूरी iबात..फिर नहीं बताएँगे...
हम मानते हैं,
तुम्हारे कई रसूखवाले,
जाने किन -किन ,
महकमों में रहते हैं,
मगर हमें न,
यूँ फिर ,
धमकाना कभी,
हम भी अक्सर,
मुकदमों में रहते हैं.....
कोर्ट कचहरी वाले हैं भाई...मुकदमों में ही रहते हैं दिन भर...और ये मत पूछियेगा की धमकी कौन कैसी, क्यूँ ,,दे रहा/रही है /या दिया था ...जानने वाले जान ही जायेंगे...और ...छोडिये ....जाने दीजिये...आखिरी बार कहा है ...अब नहीं कहेंगे...और यदि ऐसा ही है की किसी न किसी से शुरुआत होगी ही ..तो हम भी तैयार हैं...ये न समझना की ..कहीं दूर चले जायेंगे....
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