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रविवार, 20 जनवरी 2008

अबे पगला गए हो का ?

आज भोर भोर फिर ओही खबर्वा देख के त सच पूछिए त दिमग्वा सनक गया। आज फेर कहीं पर कूनो लोग कुछ विदेशी में लोगन के साथ जबरदस्ती किये थे। साला पिछला पता नहीं काटना दिन से खाले एही बात सुनते पढ़ते आ रहे हैं। अमुक जगह पर कौनो किसी महिला के साथ बदमाशी किया तो कौनो जगह पर कौनो लुछा किसी विदेह्सी युवती के साथ बत्मीजी किया है। अबे तुम लोग पगला गए हो का? रे ई ओही देश हैं ना जाऊँ कभी अपना मेहमान लोग को देवी देवता कहता मानता था।

भैया बाबु लोग ई त हमहू देख रहे हैं कि आज का नसल आ फसल दुनु एकदम गद्बदायल है मुदा ई हमको गुमान नहीं था के सब इतना नीचे गिर गया है कि जाऊँ बेचारा सब पता नहीं केतना सुन्दर कल्पना और सपना ले के आता है अपना देश के बारे में ऊ सबके परिवार के साथ इहाँ ई सब हो सकता है। khair ऊ लोग सब जो ई सब kar रहा ऊ सब तो हमरे ख्याल से पशु निशाचर बन गया है इसलिए ऊ लोग ई बात का मतबल नहीं बुझायेगा, मुदा हरेमरे समझ में ई नहीं आता है कि ई अपना पुलिस आ सरकार प्रशाशन सब का बुका आ बहिरा के जैसन चुपचाप तमाशा देख रहा है । काहे नहीं पकड के ठोकता है ई लतखोर सबको।

इहाँ शायद ई बात का कौनो को अंदाजा नहीं है कि ई सब करके ऊ लोग उन लोगन की खातिर कतना बड़ा मुसीबत खडा कर रहा है जाऊँ लोग अपने इहाँ से काम धंधा के वास्ते बेचारा सब बाहर बह्तक रहा है । ई सबका परिणाम देर सबेर ऊ सब बेचारा लोग को भुगतना ही पडेगा ना। आ सबसे बढ़कर का इज्ज़त आ छवि रह जायेगी आपना देश आ लोगन की पूरा संसार में। रे भैया लोग अभियो तनी शर्म कर हो .

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पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

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