इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

शनिवार, 8 मार्च 2008

पसंद की घंटी

इन दिनों ,
पसंद की घंटी,
के चक्कर में,
बहुत लोगन का,
घंटा,
बजा हुआ है॥

कौन , कब,
चढा ,
कितना ऊपर,
कौन ,धंसा,
कब,
कितना नीचे,
ये टेंसन, कितना,
बढ़ा हुआ है ॥

कोई खोले,
लिस्ट,
एलेक्सा की,
कोई वाणी,
की पसंद ,
की घंटी,
कोई चिट्ठाजगत की,
रैंकिंग के फेर में,
पडा हुआ है..

वैसे तो ,
टाईम पास को,
ठीक ये ,
धंधा ये भी,
फ़िर हर कोई,
किसी न किसी,
तरह से ,
इस धंधे में ही,
लगा हुआ है ....

तो भैया लगे रहो , हम लोगन को कौनो टेंसन नहीं है हम लोग त जहाँ हैं वहीं ठीक हैं , एकदम फिट हैं जी.....

2 टिप्‍पणियां:

पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Google+ Followers