इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

रविवार, 29 मार्च 2009

नए जमाने का नया ऑडीशन- व्यंग्य (एक प्रकाशित रचना )


(पढने के लिए आलेख पर क्लिक करें )

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Google+ Followers