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बुधवार, 31 मार्च 2010

भाड में जाए ब्लोग्गिंग मैं छोड रहा हूं इसे ........अजय कुमार झा ....



भाड में जाए ब्लोग्गिंग मैं छोड रहा हूं ........कारण स्पष्ट है बिल्कुल ......





.........................




































क्या हुआ जी .............???????????

आज के दिन कुछ छोडने के लिए इससे अच्छा और क्या हो सकता था ...आखिर मूर्ख दिवस यानि अप्रैल फ़ूल डे है भाई ..........और हां कसम है उसे जो आये और बिना टीपे जाए ...। चाहे गुस्सा ही सही ..............अप्रैल  फ़ूल .........मुबारक हो ।

ये निर्मल हास्य है .........इसे अन्यथा न लें .....यार जब मैंने नहीं लिया तो आप क्यों लें ....मुझे पता है बहुत मार पडने वाली है मगर क्या करूं .....आखिर अप्रैल फ़ूल भी तो मनाना है न ..........

43 टिप्‍पणियां:

  1. सत्यानाश सारी पोल तो ब्लोगवाणी पर पूरी पोस्ट दिख कर ही हो गई ...धत तेरे कि ..ये क्या हुआ ये तो अपना भी अप्रैल फ़ूल मन गया यार

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  2. मैंने तो सुना था कि "ब्लॉगिंग डार्लिंग"
    ने ही आपको छोड़ दिया है....

    http://laddoospeaks.blogspot.com/

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  3. टंकी पर चढ़े बिना आप जो भी कहेंगे वो निर्मल हास्य ही माना जाएगा...

    आप पहले शख्स हैं जो बता कर अप्रैल फूल मना रहे हैं...

    जय हिंद...

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  4. हा हा हा हा हा
    अप्रेल फ़ूल बनाया

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  5. यार खुशदीप भाई ,मुझे तो अब लग रहा है सबसे तगडा अप्रैल ...मई...जून......जुलाई ..सब फ़ूल मन गया ..पूरी पोस्ट ही दिख गई ब्लोगवाणी पर ...

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  6. भई हम तो सोमवार को आपकी पहली ब्लॉग पत्रिका का इंतज़ार कर रहे थे।

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  7. बता क्‍यूं दिया आपने .. अप्रैल फूल मनाकर इस खास दिन में हमें डराना चाहिए था !!

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  8. अजय जी .. आपने अप्रैल फूल नहीं बनाया .. ब्‍लॉगवाणी ने आपको ही बना डाला !!

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  9. संगीता जी मुझे क्या पता था कि इसका ये हश्र होने वाला है ...क्या से क्या हो गया ..ब्लोग्गिंग तेरे प्यार में

    रमण जी शुक्रिया वो अपने नियत समय पर आएगी ही ...स्नेह और साथ बनाए रखें

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  10. बधाई ब्लॉगवाणी को, झाजी को अप्रैल फ़ूल बनाने के लिये और कल से ये मैसेज भी पढ़ लीजियेगा -

    हैप्पी अप्रैल फ़ूल :)

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  11. ई अपरैल में कौन्सा फुल खीलता है, जी ?

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  12. जेकरी रही भावना जैसी ............

    हे हे हे
    बने ना अप्रैल फूल

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  13. हा हा हा हा हा
    अप्रेल फ़ूल बनाया

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  14. गोभी का फूल...
    हा हा हा हा ...

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  15. बहुत अच्छी प्रस्तुति। सादर अभिवादन।

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  16. हम तो नहीं बनने वाले एप्रिल फूल

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  17. लो जी ये पकडॊ टिप्पणी. और हमे हार्दिक खुशी है कि आपने हम मुर्खों को याद रखा और हमारे सम्मान मे यह दिन मनाया. घणा धन्यवाद.

    रामराम.

    -ताऊ मदारी एंड कंपनी"

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  18. वैसे लिखी तो अप्रेल फूल पर है लेकिन है यह झा जी के मन की असल व्यथा...क्यूँ झा जी

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  19. चलिए मै भी आता हूँ आपके पीछे पीछे ...अप्रेल फूल की शुभकामना और बधाई ...

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  20. बहुत अच्छे सुन्दर फूल ...अंग्रेजी वाले ....:):)

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  21. कसम दे कर अपने तो हमें बांध दिया ,,नहीं तो मै भी न जाने कितनों की तरह कनारे से निकल जाता ,,की मैंने तो कुछ पढ़ा ही नहीं ,लेकिन ये तरीका आपका अच्छा लगा ..
    विकास पाण्डेय
    www.vicharokadarpan.blogspot.com

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  22. sir.....hame to laga tha blog jagat ka bhala hone wala hai....but hame kya pata tha ki.....!!!!

    ab ap bhi ise otherwise mat lijiyega!!!


    mhatwapurna diwas par hardik badhaai!!!!!!!!

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  23. भाड में जाए ब्लोग्गिंग मैं छोड रहा हूं इसे ........मैं सच कह रहा हूँ.... सुलभ

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  24. भाड में जाए ब्लोग्गिंग मैं छोड रहा हूं ........

    कारण स्पष्ट है बिल्कुल " आप हमें अप्रेल फूल बना रहे है "

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  25. ब्लोग्गिंग नहीं ब्लॉगिंग या ब्लॉगरी ।
    ब्लॉगरी छोड़ दिए ठीक ही किए बड़ा टैम नोकसान होता था। ..अगली पोस्ट कब आ रही है ?

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  26. आज मूर्ख दिवस मनाने में इतना व्यस्त रहा कि कहीं किसी ब्लॉग पर जाना हुआ नहीं यद्यपि दिवस विशेष का ख्याल रख यहाँ चला आया हूँ और आकर अच्छा लगा. धन्यवाद दिवस विशेष पर की गई अपेक्षाओं पर आप खरे उतरे!!

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  27. शायद आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज बुधवार के चर्चा मंच पर भी हो!
    सूचनार्थ!

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पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

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