इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

मंगलवार, 29 जून 2010

कटौती का जमाना है ....एक लाईना से काम चलाईये (कुछ पोस्ट लिंक्स )

आज यकायक ही लगा कि भई कटौती का जमाना है तो फ़िर हम सबका फ़र्ज़ है कि इस जमाने के साथ चलने का कुछ न कुछ यत्न तो करें ही । तो फ़िर आज एक लाईना ही पेश किए देते हैं आपके लिए , अब दो लाईना में से इससे ज्यादा क्या कटौती करें भाई ....


तुम्हारा नाम लिखूं
..........हां अब कौन सा नाम देख कर माईनस प्लस का टंटा बचा है ।


तख्ता पलट दो ससुरों का .....और ऐसा सारे दामाद मिल कर करें ..


अब क्या करोगे राज भाई .....वेलेंटाईन डे भी चला गया जो प्रेमी प्रेमिका पीटते ..


क्या इंडली में भी फ़र्जीवाडे की झलक दिख रही है ? .. क्या कहा नहीं ....फ़ौरन ही थ्रीडी चश्मा खरीद डालिए ..सब दिखता है ।


दिन हरज़ाई ........आज भी बारिश न आई ।


प्राईम टाईम ...जरा हंस लें मुस्कुरा लें ....... रोने के लिए टीवी प्राईम टाईम ही लगा लें ।


ब्लागवाणी को लेकर हम ...
तब तक लिखते रहेंगे जब तक वो वापस न आ जाए ।


जीवन के स्टेशन पे
..कभी भी एडवांस रिजर्वेशन नहीं मिलता


गड्ढा ..
बस गिरते ही ठहाके शुरू ।


ये पैरेंटिंग नहीं आसान ..खासकर जब उसके साथ साथ ब्लोग्गिंग भी करनी हो तो ।


उदास होके भी मैं क्या पाऊंगा ....कुछ नहीं , इसलिए ऐसे ही हंसते खेलते रहिए ..पोस्ट ठेलते रहिए ।



सर , आप तो बडे ही क्यूट हैं .. कोई ऐसा कहे तो फ़ौरन समझ जाईये कि ...आपके साथ वो गे आंदोलन शुरू करने वाला है ।



याद आते हैं दूरदर्शन के वे दिन ....ओह ये पढ कर तो हमें भी अपना पेजर याद आ गया ....देखता हूं कहां गया ??


पाप और पुण्य ..
प से पाप , प से पुण्य , प से पोस्ट , प से पाठक ......



ब्लागवाणी छुट्टी पर , अंगना में आई हमारवाणी ...बस फ़टाक से इस नए अंगना में उछल कूद शुरू करो


एसएमएस से मिलेगी सीट : फ़िलहाल तो पोस्ट ही नदारद मिली है


महंगाई मार गई ..बस ब्लोग लिखना ही सस्ता रह गया है अब तो


विरोध करने का तरीका कैसा होना चाहिए ....सिर्फ़ लिख कर बताएं ..यहां हडताल, जाम , बंदी वगैरह करने की गुंजाईश नहीं है


आज के लिए इतना ही ...डोज़ पसंद आया तो ..कहिएगा ...यही प्रेस्क्रिपशन जारी रहेगा अभी कुछ दिनों तक ।

19 टिप्‍पणियां:

  1. मज़ेदार!
    (आपके नुस्खे पर अमल करते हुए आज टिप्पणी के शब्दों में कटौती किए दे रहे हैं)

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  2. बहुत पसंद आई जी आप की एक लाईन की कंजुसी भी

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  3. यह भी एक प्रयोग ही है, जो हमारी दृष्टि में सफल है.

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  4. अजय भाई, बहुत मस्त लगी चर्चा ..........मेरे ब्लॉग को शामिल करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार !

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  5. एक लेना भी खूब रही ...आनंद आ गया ... बस आप की एक लाइना को पढ़कर जल्दी लिख रहा हूँ ....."" ब्लागिंग में रोने के लिए प्राईम टाइम कब होता है और प्राईम टाइम में ब्लागर कब रोता है"" हा हा हा हा

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  6. जय हो महाराज

    एक लाईन गजब की हैं।

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  7. क्या ब्लोगिंग में भी डीकंट्रोल हो रहा है ?
    अच्छा है ५० % कटौती ।

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  8. चिट्ठा चर्चा का यह रूप लीक से हट कर और रोचक है.

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  9. अच्छी रही एक लाईना चर्चा...

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  10. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  11. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  12. वाह जी वाह! एक ही लाइन में बात ख़त्म, कमाल है. लोगो पर समय कम है, इसी लिए मैंने भी अपना ब्लॉग "छोटी बात" बनाया है.

    क्या करें जबसे ब्लॉगवाणी गई है पाठक गण बड़ी मुश्किल से मिलते हैं. :-(

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  13. झा जी के अंदाज़ निराले मेरे भईया...!!

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पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

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