इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

बुधवार, 16 सितंबर 2009

आज साईज़ बडा है...कई चिट्ठों को पढा है, (चिट्ठी चर्चा)



मुझे लग ही रहा था कि...कल वाली चर्चा को देख कर सब कहेंगे..झाजी ने लगता है ...टीपने के साथ साथ पढना भी कम कर दिया है...मगर यकीन मानिये...दोनों में से ही कोइ बात नहीं है...आप कभी नहीं मानते न मेरा...लिजीये...आज ही बानगी पेश है...और जल्दी ही प्रमाण पत्र भी दिखाऊंगा..चलिये फ़िलहाल तो पाकेट साईज़ से बढ कर थली साईज़ चर्चा का मज़ा लिजीये...


हिंदी के भक्त अनेक , कितनों ने धरे कितने रूप,



जब भूख लगे तो बस गाना गा, हो के मन में रत,



भैया, इत्ता ही समझ आया, है कुछ न कुछ लोचा,



एक मुख्यमंत्री कुछ अलग सा है नाम है उसका रमन,



देखिये कैसे छुट्टी में क्या करते हैं हीरो लोग,



उफ़्फ़ बेवफ़ी होकर भी ख्यालों से जाती नहीं,



आप भी स्नेह स्वरूप, टीप कर आशीष दिजीये...



क्या गिला किया जाये , अपने मासूम यार का,



आप रह नहीं पायेंगे, टीपे बगैर, पोस्ट पढने के बाद..



सीढीयों वाले कमरे से पढिये पिता पुत्र कथा,




फ़ाईव स्टार होटल का इन्हें अनुभव हुआ अनोखा,




आप पढिये या ट्रेन पर चढिये, मगर बोलिये टेण-टेणेण



जिन हस्तियों को इतिहास ने अपने भीतर छुपाया,




अब क्या कहूं कि कैसे नहीं थे...




पोस्ट का शीर्षक , छोटा कमरा, बडी खिडकियां,



हौकी को मार गयी, रोल मौडल की कमी...



इस उपलब्धि पर आपको ढेरों बधाई हो सरकार....




बस इससे आगे की दास्तां, आप खुदही पढ लो यार...


अपनी बातों में , क्या क्या कह जाती...


हंसना हो तो इस पोस्ट का मजा लिजीये..




अरे इतना पढ कर खो गये किन विचारों में,




चलिये आज इतना ही......अब न कहियेगा कि हम पढते नहीं हैं.......

16 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर चर्चा। आज तो खूब मजा आया इसे पढ़ कर। हमारी पोस्ट का जिक्र ऊपर से दूसरे नंबर पर ही आ गया। झट से टिकिट कटाया और लाइन से बाहर।

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  2. पुर्जा बताकर पुर्जी थमा रहे है जनाब बहुत आपका भी जबाब नहीं .

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  3. नहीं कहेंगे कि आप पढ़ते नहीं हैं,
    हम तो इतना जानते हैं कि आपकी मज़ेदार चर्चा से हम कई ब्लॉग पढ़ जाते हैं :-)

    बी एस पाबला

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  4. बढिया चिट्ठा चर्चा...


    मेरे ब्लॉग को इसमें स्थान देने के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद

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  5. हम तो अभी भी कहेंगे कि आप पढते नहीं हैं:)

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  6. टिप्पनी जरुर कम दिख रही हैं मगर पढ़ाई में तो कोई कमी नजर आती नहीं. :)

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  7. ब्लॉगिंग में आपके श्रम की सराहना करता हूँ!

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  8. अरे ! हम कभी नहीं कहते कि आप कम पढ़ते हैं ।
    चर्चा ने सबूत दे दिया है आपके पठन का । आभार ।

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  9. @ शेफाली पांडेय
    अजय कुमार झा की मेहनत के आगे
    बड़े बड़े नत हैं
    पोस्‍टें धांसू चुनते हैं
    वैसे विरत हैं।

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  10. कल मैं पोस्‍टों को पढ नहीं सकी थी .. इससे अच्‍छे अच्‍छे लिंक मिल गए .. धन्‍यवाद !!

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  11. अच्छी प्रस्तुति....बहुत बहुत बधाई...
    मैनें अपने सभी ब्लागों जैसे ‘मेरी ग़ज़ल’,‘मेरे गीत’ और ‘रोमांटिक रचनाएं’ को एक ही ब्लाग "मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी"में पिरो दिया है।
    आप का स्वागत है...

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  12. बहुत खूब, चर्चा के लिये निरंतरता बहुत जरूरी है जो आप बनाये हुये हैं!

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  13. Links ke madhyam se post aur bhi majedar ban gai hai.

    शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनायें !!

    हमारे नए ब्लॉग "उत्सव के रंग" पर आपका स्वागत है. अपनी प्रतिक्रियाओं से हमारा हौसला बढायें तो ख़ुशी होगी.

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  14. i mat samjhiye ki ham aapka blog bhulaaye hain
    der ho gayi hai fir bhi dekhiye aaj ham aaye hain
    chittha charcha ka aap bahut badhiya chaupaal lagaye hain
    ek bora dhanyawaad ka hamhun lekar aaye hain...

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पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

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