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रविवार, 11 नवंबर 2007

बहुतों से तो हमही लोग better हैं भाई

आज अचानक ई ख्याल आया कि यार अपने लोगों के चारों तरफ कितना बवाल मचल है भाई। पाकिस्तान में देखिए त ई मुश्र्राफ्वा जब देखो अपन फौजी वर्दी को धो पोच के प्रेस कर के पहन लेता है आ बन जाता है जनरल साहब । चाहे शरीफ साहब हों कि बेनजीर बीबी कोनो का खैर नहीं है। बर्मा का भी लगभग ओही हालचाल है उहाँ भी ऊ बेचारी कमजोर सी अंग सां सू की अकेले अपना दम पर लड़ाई लड़ रही है आ पूरा वर्ल्ड का मर्दावा सब खाली तमाशा देख रहा है।

अब पड़ोसी नेपलवा को ही देखिए ना जब से लोकतंत्र लोकतंत्र खेल ऱहा है तबे से हर चौथा दिन ओकरा प्रधानमंत्री ही नया नया बन जा ऱहा है आ ई सब से बेचारा मधेशिया सब का बात सब एकदम पीछे छूटता जा रह है। बंगलादेश का त पूछिये मत वहाँ त जितना नेता अऊर नेएतानी सब थी सबको जेल्वा में ठूस दिहिस है आ कोनो पूछने वाला नहीं है। श्रीलंकन का भी हाल कोनो ठीक नहीं हैं । जब लिट्टे वाला सब गरमा गया त लड़ाई शुरू।

ऐसन में त लगता है कि हमनी लोग ही ठीक हैं भैया। बस ई ज़रा नंदीग्राम में सब ठीक होई jaye

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पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

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