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बुधवार, 12 अगस्त 2009

चिट्ठी चर्चा वाली , हमने फिरसे डाली

देश में स्वाइन फ्लू का कहर फैलता जा रहा है....स्कूल , कॉलेज ,सिनेमा, दफ्तर ..सब बंद किये जा रहे हैं...बस एक बात समझ में नहीं आती की ...जब कुछ समय पहले से ही इसकी प्रसार और आक्रमण की खबरें थी तो ..सरकार , स्वास्थ्याजागत ,,,क्यूँ नहीं ...पहले से एहतियात बरत कर ..इसके लिए खुद और जनमानस को तैयार कर सकी....जो भी हो अब तो इश्वर से एक ही प्रार्थना है की ..जल्दी ही ये हालत काबू में आ जाएँ ....

आज की चर्चा आपके लिए पेश है ....


निंदा की जाए चीन की , या दिया जाए धन्वाद ,
इसका फैसला कीजिये , ये पोस्ट पढने के बाद

इन तरही गज़लों को पढिये , आँखें तर कीजिये,
पसंद आयें तो टिप्प्न्नी से पोस्ट को भर दीजिये

शब्दावली में आज अर्थ जानिए अभिवादन का,
दोगुना हो जाएगा , भाषा के रसास्वादन का

तोफा बन गया सोफा , किसको हुआ कबूल ,
पढिये -हंसिये, जो हँसना गए हैं भूल

ब्लॉगजगत की पहली पिक्चर हो रही है रिलीज
ताऊ जी की शोले का टिकट अभी से ले लीजिये प्लीज

वंडरफुल लाईफ है , दुनिया हुई निगोड़ी ,
डाक्टर साहब अपने अंदाज में जो न कह जाएं थोडी

बिना पढ़े ही कैसे पसंद मिली, मनीषा ने किया सवाल
अलबेला जी की साफगोई ने , फिर से किया कमाल

छोटे विवेक जी आज है जनम दिन, आशीष दीजिये,
स्वप्नलोक के नौनिहालों से आप भी मिलिए

इनकी नींद को कौन उड़ा के ले गए ,
सुंदर सी पोस्ट में वे , सबको, बहा के ले गए

थोडा सा ज्ञान पाइए , थोडा सा मनोरंजन ,
आ रहा गूगल का नया सर्च इंजन ..

राष्ट्रकवि और हिंदी के ठाठ देखिये ,
अमर बाबु ने लगाई कैसी वाट देखिये..

शब्दशिखर में वन्देमातरम और मुस्लिम समाज है,
रोज की तरह , फिर से इक सार्थक पोस्ट आज है

क्या है लड़की , मीनू जी बता रही हैं,
समाज को सच का आईना दिखा रही हैं

फटाफट पहुँचिये , आप भी लीजिये इनको पहचान ,
अरे नकदी की भी व्यवस्था है ,इनाम में श्रीमान

कंप्यूटर शब्दावली को बतलाता ब्लॉग ये अनोखा ,
क्यूँ नहीं पहुंचे अब तक , किसने है रोका

कुश भाई ने चर्चा करके नाम रख दिया चर्चु,
बधाई हो कुश मिया, सुना आप बन गए चाचू

हमने पूछा आदि से , और क्या कर रहे हो भाई,
अले अंकल आप भी देखो , खिलोने की कैसी बैंड बजाई

स्वाइन फ्लू की खबर से मनोज जी बोले बाप रे बाप,
इसके अलावा क्या क्या कहा , खुद पढ़ लीजिये आप..

दो बातें एहसास की तन्हाई में कीजिये
मैं ज्यादा क्या कहूँ , आप ही पढ़ लीजिये

अच्छा जी ...राम राम...अपना और अपनों का इस फ्लू के कहर में ध्यान रखिये ....

14 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी चिट्ठाचर्चा में बहुते दम है

    ब्लॉगजगत का बन गया नामी स्तंभ है

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  2. संगीता जी की बात से सवा सोलह आने सहमत।
    बहुत मेनहत कर रहे हैं आप ।
    आराम की मात्रा बढ़ाइए। नहीं तो सुअरा. . !
    समझ गए न । आज कल माहौल अस्वास्थ्यकारी है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत गजब के छंद रचते हो आप भी.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  4. मुझे नहीं लगता कि आप मेहनत करते होंगे, सिवाय ब्लॉग टटोलने और लिखने के :-)

    अरे ऐसे गजब के छंद तो आप जैसे चंद व्यक्ति सहज-सरल-सुगम-सधे तरीके से, बस यूँ ही गुनगुनाने लग जाते होंगे।

    हम तो बस इन्हें पढ़ते हुए बस वाह-वाह किए जाते हैं!

    अगली गुनगुनाहट के लिए प्रतीक्षारत

    उत्तर देंहटाएं
  5. आंखों और दिमाग की

    बहुत तगड़ी मेहनत करते
    हैं इसमें अजय जी।

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह ! क्या बढिया चर्चा बनाते हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  7. जो भी चिटठा-चर्चा आपने आज डाली है
    ज्यादातर हमने भी आज वो पढ़ डाली है..
    बहुत खूब..

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह...वा
    यह दोहों में ब्लाग चर्चा भी खूब रही।
    शुक्रिया अजय भाई....:)

    उत्तर देंहटाएं

पढ़ लिए न..अब टीपीए....मुदा एगो बात का ध्यान रखियेगा..किसी के प्रति गुस्सा मत निकालिएगा..अरे हमरे लिए नहीं..हमपे हैं .....तो निकालिए न...और दूसरों के लिए.....मगर जानते हैं ..जो काम मीठे बोल और भाषा करते हैं ...कोई और भाषा नहीं कर पाती..आजमा के देखिये..

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