फ़ॉलोअर

चिटठा चर्चा.. लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चिटठा चर्चा.. लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 10 जुलाई 2011

द संडे हेडलाइंस ..झा जी का वन लाईनर बुलेटिन


समाचार वाचक आपके अपने ही हैं ..




विश्व का सबसे बडा लतीफ़ा :- और किसानों के साथ सबसे बडा मजाक


टॉप हिन्दी ब्लॉग :Top Hindi Blogs :- मेट्रिक के परीक्षा में टॉप है कि बी ए के खुदे देखिए



धर्मपत्नी का मतलब :- ध्यान रहे, धर्मपत्नी कतई न पढने पावे


नायक :- अनिल कपूर वाला नहीं जी , उससे भी धांसू है


गिराने से ,गिर जाने से , सरकार :- धकियाने को कबसे ही जनता भी तैयार


दुआ की उम्र :- बडी लंबी और बडी छुपी सी होती है


रैपीडेक्स टीप्पणी कोर्स , मात्र दस मिनट में टीप्पणी करना सीखें :- और ग्याहरवें मिनट में आप कमेंट टाईप करते हुए दिखने चाहिए , समझे न


लाल मेरी पत रखियो भला :- झूले लालण जिंदडी वे ..



एस पी सिंह की रचनाओं का पहला संकलन :- बताइए जब ई रिजेक्ट माल है तो एक्सेप्ट माल क्या होगा



फ़ीका रहा  आईफ़ा 2011:- काहे , मुन्नी ,सीला , रज़िया और ज़िलेबी ब्रांड मसल्ला यूज नय हुआ क्या


भगवान को भी जलन होने लगी :- global warming इफ़ेक्क्ट , बाबू भईया , global warming इफ़्फ़ेक्ट



हैदराबाद से दिल्ली : एक रोमांटिक रेल यात्रा :- या जाटां दा रोमांस सै रे भाया ..


स्वाहा :- ओम फ़ट स्वाहा ..


बिग बॉस में जाने के लिए दागी और करप्ट होना जरूरी है ;- फ़िर तो बिग बॉस के लिए कोई आस न न बनाएं मन में


सूरज की कमर में बादलों का धागा :- सिलते ही कुर्ता आखिर कौन ले के भागा


तोसे नैना  लड गए जो इक बार :- फ़ट्ट से उसी समय फ़िर पोस्ट भई तैयार


एक कैदी की डायरी :- एक युग , एक पन्ना


नेचर कॉलिंग :- कम हेयर डार्लिंग


ब्लॉग पर लगा ताला कैसे खोलें :- हम सब सुनते हैं , पाबला जी बोलें


रेलवे ने लांच की एम-टिकट की सुविधा :- अभी तो पटरी , और उलटती ट्रेनों की दुविधा


ये इज़हार हो जाते हैं :- इक पोस्ट फ़िर बो आते हैं


इंतहा हो गई ...हर बात की :- अभी एक और आएगी पोस्ट , कल रात की







गुरुवार, 27 अगस्त 2009

आज की चिट्ठी चर्चा



आज कुछ भी लिखने का मन नहीं कर रहा है..सो सीधे सीधे चर्चा पर आता हूँ..


ताउजी के परिचय नामा में,आज मेहमान हैं इक ख़ास,
वाचस्पति जी ज्ञानी हैं, नाम है अविनाश

आंखों की धार भी चुपचाप बहती है,


देर किस बात की है , भई, जल्दी किजीये..

बता रहे हैं, कहां आजकल इन दोनों का डेरा..

कुछ नहीं लिखने का था मन तो ,लिखा दनादन,

शाम का अंधेरा देखा होगा, अब शाम का देखिये उजाला,


शिक्षा के क्षेत्र में ये चली है कैसी हवा...


लो जी..आज अचानक एक घट्ना हो गयी सच्ची,


आपने नहीं पढा क्या, नाम है चोखेरबाली..


एयरटेल और डिश टीवी में क्या है आखिर अंतर,


इन्होंने जीता पुरुस्कार, आप तो मुंह मीठा किजीये,


भविश्यवाणी है ये , इस बार दिवाली में दिक्कत आयेगी,


आप भी जानिये, हिन्दी ब्लोग्गिंग में हम क्या कर रहे हैं,


वो कह्ते हैं, उन्हें मिली थी एक लडकी ,


खून की क्या हुई कीमत, पोस्ट पढ के ही जानी


रविश जी की कलम से आज कौन है छपिस,


तसवीरें देख के , हम तो गये सिहर

उनको आप समझाइये, इसलिये आप तक पहुंचाया है..


ऐसे ही शब्दों से अजित बाबु करा रहे पह्चान


आपकी इस लेखनी पर कुर्बान जन-जन..


आप तो खुद ही देखिये, मैं क्या कहूं, हज़रात...


हंसने हंसाने में ही तो है, जिंदगी का राज...



चलिये ..तो बस आज इतना ही...
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...